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जिला उपभोक्ता आयोग ने लगाया बैंक पर 8 हजार रुपये जुर्माना
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रोहतक। ट्रक मालिक के खाते से दो बार राशि पेट्रोल पंप मालिक के खाते में ट्रांसफर करने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंक पर आठ हजार रुपये हर्जाना लगाया है। साथ ही आदेश दिए हैं कि एक माह के अंदर उपभोक्ता के खाते में 14 हजार 900 रुपये ब्याज सहित लौटाएं।
मामले के अनुसार बालंद गांव निवासी संजय ने 4 सितंबर 2019 को जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की थी कि उसने रेवाड़ी के नारनौल रोड स्थित पेट्रोल पंप से ट्रक में 14 हजार 900 रुपये का डीजल डलवाया था। इसके लिए सितंबर 2018 में पंप मालिक के खाते में ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसके बाद दिसंबर में दोबारा से इतनी ही राशि उसके खाते से पंप मालिक को ट्रांसफर कर दी गई। उसने शिवाजी कॉलोनी स्थित बैंक शाखा में संपर्क किया। बैंक मैनेजर ने मुख्यालय में ई-मेल करने का भरोसा दिया। बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। उसने पंप मालिक से भी संपर्क किया, लेकिन उसने भी सहयोग नहीं किया। आखिर में ट्रक मालिक ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने नोटिस भेजकर बैंक मैनेजर व पंप मालिक से जवाब मांगा। एक बार बैंक मैनेजर ने आयोग में जवाब दिया कि उन्होंने मुख्यालय ई-मेल की है। इसके बाद भी राशि ट्रक मालिक के खाते में वापस नहीं की गई। अब आयोग के चेयरमैन नगेंद्र कादियान ने फैसला सुनाया है कि बैंक ट्रक मालिक को 14 हजार 900 रुपये ब्याज सहित लौटाएं। साथ ही पांच हजार रुपये हर्जाने और तीन हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर एक माह में दें।
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मामले के अनुसार बालंद गांव निवासी संजय ने 4 सितंबर 2019 को जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका दायर की थी कि उसने रेवाड़ी के नारनौल रोड स्थित पेट्रोल पंप से ट्रक में 14 हजार 900 रुपये का डीजल डलवाया था। इसके लिए सितंबर 2018 में पंप मालिक के खाते में ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसके बाद दिसंबर में दोबारा से इतनी ही राशि उसके खाते से पंप मालिक को ट्रांसफर कर दी गई। उसने शिवाजी कॉलोनी स्थित बैंक शाखा में संपर्क किया। बैंक मैनेजर ने मुख्यालय में ई-मेल करने का भरोसा दिया। बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। उसने पंप मालिक से भी संपर्क किया, लेकिन उसने भी सहयोग नहीं किया। आखिर में ट्रक मालिक ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने नोटिस भेजकर बैंक मैनेजर व पंप मालिक से जवाब मांगा। एक बार बैंक मैनेजर ने आयोग में जवाब दिया कि उन्होंने मुख्यालय ई-मेल की है। इसके बाद भी राशि ट्रक मालिक के खाते में वापस नहीं की गई। अब आयोग के चेयरमैन नगेंद्र कादियान ने फैसला सुनाया है कि बैंक ट्रक मालिक को 14 हजार 900 रुपये ब्याज सहित लौटाएं। साथ ही पांच हजार रुपये हर्जाने और तीन हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर एक माह में दें।
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