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बेटी को दहेज के लिए करते थे दुखी, तंग पूर्व थानेदार ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 22 Jan 2016 01:37 AM IST
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आंनदपुरा निवासी रिटायर्ड थानेदार आत्मप्रकाश की मौत के मामले में सुसाइड
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नोट मिलने के बाद नया मोड़ आ गया है। सुसाइड नोट में पूर्व थानेदार ने लिखा
है कि उसकी बेटी को ससुराल वाले दहेज के लिए तंग करते हैं, इसलिए वह जान
दे रहा है। आत्मप्रकाश की मौत को पहले तो परिजनों ने बीमारी से मौत समझा,
लेकिन कमरे की सफाई में मिले सुसाइड नोट से मामला पलट गया। अब परिजनों ने
पुलिस को शिकायत दी है।
सब्जी मंडी थाने में मृतक की बेटी के पति प्रेम, ससुर रामकुमार, सास सुमित्रा सहित संतोष, भूपेंद्र, दीपक, राजपाल, बिल्लू, नवदीप और सतपाल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि पुलिस को अभी तक ये नहीं पता चला है कि आत्मप्रकाश ने आत्महत्या कैसे की। आत्मप्रकाश मूल रूप से बवानीखेड़ा के गांव रतेरा के रहने वाले थे।
दरअसल आत्मप्रकाश की बेटी ममता की शादी दो साल पहले हिसार के चंदननगर निवासी प्रेम के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने ममता से दहेज मांगना शुरू कर दिया। जब महिला ने यह बात अपने पति को बताई तो उसने भी अनसुनी कर दी।
कु़छ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने ममता को पीटना शुरू कर दिया। ममता मायके में आई तो पंचायती तौर पर राजीनामा हो गया। इस पर ममता वापस ससुराल चली गई, लेकिन फिर से उसके साथ मारपीट की जाने लगी। आत्मप्रकाश के बेटे अनिल ने बताया कि 2 जनवरी को उनकी बहन दोबारा से मायके आ गई।
बेटी के साथ होने वाली कलह को लेकर आत्मप्रकाश तनाव में आ गए। 18 जनवरी को अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट के कुछ अंश
दाह संस्कार के अगले दिन परिजनों ने आत्मप्रकाश के कमरे की साफ सफाई की। बिस्तर के नीचे आत्मप्रकाश का सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि बेटी से लगातार हो रही मारपीट में समझौते को लेकर हम ममता के ससुराल गए थे। लेकिन यहां उसकी सास ने खुद का सिर दीवार में मारकर हमारे खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया। मैं अपने आप को शरीफ आदमी मानता हूं।
लेकिन इन लोगों ने मुझे इस हद पर ला दिया है कि मैं मौत को गले लगा रहा हूं। ये लोग जान से मारने की भी धमकी देते हैं। इनके कारण जीवनलीला खत्म कर रहा हूं। इन पांचों को भगवान, कानून और सरकार माफ न करें। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं। आत्मप्रकाश ने सुसाइड नोट में कुछ आरोपियों को नामजद किया है। पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को पता ही नहीं, कैसे की सुसाइड
पुलिस के सामने जांच को आगे बढ़ाना बड़ी चुनौती है। जांच अधिकारी देवेंद्र का कहना है कि पूर्व थानेदार के कमरे से अभी तक आत्महत्या करने से संबंधित कोई चीज बरामद नहीं हुई है। दूसरी तरफ पोस्टमार्टम से पहले ही आत्मप्रकाश का दाह संस्कार हो चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस के हाथ में नहीं है। अब सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
सब्जी मंडी थाने में मृतक की बेटी के पति प्रेम, ससुर रामकुमार, सास सुमित्रा सहित संतोष, भूपेंद्र, दीपक, राजपाल, बिल्लू, नवदीप और सतपाल के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। हालांकि पुलिस को अभी तक ये नहीं पता चला है कि आत्मप्रकाश ने आत्महत्या कैसे की। आत्मप्रकाश मूल रूप से बवानीखेड़ा के गांव रतेरा के रहने वाले थे।
दरअसल आत्मप्रकाश की बेटी ममता की शादी दो साल पहले हिसार के चंदननगर निवासी प्रेम के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने ममता से दहेज मांगना शुरू कर दिया। जब महिला ने यह बात अपने पति को बताई तो उसने भी अनसुनी कर दी।
कु़छ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने ममता को पीटना शुरू कर दिया। ममता मायके में आई तो पंचायती तौर पर राजीनामा हो गया। इस पर ममता वापस ससुराल चली गई, लेकिन फिर से उसके साथ मारपीट की जाने लगी। आत्मप्रकाश के बेटे अनिल ने बताया कि 2 जनवरी को उनकी बहन दोबारा से मायके आ गई।
बेटी के साथ होने वाली कलह को लेकर आत्मप्रकाश तनाव में आ गए। 18 जनवरी को अचानक उनकी तबियत खराब हो गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट के कुछ अंश
दाह संस्कार के अगले दिन परिजनों ने आत्मप्रकाश के कमरे की साफ सफाई की। बिस्तर के नीचे आत्मप्रकाश का सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखा गया है कि बेटी से लगातार हो रही मारपीट में समझौते को लेकर हम ममता के ससुराल गए थे। लेकिन यहां उसकी सास ने खुद का सिर दीवार में मारकर हमारे खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया। मैं अपने आप को शरीफ आदमी मानता हूं।
लेकिन इन लोगों ने मुझे इस हद पर ला दिया है कि मैं मौत को गले लगा रहा हूं। ये लोग जान से मारने की भी धमकी देते हैं। इनके कारण जीवनलीला खत्म कर रहा हूं। इन पांचों को भगवान, कानून और सरकार माफ न करें। ऐसे लोगों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं। आत्मप्रकाश ने सुसाइड नोट में कुछ आरोपियों को नामजद किया है। पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस को पता ही नहीं, कैसे की सुसाइड
पुलिस के सामने जांच को आगे बढ़ाना बड़ी चुनौती है। जांच अधिकारी देवेंद्र का कहना है कि पूर्व थानेदार के कमरे से अभी तक आत्महत्या करने से संबंधित कोई चीज बरामद नहीं हुई है। दूसरी तरफ पोस्टमार्टम से पहले ही आत्मप्रकाश का दाह संस्कार हो चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पुलिस के हाथ में नहीं है। अब सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।