फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Patients suffering from small rashes and itching on hands and feet are increasing due to pollution

Rohtak News: प्रदूषण से बढ़े रहे हाथ-पांव पर छोटे-छोटे दाने और खुजली के मरीज

Wed, 20 Nov 2024 11:16 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 11:16 PM IST
विज्ञापन
Patients suffering from small rashes and itching on hands and feet are increasing due to pollution
रोहतक। प्रदूषण ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। प्रदूषण के कारण न सिर्फ सांस के मरीजों को समस्या हो रही है बल्कि त्वचा एलर्जी वाले केस भी सामने आ रहे हैं। संवेदनशील त्वचा वाले मरीजों को इस मौसम में ज्यादा समस्या आ रही है। खासकर एक्जिमा (शुष्क त्वचा और खुजलीदार पैच), एक्ने प्रोन स्किन (मुंहासे वाली त्वचा) और सोरायसिस के मरीजों को। इन मरीजों को प्रदूषण की ज्यादा मार पड़ रही है। जिनकी त्वचा सूखी और संवेदनशील है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रदूषण के कारण त्वचा के खासकर हाथ और पांव में दाने के मरीज आ रहे हैं।
विज्ञापन


गीली त्वचा पर लगाएं मॉइस्चराइजर
दाने और खुजली होने की स्थिति में हाथ और पांव गुनगुने पानी से धोने चाहिए। त्वचा को सूखा न होने दें। परामर्श किए मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। इस मौसम में मॉइस्चराइजर को रुटिन बना लें। जैसे दिन में दो बार ब्रश करते हैं, ठीक उसी प्रकार से माॅइस्चाइजर का प्रयोग करें। जिनकी त्वचा सूखी है वह स्नान के बाद गिली त्वचा मॉइस्चराइजर लगाएं।
विज्ञापन



त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए यह बरतें सावधानी

विशेषज्ञों के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट अपने खान-पान में बढ़ाने की जरूरत है। इंद्रधनुष में सात रंग होते हैं। इन रंगों के फल और सब्जी आहार में सेवन करना चाहिए। इसमें दो से तीन फल और चार से पांच सब्जियां हैं। इन सात रंगों में भरपूर मात्रा में विटामिन मिनरल्स आदि मिल जाएंगे, जो ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने और आरोग्य में मदद करेंगे। दूसरी चीज त्वचा के लिए फाइबर खाना जरूरी होता है। क्योंकि गट बैक्टीरिया फाइबर खाता है। फाइबर फल और सब्जियों के रेसे में होता है। जूस में नहीं होता है। इसलिए जूस के बजाया सीधे फलों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ अनाज में ज्वार, बाजरा और तिन्नी के चावल (लाल कत्थई रंग के) का सेवन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन





प्रदूषण में कई ऐसे कण होते हैं जो त्चचा में जाकर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। जिससे छोटे-छोटे दाने निकलते हैं। जोकि खुजली और जलन से धीरे लाल हो जाते हैं। इससे त्वचा शुष्क हो जाती है। त्वचा की चमक नहीं रहती। संवेदनशील त्वचा के लिए सबसे जरूरी है कि त्वचा को कपड़ों से पूरी तरह से ढककर रखें। अधिक से अधिक घर मे रहने की कोशिश करें। मॉइस्चराइजर का प्रयोग करें। ज्यादा समस्या होने पर चिकित्सक से जांच कराएं।
-डॉक्टर दिनेश मलिक, त्वचा रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed