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पीजीआई : वार्ड से बाहर जाने के लिए कहने पर महिला एएसआई ने जूनियर डॉक्टर का पकड़ा कॉलर, हंगामा

Sun, 29 Aug 2021 12:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 12:56 AM IST
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PGI: Woman ASI caught junior doctor's collar when asked to leave the ward, uproar
पीजीआई में एमएस कार्यालय के बाहर जुटे डॉक्टर। अमर उजाला
पीजीआईएमएस में वार्ड के अंदर डॉक्टर के राउंड के दौरान मरीज के साथ सादे कपड़े में आई महिला एएसआई को बाहर जाने के लिए कहने पर हंगामा हो गया। आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी ने जूनियर डॉक्टर का कॉलर पकड़ लिया और अपशब्द कहे। इससे नाराज डॉक्टरों ने काम छोड़कर एमएस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। विवाद बढ़ता देख मौके पर डीएसपी सज्जन सिंह पहुंचे और डॉक्टरों को शांत करने का प्रयास किया। डॉक्टरों की मांग पर जब महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया तब सभी शांत हुए।
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सर्जरी यूनिट तीन में महिला पुलिस और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के बीच हुआ विवाद शनिवार को उस समय बढ़ गया जब महिला पुलिसकर्मी ने अपनी गलती नहीं मानी। शिकायत में कहा गया कि महिला को सीनियर डॉक्टरों के राउंड के दौरान वार्ड से बाहर जाने को कहा गया था और वह नहीं गई। जब महिला पुलिस को समझाने का प्रयास किया गया तो उन्होंने डॉक्टर की कॉलर पकड़ ली और भला बुरा कहा। इसकी सूचना जूनियर रेजिडेंट ने सीनियर डॉ. सुरेंद्र वर्मा को दी। इस पर डॉ. वर्मा ने तकरीबन आधा घंटे तक महिला को समझाया लेकिन उसने अपशब्द बोलना नहीं छोड़ा। इसके बाद डॉक्टरों ने काम छोड़ दिया और सभी मिलकर अपनी सुरक्षा को लेकर एमएस कार्यालय पर एकत्रित हो गए। वहीं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से कार्य प्रभावित होने लगा तो सीनियर रेजिडेंटों ने काम संभाला। आरोप है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टर पीजीआईएमएस थाने भी गए, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई। इसके बाद जब विवाद बढ़ा तो डीएसपी सज्जन मौके पर पहुंचे और उन्होंने डॉक्टरों को शांत करने का प्रयास किया। लेकिन सभी डॉक्टरों ने महिला पुलिस अधिकारी के खिलाफ लिखित कार्रवाई की मांग की। पुलिस और डॉक्टरों के बीच तकरीबन डेढ़ घंटे चली तीखी नोक झोंक के बाद महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर फैसला हुआ। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि वार्ड में राउंड के दौरान मरीज के सहायकों को बाहर किया जाता है। इसमें महिला पुलिस को अभद्रता नहीं करनी चाहिए थी। वह पीजीआईएमएस थाने में भी गए, लेकिन थाना प्रभारी ने सभी को बाहर करते हुए एक ही व्यक्ति को अंदर आने के लिए कहा। मजबूरी में शाम छह बजे वह एमएस कार्यालय की ओर रवाना हुए।
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आपात विभाग की सेवाएं भी रहीं प्रभावित
डॉक्टर का कॉलर पकड़ने की सूचना कैंपस में फैल गई। इस कारण सभी वार्डों व आपात विभाग में भी काम ठप हो गया। डॉक्टर काम छोड़कर अपने सहयोगी के पास पहुंच गए। यहां सभी ने रोष प्रकट करते हुए अपनी सुरक्षा का मुद्दा उठाया। इसके चलते कंसलटेंट को आपात विभाग में जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। वार्ड भी लगभग सूने नजर आए। यहां नर्सिंग स्टाफ ही कार्य करता दिखाई दिया।
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महिला के खिलाफ डॉक्टर से वार्ड में अभद्रता करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद डॉक्टर मान गए हैं और काम पर लौट गए हैं।
- सज्जन सिंह, डीएसपी
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