ये वैक्सीन है कमाल: TB इलाज के लिए गोलियों की जरूरत होगी खत्म, PGIMS में हुई CME में पद्मश्री डॉ. दिगंबर बोले
एमडीआर टीबी के इलाज के लिए नई दवा तैयार की जा रही है। जिसके देश में पिछले चार साल से ट्रायल चल रहा है जोकि अब अंतिम चरण में पहुंचा हुआ है। वहीं वैज्ञानिक भी इसके बेहतर परिणाम से संतुष्ट हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा विश्व पटल पर नई इबारत लिखने जा रहा है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द हम ट्यूबरक्लॉसिस (टीबी) पर अंकुश लगाने में सफल होंगे। पिछले चार साल से टीबी पर अंकुश लगाने वाली वैक्सीन तैयार की जा रही है। वैक्सीन भी एक नहीं दो हैं। इनका 12 हजार लोगों पर ट्रायल चल रहा है। यह ट्रायल अंतिम चरण में है।
देश में टीबी के इलाज के लिए पिछले चार साल से चल रहा वैक्सीन ट्रायल अंतिम चरण में पहुंचा
हालांकि अभी वैक्सीन कोड खोला नहीं गया है मगर इसके बेहतर परिणाम से वैज्ञानिक संतुष्ट हैं। वैक्सीन बनाने वाली टीम के सदस्य पीजीआईएमईआर (चंडीगढ़) के प्रोफेसर एमेरिट्स पद्मश्री डॉ. दिगंबर बहरा ने अमर उजाला से बातचीत में यह दावा किया है। रविवार को पीजीआईएमएस (रोहतक) के पल्मनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसन विभाग की ओर से आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) में शिरकत करने पहुंचे थे। सीएमई भी वैक्सीन की सफलता की संभावनाओं को सराहा गया है। सरकार ने भी वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में वैक्सीन अहम भूमिका निभा सकती है।
यह भी पढ़ें- हरियाणा का पहला RPTO: करनाल में ड्रोन पायलट बनेंगे युवा, एक साल में 500 को मिलेगा प्रशिक्षण
एमडीआर का छह माह में इलाज संभव
टीबी का बिगड़ा हुआ स्वरूप एमडीआर यानी मल्टी ड्रग रेजिस्टेंस टीबी उन्मूलन के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है। इस बाधा को वैज्ञानिकों ने काफी हद तक दूर करने का दावा किया है। इसके लिए एमडीआर टीबी के इलाज के लिए नई दवा तैयार की जा रही है। यह दवा एमडीआर टीबी वाले मरीज को छह माह में ठीक कर सकेगी। इसका ट्रायल भी अंतिम दौर से गुजर रहा है। वर्तमान में एमडीआर टीबी वाले मरीजों को नौ से 11 माह दवा लेनी होगी जबकि सामान्य टीबी के मरीजों के लिए दो साल दवा दी जाती है। भविष्य में इतने लंबे समय दवा लेने की जरूरत नहीं रहेगी।
प्रतिक्रिया
क्षय रोग से बचाव के लिए बच्चों को बीसीजी का टीका लगाना जरूरी है। अब तक यही एकमात्र इलाज है। वर्तमान में अंडर ट्रायल वैक्सीन दूसरा प्रयास होगा। सीएमई में वरिष्ठ चिकित्सकों ने टीबी संबंधी अनुभव साझा किए हैं। ये अनुभव टीबी उन्मूलन में अहम योगदान देंगे। -डॉ. ध्रुव चौधरी, अध्यक्ष, पल्मनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसन विभाग, पीजीआईएमएस, रोहतक।