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जिले में खुले स्कूल, डीईओ बोलीं-क्या जुल्म हो गया
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प्रदेश भर में बुधवार को शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर राजकीय अवकाश रहा, लेकिन रोहतक जिले में इस अवकाश के दिन भी कुछ स्कूलों में कक्षाएं लगी। हुआ नूं कि रोहतक में शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार दोपहर एक पत्र जारी हुआ। इस पत्र में बुधवार यानी ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर स्कूलों को अन्य दिनों की तरह खोलने के आदेश थे। हालांकि रात होते-होते विभाग के अधिकारियों ने मौखिक रूप से इन आदेशों को वापस भी ले लिया। लेकिन इस मौखिक आदेश के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण कुछ स्कूलों में कक्षाएं लगी, वहीं कई स्कूलों पर तो ताले जड़े रहे, लेकिन अध्यापक व विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए। उधर, इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा का अजीब ही तर्क है। उन्होंने कहा कि कोई स्कूल खुला था तो क्या जुल्म हो गया, बच्चे पढ़े ही तो हैं। छुट्टी रद्द करने के आदेश देना या इन आदेशों को वापस लेना विभागीय मामला है। वहीं, जो अध्यापक स्कूलों में पहुंचे हैं, वे 24 घंटे के कर्मचारी हैं। ये वही काम है, जिन कामों के लिए वे तनख्वाह लेते हैं।
याद रहे कि मंगलवार को जारी पत्र में कहा गया था कि अवकाश के दिन भी विद्यालय अन्य दिनों की तरह ही खुले रहेेंगे और सक्षम की कक्षाएं लगाने के साथ-साथ एमआईएस पोर्टल अपडेट करने व पौधगीरी अभियान के अंर्तगत जियो टैगिंग का कार्य करेंगे। जब विद्यालय प्रमुखों को विभाग के इन आदेशों की जानकारी मिली, तो उन्होंने रात को जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा से बात की। डीईओ ने इन आदेशों को मौखिक रूप से रद्द करते हुए बुधवार की छुट्टी करने की बात कही। लेकिन डीईओ के इन मौखिक आदेशों की जानकारी सभी अध्यापकों नहीं मिल पाई।
सलाह का दावा : पूरे हरियाणा में केवल रोहतक-सांपला ब्लॉक में लगी कक्षाएं
वहीं स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा (सलाह) व राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पहले लिखित में आदेश जारी करने व बाद में मौखिक तौर पर रद्द करने के घटनाक्रम को उलझन भरा बताया। सलाह के संरक्षक सुनील नेहरा ने दावा कि बुधवार को शहीद ऊधम सिंह बलिदान दिवस के अवकाश पर प्रदेश भर में केवल रोहतक व सांपला ब्लॉक में ही कक्षाएं लगी हैं। वहीं राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान रामराज काद्यान ने स्कूल पहुंचने वाले अध्यापकों के लिए प्रतिपूर्ति अवकाश की मांग की है।
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शहीद ऊधम सिंह के शहादत दिवस पर हरियाणा में राजपत्रित अवकाश, पंजाब में सिर्फ संगरूर में
जलियावालां बाग हत्याकांड के आरोपी अंग्रेज अधिकारी जनरल डायर को इंग्लैंड में जाकर मारने वाले स्वतंत्रता सेनानी ऊधम सिंह को अंग्रेज हुकूमत ने 31 जुलाई 1940 को फांसी दे दी गई। पंजाब के संगरूर जिले में पैदा होने वाले शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर एक ओर तो हरियाणा में राजकीय अवकाश घोषित है, वहीं उनके गृह राज्य यानी पंजाब में केवल संगरूर जिले में ही छुट्टी घोषित की जाती है।
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याद रहे कि मंगलवार को जारी पत्र में कहा गया था कि अवकाश के दिन भी विद्यालय अन्य दिनों की तरह ही खुले रहेेंगे और सक्षम की कक्षाएं लगाने के साथ-साथ एमआईएस पोर्टल अपडेट करने व पौधगीरी अभियान के अंर्तगत जियो टैगिंग का कार्य करेंगे। जब विद्यालय प्रमुखों को विभाग के इन आदेशों की जानकारी मिली, तो उन्होंने रात को जिला शिक्षा अधिकारी परमेश्वरी हुड्डा से बात की। डीईओ ने इन आदेशों को मौखिक रूप से रद्द करते हुए बुधवार की छुट्टी करने की बात कही। लेकिन डीईओ के इन मौखिक आदेशों की जानकारी सभी अध्यापकों नहीं मिल पाई।
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सलाह का दावा : पूरे हरियाणा में केवल रोहतक-सांपला ब्लॉक में लगी कक्षाएं
वहीं स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा (सलाह) व राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पहले लिखित में आदेश जारी करने व बाद में मौखिक तौर पर रद्द करने के घटनाक्रम को उलझन भरा बताया। सलाह के संरक्षक सुनील नेहरा ने दावा कि बुधवार को शहीद ऊधम सिंह बलिदान दिवस के अवकाश पर प्रदेश भर में केवल रोहतक व सांपला ब्लॉक में ही कक्षाएं लगी हैं। वहीं राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान रामराज काद्यान ने स्कूल पहुंचने वाले अध्यापकों के लिए प्रतिपूर्ति अवकाश की मांग की है।
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जलियावालां बाग हत्याकांड के आरोपी अंग्रेज अधिकारी जनरल डायर को इंग्लैंड में जाकर मारने वाले स्वतंत्रता सेनानी ऊधम सिंह को अंग्रेज हुकूमत ने 31 जुलाई 1940 को फांसी दे दी गई। पंजाब के संगरूर जिले में पैदा होने वाले शहीद ऊधम सिंह के बलिदान दिवस पर एक ओर तो हरियाणा में राजकीय अवकाश घोषित है, वहीं उनके गृह राज्य यानी पंजाब में केवल संगरूर जिले में ही छुट्टी घोषित की जाती है।