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पीजीआई में 50 हजार में किडनी ट्रांसप्लांट

Sat, 18 Jul 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 18 Jul 2015 02:21 AM IST
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 जल्द ही पीजीआईएमएस रोहतक में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
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इसके लिए एम्स से बाकायदा प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।

यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हुई पीजीआईएमएस के अधिकारियों की बैठक में लिया।

इस दौरान विज ने कहा कि प्रदेश के किसी अस्पताल में यह सुविधा पहली बार उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए पीजीआईएमएस के चिकित्सकों और मेडिकल के विद्यार्थियों को एम्स, नई दिल्ली में प्रशिक्षण दिलावाया जाएगा।

 उन्होंने पीजीआईएमएस के कुलपति डॉ. ओपी कालड़ा को शीघ्र उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही आशा जताई कि डॉ. कालरा स्वयं नेफ्रोलॉजी के डॉक्टर हैं और इस दिशा में अच्छा काम किया जा सकता है।
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नहीं जाना पड़ेगा निजी अस्पताल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किडनी के ट्रांसप्लांट के लिए हरियाणा के लोगों को दिल्ली या अन्य निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। प्रदेश में इस सुविधा के बाद लोगों को काफी राहत मिलेगी। निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट में 4 से 5 लाख रुपये तक का जो खर्च आता है, उसके स्थान पर पीजीआई में मात्र 50 हजार रुपये की राशि में किडनी ट्रांसप्लांट करवाया जा सकेगा।
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अगले साल पीजीआई में ट्रामा सेंटर शुरू करने के निर्देश
विज ने पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर को एक अप्रैल, 2016 से चालू करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने ट्रॉमा सेंटर निर्माण के अधूरे काम को पूरा करने, आधुनिक उपकरणों को खरीदने, कर्मचारियों की भर्ती व अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए तुरंत कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. खंडेलवाल भी उपस्थित रहे।


निर्माण में देरी की जांच करेंगे विकास यादव
विज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में करीब सात साल के निर्माण कार्य के बावजूद भी ट्रॉमा सेंटर पूरा नहीं हुआ। निर्माण में हुई देरी और उसके लिए जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए इसकी जांच एनएचएम के पूर्व निदेशक विकास यादव को सौंपी है।
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