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पीजाआईएमएस में सामने आया नया घोटाला, पीजी डॉक्टर ले रहा दोहरा वेतन, बिना मंजूरी चार बार की विदेश यात्रा
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रोहतक। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का बहुचर्चित गार्ड घोटाला और डॉक्टरों की अवैध विदेश यात्रा का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि संस्थान के एक पीजी डॉक्टर का डबल सैलरी लेने का मामला सामने आ रहा है। सरकारी संस्थान से सैलरी लेने के अलावा पीजी डॉक्टर ने बॉक्सिंग फैडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से सैलरी ली और चार बार अवैध तरीके से विदेश यात्रा भी की। मामला सामने आने पर पीजीआई प्रशासन की ओर से जांच शुरू की गई है।
बॉक्सिंग फेडरेशन के निदेशक प्रबंधन की चार मई को जारी मेल में खुलासा हुआ है कि पीजी ऑर्थो नेशनल बॉक्सिंग अकेडमी के जिला बॉक्सिंग कोचिंग कैंप में 2018 से कंस्लटेंट के पद पर तैनात है। लेकिन हमारे पास मौजूद कागजात से ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है कि डॉक्टर साईं, एनबीए में रेगुलर या अनियमित रूप से तैनात है। इस संबंध में मांगी गई जानकारी को एकत्रित करेंगे और संस्थान को सूचित करेंगे। वह जांच करवाएंगे कि डॉक्टर ने कितनी सैलरी व भत्ते लिए हैं। अधिकारी ने अपने जवाब में कहा कि डॉक्टर चार बार इंडियन बॉक्सिंग टीम के साथ विदेश में जूनियर व सीनियर विंग के साथ विदेश गया है। इसका सारा खर्च आने-जाने व ठहरने का फेडरेशन ने उठाया है। इसके साथ ही 25 डालर प्रतिदिन के हिसाब से पॉकेट मनी भी दी गई है। फिलहाल लॉकडाउन के कारण वह घर से काम कर रहे हैं। वह सारे कागजात एकत्रित कर जांच करेंगे, इसमें समय लग सकता है। आप पीजी डॉक्टर का पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसकी कापी संस्थान के लॉ ऑफिसर, निदेशक, रजिस्ट्रार को दी गई है।
उठ रहे सवाल
- बगैर गाइड व एचओडी की अनुमति के चार बार विदेश यात्रा की मंजूरी किसने दी
- एक सरकारी डॉक्टर दो जगह एक साथ उपस्थिति कैसे दिखा सकता है और सैलरी कैसे ले सकता है
गार्ड घोटाले में चल रही ढीली कार्रवाई तो हवाई मामला पड़ा ठंडा
संस्थान के गार्ड घोटाले में चार एसआईटी गठित हो चुकी है। इसमें दो सुरक्षा अधिकारी नौकरी गवां चुके हैं, जबकि एक डीएमएस चार्ज शीट हो चुके हैं। चार्जशीट का समय पूरा होने के बावजूद वह संस्थान में ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं डॉक्टरों की अवैध विदेश यात्रा का मामला स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में आने के बावजूद ठंडे बस्ते में चला गया है। जांच के नाम पर संस्थान ने महज लीपापोती की है।
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एक शिकायत के आधार पर पीजी डॉक्टर की जांच चल रही है। इसके लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से कार्रवाई के लिए कागजात मांगे गए हैं। बगैर अनुमति किसी को विदेश जाने व एक समय में दो जगह वेतन लेने की अनुमति नहीं है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस
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बॉक्सिंग फेडरेशन के निदेशक प्रबंधन की चार मई को जारी मेल में खुलासा हुआ है कि पीजी ऑर्थो नेशनल बॉक्सिंग अकेडमी के जिला बॉक्सिंग कोचिंग कैंप में 2018 से कंस्लटेंट के पद पर तैनात है। लेकिन हमारे पास मौजूद कागजात से ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है कि डॉक्टर साईं, एनबीए में रेगुलर या अनियमित रूप से तैनात है। इस संबंध में मांगी गई जानकारी को एकत्रित करेंगे और संस्थान को सूचित करेंगे। वह जांच करवाएंगे कि डॉक्टर ने कितनी सैलरी व भत्ते लिए हैं। अधिकारी ने अपने जवाब में कहा कि डॉक्टर चार बार इंडियन बॉक्सिंग टीम के साथ विदेश में जूनियर व सीनियर विंग के साथ विदेश गया है। इसका सारा खर्च आने-जाने व ठहरने का फेडरेशन ने उठाया है। इसके साथ ही 25 डालर प्रतिदिन के हिसाब से पॉकेट मनी भी दी गई है। फिलहाल लॉकडाउन के कारण वह घर से काम कर रहे हैं। वह सारे कागजात एकत्रित कर जांच करेंगे, इसमें समय लग सकता है। आप पीजी डॉक्टर का पूरा विवरण उपलब्ध कराएं। इसकी कापी संस्थान के लॉ ऑफिसर, निदेशक, रजिस्ट्रार को दी गई है।
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उठ रहे सवाल
- बगैर गाइड व एचओडी की अनुमति के चार बार विदेश यात्रा की मंजूरी किसने दी
- एक सरकारी डॉक्टर दो जगह एक साथ उपस्थिति कैसे दिखा सकता है और सैलरी कैसे ले सकता है
गार्ड घोटाले में चल रही ढीली कार्रवाई तो हवाई मामला पड़ा ठंडा
संस्थान के गार्ड घोटाले में चार एसआईटी गठित हो चुकी है। इसमें दो सुरक्षा अधिकारी नौकरी गवां चुके हैं, जबकि एक डीएमएस चार्ज शीट हो चुके हैं। चार्जशीट का समय पूरा होने के बावजूद वह संस्थान में ड्यूटी कर रहे हैं। वहीं डॉक्टरों की अवैध विदेश यात्रा का मामला स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में आने के बावजूद ठंडे बस्ते में चला गया है। जांच के नाम पर संस्थान ने महज लीपापोती की है।
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एक शिकायत के आधार पर पीजी डॉक्टर की जांच चल रही है। इसके लिए जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से कार्रवाई के लिए कागजात मांगे गए हैं। बगैर अनुमति किसी को विदेश जाने व एक समय में दो जगह वेतन लेने की अनुमति नहीं है।
- डॉ. एचके अग्रवाल, रजिस्ट्रार, पीजीआईएमएस