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अब बीपीएल कार्ड की तर्ज पर बनेंगे स्ट्रीट वेंडर के लाइसेंस

Fri, 26 Jun 2020 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2020 11:39 PM IST
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Now street vendor licenses will be made on the lines of BPL card
प्रदेश सरकार एक जुलाई से नई स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी प्रदेश में लागू करेगी। इसकी तैयारियों के लिए चंडीगढ़ में स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों की मीटिंग हुई है। पॉलिसी के तहत आगे बीपीएल कार्ड की तर्ज पर स्ट्रीट वेंडर लाइसेंस बनेंगे। इसके लिए निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा की अध्यक्षता में टीवीसी (टाउन स्ट्रीट वेंडर कमेटी) गठित होगी, जिसमें स्ट्रीट वेंडर से लेकर व्यापारी, पार्षद, पुलिस व पीडब्ल्यूडी तक के अधिकारी शामिल होंगे।
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कोरोना काल में केंद्र सरकार ने रेहड़ी व फड़ी वालों को स्व रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर निधि योजना शुरू की है, जिसके तहत रेहड़ी व फड़ी लगाकर परिवार चलाने वालों को सब्सिडी पर 10 हजार रुपये तक का बैंक से लोन दिलवाया जाना है। इसके लिए स्ट्रीट वेंडर का पंजीकृत होना अनिवार्य है। नगर निगम के एरिया में फिलहाल 3770 वेंडर पंजीकृत हैं। ऐसे में अन्य दुकानदारों व फड़ी वालों को जोड़ने के लिए कोरोना काल में प्रदेश सरकार ने नई स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी 2020 लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्थानीय निकाय के माध्यम से नए वेंडरों का पंजीकरण किया जाएगा।
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सीवीसी में होंगे 15 सदस्य, आयुक्त होंगे चेयरमैन
पॉलिसी के तहत सीवीसी में 15 के करीब सदस्य होंगे। इसमें आठ स्ट्रीट वेंडर भी शामिल किए जाएंगे। उनमें 33 प्रतिशत महिलाएं होंगी। जबकि एससी व बीसी समुदाय को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगरा। इसके अलावा व्यापारी वर्ग, प्रशासन, पुलिस व पीडब्ल्यूडी से भी एक-एक सदस्य और छोटे काम धंधों के लिए ऋण देेने वाले बैंकों के मैनेजर व लीड बैंक मैनेजर भी शामिल होंगे।
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सीवीसी के होंगे यह कार्य
: नए सदस्यों का पंजीकरण करना।
: शहर में नई स्ट्रीट वेंडिंग जोन ढूंढना।
: लोकेशन परिवर्तन की अनुमति देना।
: रेहड़ी व फड़ी वालों का समय तय करना।
यह रहेगी फीस
पॉलिसी के तहत सरकार जल्द एक एप जारी करेगी। उसके माध्यम से ही फड़ी व रेहड़ी लगाने वाले को लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। इसमें सुबूत होना चाहिए कि आवेदक रेहड़ी व फड़ी लगाता रहा है। दूसरा उसे पंजीकरण फीस 500 रुपये और सालाना फीस 200 रुपये देनी होगी। साथ ही जगह मिलने पर फड़ी व रेहड़ी वाली जगह पक्का निर्माण नहीं कर सकेगा।
दो दिन में 900 से ही हो सका संपर्क
निगम के रिकार्ड में 2019 में 3770 लोगों ने स्ट्रीट वेंडर के तौर पर आवेदन किया था। इसमें से निगम 900 लोगों को लाइसेंस जारी कर चुका है। अन्य आवेदकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। किसी का मोबाइल नंबर गलत है तो कोई दूसरी जगह चला गया है। निगम पात्र स्ट्रीट वेंडर की सूची जल्द निगम की साइट पर डलेगा।

प्रदेश सरकार जल्द नई स्ट्रीट वेंडर पॉलिसी 2020 जारी करने जा रही है। इसकी तैयारियों को लेकर दो दिन पहले चंडीगढ़ अधिकारियों की मीटिंग हुई, जिसमें निगम के अधिकारी भी शामिल हुए। जल्द एप जारी होते ही पॉलिसी लागू हो जाएगी। इसकी निगम पूरी तैयारी कर रहा है।
- प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
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