{"_id":"57d472104f1c1b5d78318f10","slug":"officers-querrel-sugar-department-haryana-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना विभाग की बैठक में दो अधिकारी भिड़े, एक ने दूसरे को दी जान से मारने की धमकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना विभाग की बैठक में दो अधिकारी भिड़े, एक ने दूसरे को दी जान से मारने की धमकी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 11 Sep 2016 02:20 AM IST
विज्ञापन
खेती
- फोटो : ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बाद गन्ना विभाग के अधिकारियों की बैठक अखाड़ा बन गई। बात इतनी बढ़ी कि एक अधिकारी ने दूसरे अधिकारी को बैठक में ही जान से मारने की धमकी दे दी। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह की शिकायत पर कृषि विकास अधिकारी (गन्ना) शमशेर सिंह मलिक पर जान से मारने की धमकी का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह ने बताया है कि 29 अगस्त को जाट कॉलेज के सामने स्थित ऑफिस में अधिकारियों की बैठक थी। इसमें विभाग से जुड़े अधिकतर अधिकारी मौजूद थे। डॉ. शमशेर सिंह का आरोप है कि जैसे ही बैठक में विभाग की योजनाओं को लेकर चर्चा होने लगी तो कृषि विकास अधिकारी (गन्ना) शमशेर सिंह मलिक ने उनके साथ कहासुनी शुरू कर दी। कुछ देर में बात इतनी बढ़ गई कि मलिक ने सिंह को जान से मारने की धमकी दे दी। हाथापाई की नौबत आने पर अन्य अधिकारियों ने मामले को सुलझाया। इसके बाद सिंह ने मलिक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने करीब 10 दिनों की जांच के बाद शमशेर सिंह मलिक के खिलाफ शुक्रवार को केस दर्ज किया है।
किसानों का पैसा हुआ था चोरी
डॉ. शमशेर सिंह का कहना है कि कुछ समय पहले विभाग की एक योजना के अनुसार फसल के लिए सामान देने को लेकर किसानों से प्रति एकड़ 2400 रुपये जमा कराए गए थे। इस कारण लाखों रुपये विभाग के पास जमा थे। उनका कहना है कि सभी अधिकारियों ने विभाग में रुपये जमा करवा दिये, लेकिन मलिक ने रुपये जमा नहीं करवाए। मामले में विभाग ने जब मलिक को जवाब तलब किया तो उसने लिखित में प्रार्थना पत्र विभाग को भेजा। इसमें लिखा था कि उनकी अलमारी से रुपये और दस्तावेज चोरी हो गये। इसी बात को लेकर दोनों अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। मामले में जांच अधिकारी एएसआई नरेंद्र का कहना है कि दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। दोनों का पक्ष सुनने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह ऑफिस में समय पर नहीं पहुंचते हैं। ऑफिस की चाबी भी मुझे नहीं दी जाती है। जबकि मैं सही समय पर ऑफिस में पहुंचता हूं। जब मैंने ऑफिस समय पर नहीं आने का विरोध किया तो मेरे खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया। डॉ. शमशेर सिंह ने मुझ पर जो भी आरोप लगाये हैं वह निराधार हैं।
- शमशेर सिंह मलिक, कृषि विकास अधिकारी (गन्ना)
विज्ञापन
पुलिस को दी शिकायत में सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह ने बताया है कि 29 अगस्त को जाट कॉलेज के सामने स्थित ऑफिस में अधिकारियों की बैठक थी। इसमें विभाग से जुड़े अधिकतर अधिकारी मौजूद थे। डॉ. शमशेर सिंह का आरोप है कि जैसे ही बैठक में विभाग की योजनाओं को लेकर चर्चा होने लगी तो कृषि विकास अधिकारी (गन्ना) शमशेर सिंह मलिक ने उनके साथ कहासुनी शुरू कर दी। कुछ देर में बात इतनी बढ़ गई कि मलिक ने सिंह को जान से मारने की धमकी दे दी। हाथापाई की नौबत आने पर अन्य अधिकारियों ने मामले को सुलझाया। इसके बाद सिंह ने मलिक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने करीब 10 दिनों की जांच के बाद शमशेर सिंह मलिक के खिलाफ शुक्रवार को केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
किसानों का पैसा हुआ था चोरी
डॉ. शमशेर सिंह का कहना है कि कुछ समय पहले विभाग की एक योजना के अनुसार फसल के लिए सामान देने को लेकर किसानों से प्रति एकड़ 2400 रुपये जमा कराए गए थे। इस कारण लाखों रुपये विभाग के पास जमा थे। उनका कहना है कि सभी अधिकारियों ने विभाग में रुपये जमा करवा दिये, लेकिन मलिक ने रुपये जमा नहीं करवाए। मामले में विभाग ने जब मलिक को जवाब तलब किया तो उसने लिखित में प्रार्थना पत्र विभाग को भेजा। इसमें लिखा था कि उनकी अलमारी से रुपये और दस्तावेज चोरी हो गये। इसी बात को लेकर दोनों अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। मामले में जांच अधिकारी एएसआई नरेंद्र का कहना है कि दोनों अधिकारियों को नोटिस भेजकर जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। दोनों का पक्ष सुनने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. शमशेर सिंह ऑफिस में समय पर नहीं पहुंचते हैं। ऑफिस की चाबी भी मुझे नहीं दी जाती है। जबकि मैं सही समय पर ऑफिस में पहुंचता हूं। जब मैंने ऑफिस समय पर नहीं आने का विरोध किया तो मेरे खिलाफ केस दर्ज करवा दिया गया। डॉ. शमशेर सिंह ने मुझ पर जो भी आरोप लगाये हैं वह निराधार हैं।
- शमशेर सिंह मलिक, कृषि विकास अधिकारी (गन्ना)