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गाजीपुर घटनाक्रम के बाद खेड़ा बॉर्डर पर बढ़ी किसानों की तादाद
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खेड़ा बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसान। संवाद
- फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर 49 दिनों से धरने पर बैठे किसानों के पड़ाव को स्थानीय किसानों का भी साथ मिलने लगा है। गणतंत्र दिवस परेड के बाद यहां किसानों की संख्या कम हो गई थी, लेकिन गाजीपुर बॉर्डर पर वीरवार शाम को हुए घटनाक्रम के बाद शुक्रवार को यहां किसानों की संख्या बढ़कर दो हजार के पार हो गई हैं। वहीं हाईवे स्थित सर्विस रोड पर वाहनों का आवागमन जारी है। आज किसान महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर एक दिन का उपवास रखेंगे।
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर राजस्थान-हरियाणा सहित अनेक राज्यों के किसान 13 दिसंबर को हाईवे के रास्ते दिल्ली कूच कर रहे थे। हरियाणा पुलिस ने खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड एवं कंटेनर लगाकर उन्हें वहीं रोक दिया गया। गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड में भारी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया था। लाल किला की घटना के बाद किसानों की संख्या में कम होने लगी थी। वीरवार शाम को गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत के साथ हुए घटनाक्रम के बाद यहां किसानों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होने लगी है। शुक्रवार सुबह खेड़ा बॉर्डर किसानों के पड़ाव में किसानों की संख्या करीब एक हजार थी, लेकिन शाम होते-होते यहां किसानों की संख्या दो हजार के पार हो गई।
किसान आंदोलन को खराब करना चाहती है सरकार
किसानों के पड़ाव को संबोधित करते हुए किसान नेता डॉ. राम माधव व भाकियू हरियाणा के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत सहित अन्य ने कहा कि सरकार किसानों के आंदोलन को खत्म करना चाहती है। लाल किला पर हुआ घटनाक्रम भाजपा की साजिश थी, जो अब नाकाम हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलित किसान किसी भी सूरत में वापस नहीं होंगे।
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कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर राजस्थान-हरियाणा सहित अनेक राज्यों के किसान 13 दिसंबर को हाईवे के रास्ते दिल्ली कूच कर रहे थे। हरियाणा पुलिस ने खेड़ा बॉर्डर पर बैरिकेड एवं कंटेनर लगाकर उन्हें वहीं रोक दिया गया। गणतंत्र दिवस पर प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड में भारी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया था। लाल किला की घटना के बाद किसानों की संख्या में कम होने लगी थी। वीरवार शाम को गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत के साथ हुए घटनाक्रम के बाद यहां किसानों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होने लगी है। शुक्रवार सुबह खेड़ा बॉर्डर किसानों के पड़ाव में किसानों की संख्या करीब एक हजार थी, लेकिन शाम होते-होते यहां किसानों की संख्या दो हजार के पार हो गई।
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किसान आंदोलन को खराब करना चाहती है सरकार
किसानों के पड़ाव को संबोधित करते हुए किसान नेता डॉ. राम माधव व भाकियू हरियाणा के प्रदेश सचिव रामकिशन महलावत सहित अन्य ने कहा कि सरकार किसानों के आंदोलन को खत्म करना चाहती है। लाल किला पर हुआ घटनाक्रम भाजपा की साजिश थी, जो अब नाकाम हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलित किसान किसी भी सूरत में वापस नहीं होंगे।
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