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डिस्प्ले पर कोच की सही स्थिति नहीं प्रदर्शित होन से यात्रियों को हो रही परेशानी
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रेलवे स्टेशन पर लगी बड़ी एलईडी, जिस पर एक भी बार यातियों को नहीं बताया जाता ट्रेनों का समय। अमर उजा
- फोटो : RohtakCity
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रेलवे स्टेशन पर लगाए गए कोच डिस्प्लेे बोर्ड यात्रियों के सामने मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। अधिकांश ट्रेन का सही डिस्प्लेे नहीं होने पर यात्री इधर-उधर भागते नजर आते हैं, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव दो मिनट है। वहीं, ट्रेनों के आने का समय बताने के लिए लगाई गई एलईडी स्क्रीन गाड़ियों की समय सारणी न प्रदर्शित कर केवल विज्ञान दिखाने तक ही सिमट कर रह गई है। लंबे समय से चल रही यह समस्या सिर्फ रेलवे अफसरों का एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की वजह से खत्म नहीं हो रही।
रेलवे प्रशासन ने करीब दो साल पहले स्टेशन पर कई बड़ी एलईडी लगवाई थी। तब अधिकारियों का कहना था कि एलईडी पर यात्रियों को ट्रेनों के आने का समय बताया जाएगा। बीच-बीच में विज्ञापन और मनोरंजन के लिए गीत-संगीत दिखाए जाएंगे। शुरू में यह एलईडी काफी समय से बंद रही तब अधिकारियों ने बताया कि कनेक्शन नहीं होने की वजह से चालू नहीं हुई है। अब काफी समय से एलईडी चल रही है तो उस पर सिर्फ विज्ञान दिखाए जा रहे हैं। 24 घंटे में एक भी बार यात्रियों को ट्रेन के आने-जाने का समय नहीं दिखाया जाता है। इस वजह से यात्रियों को बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाना पड़ता है।
वहीं, स्टेशन पर आने वाली लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों के कोच का डिस्प्लेे सही नहीं होता है। यात्री रेलवे की तरफ से किए गए डिस्प्लेे के हिसाब से अपने आरक्षित कोच में चढ़ने के लिए खड़े होते हैं मगर जब ट्रेन आती है तो कोच आगे-पीछे होते हैं। चूंकि ट्रेनें दो मिनट रुकती हैं, इसलिए यात्रियों को कोच में सवार होने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। सिग्नल होने की स्थिति में यात्रियों को नजदीकी कोच में चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि यात्रियों को होने वाली परेशानी से रेलवे अधिकारी अनभिज्ञ हैं। अधिकारी जानते हैं, मगर समस्या का निदान करने के बजाय एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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एसएनटी (सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन) विभाग को कनेक्टविटी करनी है तभी बड़ी एलईडी पर ट्रेनों का समय डिस्प्लेे होगा। यही कोच डिस्प्लेे बोर्ड की समस्या का निदान करेंगे। पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया है। -पंकज राजपाल, सीएमआई रोहतक
हमारी जिम्मेदारी सिर्फ डिस्प्लेे का सही संचालन करने की है। यदि कोई खराबी आती है, तो हम दूर करेंगे। ट्रेनों के समय व कोच डिस्प्लेे की सूचना कामर्शियल विभाग की तरफ से दी जाती है, हमारी तरफ से नहीं। -पीटर, इंचार्ज एसएनटी रोहतक।
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रेलवे प्रशासन ने करीब दो साल पहले स्टेशन पर कई बड़ी एलईडी लगवाई थी। तब अधिकारियों का कहना था कि एलईडी पर यात्रियों को ट्रेनों के आने का समय बताया जाएगा। बीच-बीच में विज्ञापन और मनोरंजन के लिए गीत-संगीत दिखाए जाएंगे। शुरू में यह एलईडी काफी समय से बंद रही तब अधिकारियों ने बताया कि कनेक्शन नहीं होने की वजह से चालू नहीं हुई है। अब काफी समय से एलईडी चल रही है तो उस पर सिर्फ विज्ञान दिखाए जा रहे हैं। 24 घंटे में एक भी बार यात्रियों को ट्रेन के आने-जाने का समय नहीं दिखाया जाता है। इस वजह से यात्रियों को बार-बार पूछताछ केंद्र पर जाना पड़ता है।
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वहीं, स्टेशन पर आने वाली लंबी दूरी की अधिकांश ट्रेनों के कोच का डिस्प्लेे सही नहीं होता है। यात्री रेलवे की तरफ से किए गए डिस्प्लेे के हिसाब से अपने आरक्षित कोच में चढ़ने के लिए खड़े होते हैं मगर जब ट्रेन आती है तो कोच आगे-पीछे होते हैं। चूंकि ट्रेनें दो मिनट रुकती हैं, इसलिए यात्रियों को कोच में सवार होने के लिए इधर-उधर भागना पड़ता है। सिग्नल होने की स्थिति में यात्रियों को नजदीकी कोच में चढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि यात्रियों को होने वाली परेशानी से रेलवे अधिकारी अनभिज्ञ हैं। अधिकारी जानते हैं, मगर समस्या का निदान करने के बजाय एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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एसएनटी (सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन) विभाग को कनेक्टविटी करनी है तभी बड़ी एलईडी पर ट्रेनों का समय डिस्प्लेे होगा। यही कोच डिस्प्लेे बोर्ड की समस्या का निदान करेंगे। पहले भी अधिकारियों को अवगत कराया है। -पंकज राजपाल, सीएमआई रोहतक
हमारी जिम्मेदारी सिर्फ डिस्प्लेे का सही संचालन करने की है। यदि कोई खराबी आती है, तो हम दूर करेंगे। ट्रेनों के समय व कोच डिस्प्लेे की सूचना कामर्शियल विभाग की तरफ से दी जाती है, हमारी तरफ से नहीं। -पीटर, इंचार्ज एसएनटी रोहतक।