{"_id":"6686e1b3b2b2b7986f088d0b","slug":"participants-learned-the-importance-of-innovation-in-the-field-of-biotechnology-rohtak-news-c-17-roh1020-456931-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: प्रतिभागियों ने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार का महत्व जाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: प्रतिभागियों ने जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार का महत्व जाना
Thu, 04 Jul 2024 11:23 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 04 Jul 2024 11:23 PM IST
विज्ञापन
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में वीरवर को ''आण्विक मॉडलिंग, ड्रग डिजाइनिंग और प्री-क्लिनिकल मूल्यांकन'' पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। सेंटर फॉर बायोइंफॉर्मेटिक्स (सीबीआईएफ) और सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (सीबीटी) के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने किया।
कुलपति ने मानव जाति के कल्याण के लिए बहु-विषयक, सहयोगात्मक अनुसंधान का आह्वान किया। उन्होंने जैव सूचना विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया। वीसी ने विषय के उभरते क्षेत्रों पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए सीबीआईएफ और सीबीटी की पहल की सराहना की।
निदेशक, सीबीआईएफ डॉ. अजीत कुमार ने स्वागत भाषण दिया। निदेशक सीबीटी डॉ. रितु गिल ने कार्यशाला के दायरे पर प्रकाश डाला। जीव विज्ञान संकाय के डीन प्रो. राजेश धनखड़ ने भी अपने विचार रखे। आभार प्रदर्शन डॉ. महक दांगी ने व्यक्त किया। उद्घाटन सत्र का संचालन शोध छात्रा दीक्षा ने किया। इस मौके पर डीन, आरएंडडी प्रोफेसर अरुण नंदा, जीवन विज्ञान संकाय के विभागों के प्रमुख, संकाय सदस्य, अनुसंधान विद्वान, छात्र उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलपति ने मानव जाति के कल्याण के लिए बहु-विषयक, सहयोगात्मक अनुसंधान का आह्वान किया। उन्होंने जैव सूचना विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के महत्व को रेखांकित किया। वीसी ने विषय के उभरते क्षेत्रों पर कार्यशाला आयोजित करने के लिए सीबीआईएफ और सीबीटी की पहल की सराहना की।
विज्ञापन
निदेशक, सीबीआईएफ डॉ. अजीत कुमार ने स्वागत भाषण दिया। निदेशक सीबीटी डॉ. रितु गिल ने कार्यशाला के दायरे पर प्रकाश डाला। जीव विज्ञान संकाय के डीन प्रो. राजेश धनखड़ ने भी अपने विचार रखे। आभार प्रदर्शन डॉ. महक दांगी ने व्यक्त किया। उद्घाटन सत्र का संचालन शोध छात्रा दीक्षा ने किया। इस मौके पर डीन, आरएंडडी प्रोफेसर अरुण नंदा, जीवन विज्ञान संकाय के विभागों के प्रमुख, संकाय सदस्य, अनुसंधान विद्वान, छात्र उपस्थित रहे।
विज्ञापन