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अब सीबीएसई स्कूलों में बच्चों को भी दिया जाएगा फर्स्ट एड प्रशिक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 14 Dec 2015 01:37 AM IST
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आपतकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए अब सीबीएसई स्कूलों में बच्चों के
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साथ-साथ शिक्षकों को भी प्राथमिक चिकित्सा और बेसिक इमरजेंसी केयर की
जानकारी लेनी होगी।
इसके लिए कक्षा में थ्योरी के साथ-साथ बेसिक इमरजेंसी केयर के तहत शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। सीबीएसई की तरफ से सभी स्कूलों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
दरअसल, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सीबीएसई स्कूलों में बच्चों के लिए तो वोकेशनल सब्जेक्ट कई वर्ष पहले शुरू कर दिया गया था। वोकेशनल सब्जेक्ट को 11-12वीं के बच्चे ले सकते हैं। इसमें उन्हें कंपलीट फर्स्ट एड की जानकारी दी जाती है, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों का ज्ञान देखें तो अधिकतर को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की कोई जानकारी नहीं है।
इसी उद्देश्य के साथ सीबीएसई ने सभी स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा और बेसिक इमरजेंसी केयर की कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को थ्योरी और प्रशिक्षण दोनों करना अनिवार्य होगा। सीबीएसई का मानना है कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए यह स्कीम मददगार साबित होगी।
प्राथमिक चिकित्सका की जानकारी सभी को होनी चाहिए, जिससे आपाताकालीन परिस्थितियों में बच्चे घबराने की बजाय उससे निपटने में कामयाब हो सके। इसके लिए वोकेशनल सब्जेक्ट भी है।
- पीके पठपटिया, डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कलानौर
इसके लिए कक्षा में थ्योरी के साथ-साथ बेसिक इमरजेंसी केयर के तहत शिक्षकों को अलग से प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। सीबीएसई की तरफ से सभी स्कूलों को इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
दरअसल, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सीबीएसई स्कूलों में बच्चों के लिए तो वोकेशनल सब्जेक्ट कई वर्ष पहले शुरू कर दिया गया था। वोकेशनल सब्जेक्ट को 11-12वीं के बच्चे ले सकते हैं। इसमें उन्हें कंपलीट फर्स्ट एड की जानकारी दी जाती है, लेकिन स्कूलों में शिक्षकों का ज्ञान देखें तो अधिकतर को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की कोई जानकारी नहीं है।
इसी उद्देश्य के साथ सीबीएसई ने सभी स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा और बेसिक इमरजेंसी केयर की कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को थ्योरी और प्रशिक्षण दोनों करना अनिवार्य होगा। सीबीएसई का मानना है कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए यह स्कीम मददगार साबित होगी।
प्राथमिक चिकित्सका की जानकारी सभी को होनी चाहिए, जिससे आपाताकालीन परिस्थितियों में बच्चे घबराने की बजाय उससे निपटने में कामयाब हो सके। इसके लिए वोकेशनल सब्जेक्ट भी है।
- पीके पठपटिया, डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कलानौर