फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   People cover their noses when they see a public toilet, while those responsible turn a blind eye.

Rohtak News: सार्वजनिक शौचालय देख लोग नाक ढकते, जिम्मेदार आंख मूंदते

Thu, 21 May 2026 12:59 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
People cover their noses when they see a public toilet, while those responsible turn a blind eye.
13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद
करिश्मा रंगा
विज्ञापन

रोहतक। शहर में नगर निगम की ओर से बनाए गए सार्वजनिक शौचालय खुद बदहाली का शिकार हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में शौचालयों की स्थिति का जायजा लिया गया तो कहीं ताले लटके मिले, कहीं टूटे गेट और जर्जर लेंटर दिखाई दिए। इन्हें देख लोग नाक ढक रहे हैं तो जिम्मेदार आंख मूंद रहे हैं।
कई जगहों पर गंदगी, बदबू, टूटी सीटें और पानी की कमी देखने को मिली। दिव्यांगों के लिए बने शौचालय भी बंद मिले। नगर निगम के स्वच्छता दावों के बीच जमीनी हालात लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन


पीजीआई में गंदगी और बदबू से बुरा हाल

पीजीआईएमएस परिसर के सार्वजनिक शौचालय की स्थिति सबसे खराब मिली। यूरिनल भरे हुए और सीट टूटी मिली। अंदर और बाहर दोनों तरफ गंदगी फैली हुई थी। बदबू से लोगों का बुरा हाल था। आलम यह था कि लोग मुंह ढंककर निकलने को मजबूर थे।। स्थानीय लोगों ने बताया कि लंबे समय से यहां नियमित सफाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीपार्क और नेकी राम कॉलेज के पास टूटा पड़ा लेंटर

डीपार्क क्षेत्र में बने सार्वजनिक शौचालय की छत का लेंटर टूटा मिला। पंडित नेकीराम कॉलेज के पास बने शौचालय का लेंटर भी जर्जर हालत में मिला। आसपास के दुकानदारों ने कहा कि शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं करवाई गई। लोगों में डर है कि कभी भी बड़ा हिस्सा गिर सकता है।

पावर हाउस पर दिव्यांगों के लिए बना शौचालय बंद

पावर हाउस क्षेत्र में बने सार्वजनिक शौचालय में दिव्यांगों के लिए बनाया गया अलग शौचालय पर ताला लटका मिला। लोगों ने सवाल उठाया कि जब जरूरतमंद लोगों के लिए बनी सुविधा ही उपलब्ध नहीं है तो उसका उद्देश्य क्या रह जाता है। स्थानीय लोगों ने निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया।

टूटे गेट और सुरक्षा पर सवाल

एमडीयू गेट नंबर-1 क्षेत्र के सार्वजनिक शौचालय का मुख्य गेट टूटा मिला। इससे अंदर की स्थिति बाहर से दिखाई दे रही थी। महिलाओं ने इसे असुरक्षित बताया। कई अन्य शौचालयों में भी दरवाजे और कुंडियां टूटी मिलीं। लोगों का कहना है कि इस कारण महिलाएं और बुजुर्ग सार्वजनिक शौचालय इस्तेमाल करने से बचते हैं।

क्या बोले स्थानीय निवासी-
सार्वजनिक शौचालयों की हालत देखकर लगता ही नहीं कि यहां कभी सफाई होती होगी। लोग मजबूरी में गंदगी के बीच शौचालय इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन नगर निगम को इसकी कोई चिंता नहीं है। -साक्षी, देव कॉलोनी निवासी।


दिव्यांगों के लिए बने शौचालय तक बंद पड़े हैं। कई जगह छत टूटी हुई है और गेट खराब हैं। अगर समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। -कुसुम, तिलक नगर निवासी।

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

13-नगर निगम के टिकोना पार्क के आगे बंद पड़े शौचालय। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed