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Rohtak News: अब नगर निगम को बनानी होंगी मुख्य सड़कें, कैबिनेट की मंजूरी के बिना नहीं सिरे चढ़ी योजना
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रोहतक। शहर की मुख्य सड़कों को लोक निर्माण विभगा (पीडब्लयूडी) से बनवाने की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। क्योंकि उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के सामने अधिकारियों ने कहा तकनीकी पेंच अड़ा दिया। कहा कि केबिनेट द्वारा प्रस्ताव पास करने के बाद ही विभाग दूसरे विभाग की सड़कों का निर्माण कर सकता है। लंबी प्रक्रिया के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गए। ऐसे में नगर निगम ने खुद ही अपनी प्रमुख सड़कें बनाने का निर्णय लिया है।
शहर में लंबे समय से मुख्य सड़कों का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इसके कारण न केवल काॅलोनियों में, बल्कि मुख्य मार्गों में भी गड्ढे हो गए हैं। नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण बजट की कमी के चलते केवल जोड़ लगा पा रहा है। जबकि जरूरत नए सिरे से सड़कों के निर्माण की है। पिछले दिनों जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मेयर ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को इससे अवगत कराया। साथ ही मांग की कि वे अपने विभाग लोक निर्माण से शहर की मुख्य सड़कों का निर्माण करवा दें। मेयर ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी थी। इसके चलते सोमवार को मेयर ने नगर निगम व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों से सड़कों का ब्योरा मांगा था। अधिकारियों ने संयुक्त तौर पर मेयर को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें बताया है कि एचएसवीपी की सड़कों के निर्माण पर 26 करोड़ व नगर निगम की सड़कों पर 10 करोड़ की लागत आएगी। इसके अलावा खुद पीडब्लयूडी 29 करोड़ का टेंडर करके अपने हिस्से की सड़कों का दोबारा से निर्माण करवाएगा। शनिवार को मेयर चंडीगढ़ गए और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को सड़कों का ब्योरा सौंपा।
चार सड़क बनवाना चाह रहा था रहा था निगम
नगर निगम की ओर से चार प्रमुख सड़कों को पीडब्लयूडी से बनवाया जाना था, इसमें अशोका चौक से लेकर झज्जर चुंगी, सुनारिया व भिवानी चुंगी तक, शांतमई चौक से लेकर झज्जर चुंगी तक, पुराने गोहाना अड्डे से लेकर माता दरवाजा, पुराना सीआईए स्टाफ होते हुए पुराने बस स्टैंड तक और माता दरवाजा चौक से जींद बाईपास तक शामिल हैं।
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तकनीकी दिक्कत के चलते चाहे पीडब्लयूडी निगम व एचएसवीपी की सड़कें नहीं बना रहा, लेकिन खुद की सभी सड़कों का जल्द निर्माण कार्य करवाएगा। 29 करोड़ के टेंडर विभाग कर चुका है। 10 करोड़ के टेंडर को भी मंजूरी मिल गई है। निगम की सड़कों के निर्माण के लिए आयुक्त से बात करेंगे।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
जोड़ लगाकर चलाया जा रहा काम, सेक्टरों व पुराने शहर में सबसे ज्यादा दिक्कत
शहर में नगर निगम व एचएसवीपी जोड़ लगाकर काम चला रहे हैं, जबकि जरूरत नए सिरे से सड़कों का निर्माण करने की है। वार्ड नंबर 11 के पार्षद कदम सिंह का कहना है कि सेक्टरों के अंदर सबसे ज्यादा परेशानी है। कई बार सड़कों की परेशानी को उठाया जा चुका है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा।
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शहर में लंबे समय से मुख्य सड़कों का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। इसके कारण न केवल काॅलोनियों में, बल्कि मुख्य मार्गों में भी गड्ढे हो गए हैं। नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण बजट की कमी के चलते केवल जोड़ लगा पा रहा है। जबकि जरूरत नए सिरे से सड़कों के निर्माण की है। पिछले दिनों जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मेयर ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को इससे अवगत कराया। साथ ही मांग की कि वे अपने विभाग लोक निर्माण से शहर की मुख्य सड़कों का निर्माण करवा दें। मेयर ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ने सहमति दे दी थी। इसके चलते सोमवार को मेयर ने नगर निगम व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों से सड़कों का ब्योरा मांगा था। अधिकारियों ने संयुक्त तौर पर मेयर को रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें बताया है कि एचएसवीपी की सड़कों के निर्माण पर 26 करोड़ व नगर निगम की सड़कों पर 10 करोड़ की लागत आएगी। इसके अलावा खुद पीडब्लयूडी 29 करोड़ का टेंडर करके अपने हिस्से की सड़कों का दोबारा से निर्माण करवाएगा। शनिवार को मेयर चंडीगढ़ गए और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को सड़कों का ब्योरा सौंपा।
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चार सड़क बनवाना चाह रहा था रहा था निगम
नगर निगम की ओर से चार प्रमुख सड़कों को पीडब्लयूडी से बनवाया जाना था, इसमें अशोका चौक से लेकर झज्जर चुंगी, सुनारिया व भिवानी चुंगी तक, शांतमई चौक से लेकर झज्जर चुंगी तक, पुराने गोहाना अड्डे से लेकर माता दरवाजा, पुराना सीआईए स्टाफ होते हुए पुराने बस स्टैंड तक और माता दरवाजा चौक से जींद बाईपास तक शामिल हैं।
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तकनीकी दिक्कत के चलते चाहे पीडब्लयूडी निगम व एचएसवीपी की सड़कें नहीं बना रहा, लेकिन खुद की सभी सड़कों का जल्द निर्माण कार्य करवाएगा। 29 करोड़ के टेंडर विभाग कर चुका है। 10 करोड़ के टेंडर को भी मंजूरी मिल गई है। निगम की सड़कों के निर्माण के लिए आयुक्त से बात करेंगे।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम
जोड़ लगाकर चलाया जा रहा काम, सेक्टरों व पुराने शहर में सबसे ज्यादा दिक्कत
शहर में नगर निगम व एचएसवीपी जोड़ लगाकर काम चला रहे हैं, जबकि जरूरत नए सिरे से सड़कों का निर्माण करने की है। वार्ड नंबर 11 के पार्षद कदम सिंह का कहना है कि सेक्टरों के अंदर सबसे ज्यादा परेशानी है। कई बार सड़कों की परेशानी को उठाया जा चुका है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा।