{"_id":"5ea72c6b8ebc3e90b57aa765","slug":"now-cancer-patients-will-get-facilities-of-radiotherapy-and-chemotherapy-in-pgi-itself-will-not-have-to-wander-out-rohtak-news-rtk5526368151","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब पीजीआई में ही कैंसर मरीजों को मिलेगी रेडियोथैरेपी व कीमोथैरेपी की सुविधा, नहीं भटकना पड़ेगा बाहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब पीजीआई में ही कैंसर मरीजों को मिलेगी रेडियोथैरेपी व कीमोथैरेपी की सुविधा, नहीं भटकना पड़ेगा बाहर
विज्ञापन
अब कैंसर के मरीजों को उपचार के लिए कोविड -19 के संक्रमण के हॉटस्पाट दिल्ली में ठोकरें नहीं खानी पड़ेगी। पीजीआईएमएस ने सोमवार से ओपीडी और इनडोर सुविधा शुरू कर दी हैं। अब संस्थान में ही मरीजों को रेडियोथैरेपी व कीमोथैरेपी की सुविधा मिलेगी। बता दें कि कुछ दिन से पीजीआईएमएस के कैंसर विभाग की चिकित्सा सुविधाएं बंद थी। इससे मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा था। कैंसर पीड़ितों की समस्या को अमर उजाला समाचार पत्र ने सोमवार को प्रमुखता से उठाया और संस्थान के कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए इसका समाधान कर दिया।
डॉ. कालरा ने निर्देशों में कहा कि कैंसर विभाग की ओपीडी व इनडोर सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर देनी चाहिए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाए। विभाग की जिम्मेदारी है कि वह अपने यहां संक्रमण को फैलने से रोकने के इंतजाम करे और कैंसर पीड़ितों का उपचार करे। कुलपति के इन निर्देशों का लाभ जिले के अलावा प्रदेश भर के कैंसर पीड़ितों को लाभ मिलेगा। अब कैंसर पीड़ित उपचार कराने की मजबूरी में दिल्ली व गुरुग्राम जैसे रेड जोन एरिया में जाने से बच पाएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली उपचार के लिए जाने वाले मरीजों के संक्रमित होने पर कोविड -19 का उपचार पीजीआईएमएस को ही करना पड़ता है। ऐसे में यदि संस्थान कैंसर पीड़ितों को बाहर जाने पर संक्रमित होने से बचा पाता है तो वह कोविड के संक्रमण को इनके जरिये फैलने से रोकने में कामयाब हो जाएगा। क्योंकि संस्थान में कोविड अस्पताल है और यहां पर कोविड -19 के पाजिटिव मरीजों का उपचार होता है।
विज्ञापन
डॉ. कालरा ने निर्देशों में कहा कि कैंसर विभाग की ओपीडी व इनडोर सुविधा मरीजों के लिए शुरू कर देनी चाहिए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजेशन का पूरा ध्यान रखा जाए। विभाग की जिम्मेदारी है कि वह अपने यहां संक्रमण को फैलने से रोकने के इंतजाम करे और कैंसर पीड़ितों का उपचार करे। कुलपति के इन निर्देशों का लाभ जिले के अलावा प्रदेश भर के कैंसर पीड़ितों को लाभ मिलेगा। अब कैंसर पीड़ित उपचार कराने की मजबूरी में दिल्ली व गुरुग्राम जैसे रेड जोन एरिया में जाने से बच पाएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली उपचार के लिए जाने वाले मरीजों के संक्रमित होने पर कोविड -19 का उपचार पीजीआईएमएस को ही करना पड़ता है। ऐसे में यदि संस्थान कैंसर पीड़ितों को बाहर जाने पर संक्रमित होने से बचा पाता है तो वह कोविड के संक्रमण को इनके जरिये फैलने से रोकने में कामयाब हो जाएगा। क्योंकि संस्थान में कोविड अस्पताल है और यहां पर कोविड -19 के पाजिटिव मरीजों का उपचार होता है।
विज्ञापन