अनोखा विरोध: मृत बता बुजुर्ग की पेंशन काटी, बैंड बाजे के साथ रथ पर अपने जीवित होने का प्रमाण देने पहुंचे
आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीनज जयहिंद के साथ 102 वर्षीय बुजुर्ग दुलीचंद अपने जीवित होने का प्रमाण देने उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां एडीसी महेंद्रपाल ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में पेंशन काटे जाने से आहत 102 वर्षीय दुलीचंद गुरुवार को बैंड बाजे के साथ अपने जीवित होने का प्रमाण देने पहुंचे। पगड़ी पहन, हाथ में फरसा लेकर रथ पर सवार बुजुर्ग पेंशन लाभार्थी के आगे बैंड की धुन पर थिरकते लोग भी शामिल रहे। आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद के साथ बुजुर्ग मानसरोवर पार्क से अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां एडीसी महेंद्रपाल ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
गुरुवार को अपनी पेंशन काटे जाने के विरोध में बुजुर्ग दुलीचंद रथ पर सवार होकर एडीसी कार्यालय पहुंचे। इससे पूर्व मानसरोवर पार्क में नवनीन जयहिंद के नेतृत्व में समाज के लोग एकजुट हुए। यहां सभी ने बुजुर्ग की पेंशन काटने की निंदा करते हुए इसे तुरंत दोबारा शुरू करने की अपील की।
यह भी पढ़ें : Haryana: SYL पर खामोश रहे केजरीवाल, आदमपुर में रिश्तेदारियां गिनाकर मांगे वोट
यहां सभा करने के बाद सभी रथ के सामने बैंड की धुन पर नाचते गाते हुए एडीसी कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान बुजुर्ग ने अपने हाथ में खुद के जिंदा होने के संबंध में लिखी पट्टिका भी थामी हुई थी। एडीसी कार्यालय पहुंचकर बुजुर्ग ने एडीसी व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर को ज्ञापन सौंपा।
यह भी पढ़ें : Haryana: फर्जी पंजीकरण कर दूसरे राज्यों से सस्ती धान खरीद सरकार को महंगे दामों में बेचते थे, 31 पर केस दर्ज
नवीन जयहिंद ने कहा कि गांधरा निवासी दुलीचंद 102 साल के हैं। उन्हें सरकार ने अपने रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उनकी बुढ़ापा पेंशन काट दी है। इस संबंध में प्रशासन को पेंशन दुरुस्त करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इस पर प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया। इसलिए यह प्रदर्शन किया गया।
यही नहीं, बुजुर्ग के आधार कार्ड, पैन कार्ड, फैमिली आईडी व बैंक स्टेटमेंट भी प्रशासन व पूर्व मंत्री को दिखाए गए। साथ ही उनसे सरकार के पास इन बुजुर्गों की पेंशन के लिए रुपये नहीं होने का सवाल किया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को उनकी पेंशन मिलनी चाहिए। यह उनका हक है। इस मौके पर अनेक लोग मौजूद रहे।