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Rohtak News: प्रदूषण से बढ़े रहे हाथ-पांव पर छोटे-छोटे दाने और खुजली के मरीज
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रोहतक। प्रदूषण ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। प्रदूषण के कारण न सिर्फ सांस के मरीजों को समस्या हो रही है बल्कि त्वचा एलर्जी वाले केस भी सामने आ रहे हैं। संवेदनशील त्वचा वाले मरीजों को इस मौसम में ज्यादा समस्या आ रही है। खासकर एक्जिमा (शुष्क त्वचा और खुजलीदार पैच), एक्ने प्रोन स्किन (मुंहासे वाली त्वचा) और सोरायसिस के मरीजों को। इन मरीजों को प्रदूषण की ज्यादा मार पड़ रही है। जिनकी त्वचा सूखी और संवेदनशील है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रदूषण के कारण त्वचा के खासकर हाथ और पांव में दाने के मरीज आ रहे हैं।
गीली त्वचा पर लगाएं मॉइस्चराइजर
दाने और खुजली होने की स्थिति में हाथ और पांव गुनगुने पानी से धोने चाहिए। त्वचा को सूखा न होने दें। परामर्श किए मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। इस मौसम में मॉइस्चराइजर को रुटिन बना लें। जैसे दिन में दो बार ब्रश करते हैं, ठीक उसी प्रकार से माॅइस्चाइजर का प्रयोग करें। जिनकी त्वचा सूखी है वह स्नान के बाद गिली त्वचा मॉइस्चराइजर लगाएं।
त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए यह बरतें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट अपने खान-पान में बढ़ाने की जरूरत है। इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं। इन रंगों के फल और सब्जी आहार में सेवन करना चाहिए। इसमें दो से तीन फल और चार से पांच सब्जियां हैं। इन सात रंगों में भरपूर मात्रा में विटामिन मिनरल्स आदि मिल जाएंगे, जो ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने और आरोग्य में मदद करेंगे। दूसरी चीज त्वचा के लिए फाइबर खाना जरूरी होता है। क्योंकि गट बैक्टीरिया फाइबर खाता है। फाइबर फल और सब्जियों के रेसे में होता है। जूस में नहीं होता है। इसलिए जूस के बजाया सीधे फलों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ अनाज में ज्वार, बाजरा और तिन्नी के चावल (लाल कत्थई रंग के) का सेवन करें।
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प्रदूषण में कई ऐसे कण होते हैं जो त्चचा में जाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे छोटे-छोटे दाने निकलते हैं। जोकि खुजली और जलन से धीरे लाल हो जाते हैं। इससे त्वचा शुष्क हो जाती है। त्वचा की चमक नहीं रहती। संवेदनशील त्वचा के लिए सबसे जरूरी है कि त्वचा को कपड़ों से पूरी तरह से ढककर रखें। अधिक से अधिक घर मे रहने की कोशिश करें। मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
-डॉक्टर दिनेश मलिक, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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गीली त्वचा पर लगाएं मॉइस्चराइजर
दाने और खुजली होने की स्थिति में हाथ और पांव गुनगुने पानी से धोने चाहिए। त्वचा को सूखा न होने दें। परामर्श किए मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। इस मौसम में मॉइस्चराइजर को रुटिन बना लें। जैसे दिन में दो बार ब्रश करते हैं, ठीक उसी प्रकार से माॅइस्चाइजर का प्रयोग करें। जिनकी त्वचा सूखी है वह स्नान के बाद गिली त्वचा मॉइस्चराइजर लगाएं।
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त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए यह बरतें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट अपने खान-पान में बढ़ाने की जरूरत है। इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं। इन रंगों के फल और सब्जी आहार में सेवन करना चाहिए। इसमें दो से तीन फल और चार से पांच सब्जियां हैं। इन सात रंगों में भरपूर मात्रा में विटामिन मिनरल्स आदि मिल जाएंगे, जो ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने और आरोग्य में मदद करेंगे। दूसरी चीज त्वचा के लिए फाइबर खाना जरूरी होता है। क्योंकि गट बैक्टीरिया फाइबर खाता है। फाइबर फल और सब्जियों के रेसे में होता है। जूस में नहीं होता है। इसलिए जूस के बजाया सीधे फलों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ अनाज में ज्वार, बाजरा और तिन्नी के चावल (लाल कत्थई रंग के) का सेवन करें।
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प्रदूषण में कई ऐसे कण होते हैं जो त्चचा में जाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे छोटे-छोटे दाने निकलते हैं। जोकि खुजली और जलन से धीरे लाल हो जाते हैं। इससे त्वचा शुष्क हो जाती है। त्वचा की चमक नहीं रहती। संवेदनशील त्वचा के लिए सबसे जरूरी है कि त्वचा को कपड़ों से पूरी तरह से ढककर रखें। अधिक से अधिक घर मे रहने की कोशिश करें। मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
-डॉक्टर दिनेश मलिक, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल