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Rohtak News: कारोर में मलिक खाप के चार गांवों की पंचायत, गांव में स्थायी चौकी बनेगी
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मोहित हत्याकांड को लेकर कारोर गांव में आयोजित पंचायत में मौजूद ग्रामीण। संवाद
रोहतक। आखिरकार 50 घंटे बाद पुलिस अधीक्षक के आश्वासन पर परिजनों और ग्रामीणों ने मोहित के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर, वारदात के तीन दिन बाद भी कारोर हत्याकांड में आरोपियों का सुराग नहीं लग सका। सीआईए की तीनों टीमों के अलावा आईएमटी थाने की पुलिस दबिश दे रही है।
इससे पूर्व मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कारोर गांव की जाट चौपाल में मलिक खाप के चार गांवों खरावड़, गांधरा, अटायल व कारोर की पंचायत हुई। पंचायत में करोर के सरपंच महिपाल सिंह, गांधरा के सरपंच योगेश कुमार, अटायल के सरपंच राजबीर व खरावड़ के सरपंच दीपक भी पहुंचे। ढाई घंटे चली पंचायत में तीन मांगें प्रमुख रूप से उठीं। गांव में शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए स्थायी पुलिस चौकी बनाने, मृतक मोहित के परिवार को सुरक्षा और भाई और पिता का आर्म्स लाइसेंस बनाने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रस्ताव पास किया गया। तय हुआ कि एक प्रतिनिधिमंडल आईजी कार्यालय पहुंचकर एडीजीपी कृष्ण कुमार राव से मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल आईजी कार्यालय पहुंचा, लेकिन एडीजीपी कार्यालय में नहीं थे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल एसपी हिमांशु गर्ग से उनके कार्यालय में मिला। एसपी के ठोस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट हुए और डेड हाउस से शव लेकर गांव में पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में मृतक का हत्या के तीसरे दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया।
महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। एसपी के सामने मांग रखी कि गांव में स्थायी पुलिस चौकी बनाई जाए, मृतक के पिता व भाई का आर्म्स लाइसेंस बनाया जाए और पुलिस को सुरक्षा मिले। साथ ही आरोपियों को जल्द काबू किया जाए। एसपी ने ठोस आश्वासन देते हुए कहा कि मुख्यालय ग्रामीणों की मांग भेजी जाएगी। जब तक स्थायी पुलिस चौकी की अनुमति नहीं आती, तब तक गांव में पुलिस की टीम तैनात रहेगी।
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महिपाल सिंह, सरपंच, कारोर, रोहतक
ग्रामीण एसपी से मिले थे। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रहे हैं। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिवार को सुरक्षा दे दे गई है।
सुशील कुमार, थानाप्रभारी, आईएमटी, रोहतक
दिवाली के दिन दिनदहाड़े मारी थीं गोलियां
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक कारोर निवासी अजीत ने शिकायत दी थी रविवार को दोपहर उसका बेटा 27 वर्षीय मोहित घर आ रहा था। मोहित कुम्हारों वाली गली के सामने पहुंचा तो जतिन पुत्र श्रीभगवान ने कपिल, पलकीत निवासी कारोर सहित तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। 13 गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने गांव युवक विकास उर्फ भग्गा व नीरज पर भी जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। दोनों ने भागकर जान बचाई।
दूसरी पीढ़ी ने भी संभाली छाजू गैंग की भी कमान
जांच में सामने आया है कि 2001 से छाजू और छिप्पी गैंग में रंजिश चल रही है। इसमें 19 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। गांव के पूर्व सरपंच श्रीभगवान के परिवार के कई सदस्यों की हत्या हो चुकी है। 2018 में उसके भाई आनंदपाल की भी हत्या हो गई थी। अब उस गैंग की कमान श्रीभगवान के बेटे जतिन ने संभाल ली है। मोहित हत्याकांड में जतिन और उसके साथियों को नामजद कराया गया है। उधर, पहले से अनिल छिप्पी जेल से ही गैंग चला रहा है।
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इससे पूर्व मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कारोर गांव की जाट चौपाल में मलिक खाप के चार गांवों खरावड़, गांधरा, अटायल व कारोर की पंचायत हुई। पंचायत में करोर के सरपंच महिपाल सिंह, गांधरा के सरपंच योगेश कुमार, अटायल के सरपंच राजबीर व खरावड़ के सरपंच दीपक भी पहुंचे। ढाई घंटे चली पंचायत में तीन मांगें प्रमुख रूप से उठीं। गांव में शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए स्थायी पुलिस चौकी बनाने, मृतक मोहित के परिवार को सुरक्षा और भाई और पिता का आर्म्स लाइसेंस बनाने और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रस्ताव पास किया गया। तय हुआ कि एक प्रतिनिधिमंडल आईजी कार्यालय पहुंचकर एडीजीपी कृष्ण कुमार राव से मिलेगा। प्रतिनिधिमंडल आईजी कार्यालय पहुंचा, लेकिन एडीजीपी कार्यालय में नहीं थे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल एसपी हिमांशु गर्ग से उनके कार्यालय में मिला। एसपी के ठोस आश्वासन से ग्रामीण संतुष्ट हुए और डेड हाउस से शव लेकर गांव में पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में मृतक का हत्या के तीसरे दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया।
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महापंचायत के बाद एक प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला। एसपी के सामने मांग रखी कि गांव में स्थायी पुलिस चौकी बनाई जाए, मृतक के पिता व भाई का आर्म्स लाइसेंस बनाया जाए और पुलिस को सुरक्षा मिले। साथ ही आरोपियों को जल्द काबू किया जाए। एसपी ने ठोस आश्वासन देते हुए कहा कि मुख्यालय ग्रामीणों की मांग भेजी जाएगी। जब तक स्थायी पुलिस चौकी की अनुमति नहीं आती, तब तक गांव में पुलिस की टीम तैनात रहेगी।
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महिपाल सिंह, सरपंच, कारोर, रोहतक
ग्रामीण एसपी से मिले थे। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रहे हैं। अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिवार को सुरक्षा दे दे गई है।
सुशील कुमार, थानाप्रभारी, आईएमटी, रोहतक
दिवाली के दिन दिनदहाड़े मारी थीं गोलियां
पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक कारोर निवासी अजीत ने शिकायत दी थी रविवार को दोपहर उसका बेटा 27 वर्षीय मोहित घर आ रहा था। मोहित कुम्हारों वाली गली के सामने पहुंचा तो जतिन पुत्र श्रीभगवान ने कपिल, पलकीत निवासी कारोर सहित तीन अन्य युवकों के साथ मिलकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। 13 गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने गांव युवक विकास उर्फ भग्गा व नीरज पर भी जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। दोनों ने भागकर जान बचाई।
दूसरी पीढ़ी ने भी संभाली छाजू गैंग की भी कमान
जांच में सामने आया है कि 2001 से छाजू और छिप्पी गैंग में रंजिश चल रही है। इसमें 19 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। गांव के पूर्व सरपंच श्रीभगवान के परिवार के कई सदस्यों की हत्या हो चुकी है। 2018 में उसके भाई आनंदपाल की भी हत्या हो गई थी। अब उस गैंग की कमान श्रीभगवान के बेटे जतिन ने संभाल ली है। मोहित हत्याकांड में जतिन और उसके साथियों को नामजद कराया गया है। उधर, पहले से अनिल छिप्पी जेल से ही गैंग चला रहा है।