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Rohtak News: पेंशन वित्त विधेयक को वापस लिया जाए
Sat, 30 Aug 2025 03:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 30 Aug 2025 03:09 AM IST
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अपनी मांगों को लेकर आयोजित बैठक के दौरान नारेबाजी करते रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के सदस्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ हरियाणा की बैठक कर्मचारी भवन में राज्य प्रधान वजीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। लोकसभा में पारित किया गया पेंशन वित्त विधेयक को तुरंत वापस लिया जाए नहीं तो संघ 17 सितंबर को जंतर मंतर पर धरना देगा।
संचालन राज्य महासचिव रतन जिंदल ने किया। बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई और एक आंदोलन का कार्यक्रम तैयार किया गया। 18 सितंबर को फरीदाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
बैठक का मुख्य केंद्र सरकार की ओर से मार्च 2025 में लोकसभा में पारित किए गए वित्त विधेयक 2025 पर था, जिस पर संघ ने पेंशनभोगियों के अधिकारों के लिए एक बड़े खतरे के रूप में चिंता व्यक्त की। इस विधेयक के कारण, आठवें वेतन आयोग का लाभ पुराने पेंशनरों पर लागू नहीं होगा, जिसके विरोध में संघ ने संघर्ष की घोषणा की।
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संघ की प्रमुख मांगों में पेंशन वित्त विधेयक 2025 को रद्द करना, 18 माह के महंगाई भत्ते के एरियर को ब्याज सहित जारी करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त चिकित्सा उपचार और मेडिकल भत्ता 3000 रुपये प्रति माह शामिल हैं।
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रोहतक। सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ हरियाणा की बैठक कर्मचारी भवन में राज्य प्रधान वजीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। लोकसभा में पारित किया गया पेंशन वित्त विधेयक को तुरंत वापस लिया जाए नहीं तो संघ 17 सितंबर को जंतर मंतर पर धरना देगा।
संचालन राज्य महासचिव रतन जिंदल ने किया। बैठक में विभिन्न मांगों पर चर्चा हुई और एक आंदोलन का कार्यक्रम तैयार किया गया। 18 सितंबर को फरीदाबाद में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
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बैठक का मुख्य केंद्र सरकार की ओर से मार्च 2025 में लोकसभा में पारित किए गए वित्त विधेयक 2025 पर था, जिस पर संघ ने पेंशनभोगियों के अधिकारों के लिए एक बड़े खतरे के रूप में चिंता व्यक्त की। इस विधेयक के कारण, आठवें वेतन आयोग का लाभ पुराने पेंशनरों पर लागू नहीं होगा, जिसके विरोध में संघ ने संघर्ष की घोषणा की।
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संघ की प्रमुख मांगों में पेंशन वित्त विधेयक 2025 को रद्द करना, 18 माह के महंगाई भत्ते के एरियर को ब्याज सहित जारी करना और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त चिकित्सा उपचार और मेडिकल भत्ता 3000 रुपये प्रति माह शामिल हैं।