बंटवारे और सिख दंगों से बदतर हुए हालात, कैसे खड़ा करेंगे व्यापार
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आरक्षण आंदोलन की आड़ में हुई लूटपाट और हिंसा की तुलना व्यापारी 1947 और 1984 के दंगों से कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी बदतर स्थिति तो बंटवारे और सिख दंगों के समय भी नहीं हुई थी। मेहनत से खड़ा किया गया व्यापार पल भर में राख में तबदील हो गया। सबसे ज्यादा दर्द व्यापारियों को इस बात का है कि वे देश में सबसे अधिक टैक्स भरते हैं, इसके बावजूद वे असुरक्षित हैं।
20 मिनट में तोड़ पाए शटर, लूट ले गए सामान शनिवार सायं चार से पांच बजे दुकान को लूटने के लिए तोड़ा जा रहा था। शटर मजबूत होने के चलते इसे तोड़ने में करीब 20 मिनट लगे। पड़ोसी ने सूचना दी कि लूटपाट के बाद आग लगा दी गई है। दुकान में रखा लाखों रुपये का न्यूट्रिशन सप्लीमेंट लूट लिया गया। इसमें खेलों से जुडे़ लोगों का हाथ है, हमें न्याय दिलाया जाए। हमारी दुकान को ही निशाना बनाया गया है। - हरीश दुरेजा, प्राइम न्यूट्रिशन फूड सप्लीमेंट, गीता कांप्लेक्स।
हम गुहार लगाते रहे, वे आदेश का इंतजार करते रहे आगजनी से समान बचाने के लिए हम शनिवार को दुकान से सामान निकालकर सुरक्षित जगह शिफ्ट करना चाह रहे थे, इसी दौरान भीड़ ने आग ली दी। मेरी आंखों के सामने लाखों का सामान धू-धू कर जल गया। आर्मी और पुलिस ने कार्रवाई के आदेश नहीं होने का बहाना बनाकर कार्रवाई से हाथ खड़े कर दिए। एक युवक ने भीड़ से उलझने की कोशिश की तो उसे मौके पर मौत के घाट उतार दिया। सभी के हाथों में असलाह थे। - अशोक पाहवा, आल इंडिया हैंडलूम, किला रोड।
आंखों के आगे जला दिया, हम कुछ न कर पाए आंदोलन की आड़ में हुई लूटपाट से आहत गांधी कैंप के सैकड़ों व्यापारियों ने सरकुलर रोड पर सोमवार को बैठक की। इस दौरान सभी ने असुरक्षा पर चिंता व्यक्त की। भाजपा की ओर से पूर्व पार्षद सुरेश मुुंजाल (एंटी करप्शन एसोसिएशन आल इंडिया के उपप्रधान) मौके पर पहुंचे थे। उन्हें व्यापारियों ने बताया कि दुकानों को उनकी आंखों के आगे जला दिया गया और वे कुछ नहीं कर पाए। उनके पास न तो हथियार थे और न ही पुलिस की सुरक्षा। इसके लिए उन्हें हथियार का लाइसेंस दिया जाना चाहिए। सरकार व्यापारियों के नुकसान का मुआवजा दे। इस दौरान मुंजाल ने आश्वासन दिया कि व्यापारी हथियार के लिए आवेदन करें, बच्चों को भी पुलिस के लिए तैयार करवाएं। इस मौके पर तरुण वर्मा, डॉ. अरविंद बेदी, अनिल कुमार, सुभाष भल्ला और समीर बुद्धिराजा उपस्थित रहे।
फोटो सहित प्रधान से खफा दिखे व्यापारी रोहतक। गांधी कैंप के कुछ व्यापारी कुकारो वाली रामलीला एवं रोहतक डेयरी एसोसिएशन के प्रधान सीताराम सचदेवा से खफा नजर आए। उनका यह दर्द सोमवार को बैठक के दौरान झलक आया। उन्होंने कहा कि प्रधान अकसर उनके क्षेत्र में उनके साथ रहते हैं, लेकिन आपात स्थिति में वे सहायता में नहीं आए। उपद्रवी देखते ही देखते सारा व्यवसाय नष्ट कर गए। वहीं, प्रधान सीताराम सचदेवा ने सफाई दी कि हमले के समय मैं बाजार में ही व्यापारियों के साथ था। कई दुकानों को जलाने से बचाया भी है। जब प्रदेश में शासन और प्रशासन नाम की चीज नहीं है तो वे अकेले उपद्रवियों को कैसे रोकते?