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Rohtak News: डेंगू का केस आने के बाद भी पाड़ा मोहल्ला में फॉगिंग नहीं
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05सीटीके15-ओमप्रकाश। स्रोत : अमर उजाला
रोहतक। डेंगू के केस आने का सिलसिला जारी है। डेंगू के आंकड़ों की बात की जाए तो 100 के पार हो चुका है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के दावे और हकीकत में जमीन-आसमान का फर्क दिखाई दे रहा है। जहां विभाग डेंगू के लार्वा व मरीज मिलने के बाद इलाके में फॉगिंग व कीटनाशक का छिड़काव करने का दावा करता है, वहीं स्थानीय निवासी इससे इन्कार कर रहे हैं। सोमवार को पाड़ा मोहल्ला से डेंगू के एक मरीज की पुष्टि हुई थी। मंगलवार को अमर उजाला की टीम इलाके में पहुंची तो लोगों ने बताया कि यहां कई वर्षों से फाॅगिंग नहीं हुई है।
यहां फॉगिंग कभी नहीं हुई। मेरा यहां पुश्तैनी मकान है। आजतक फॉगिंग होते तो मैंने नहीं देखी। स्वास्थ्य विभाग की टीम को इलाके में लार्वा नष्ट करते भी नहीं देखा।
-ओमप्रकाश, निवासी।
इलाके में कोई भी रोग हो जाए, विभाग देखने भी नहीं आता है। बाकी चाहें विभाग जो कहता रहे। सच यही है कि यहां मच्छरों को नष्ट करने के लिए कोई कार्य नहीं किया गया है।
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-जितेंद्र, निवासी।
पता नहीं है। हम ध्यान भी नहीं देते। कभी तो किसी टीम को आते तो नहीं देखा। साफ-सफाई का कार्य स्वयं कर लेते हैं। वैसे तो इलाके में कई प्रकार की समस्या है। सभी आज भी बरकरार है। फॉगिंग नहीं हुई है।
-राकेश, निवासी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सैंपल लेने से लेकर लार्वा नष्ट करने का कार्य कर रही हैं। टीमें इलाके में जा जाकर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक भी कर रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू के मामले काफी कम हैं।
-डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन।
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यहां फॉगिंग कभी नहीं हुई। मेरा यहां पुश्तैनी मकान है। आजतक फॉगिंग होते तो मैंने नहीं देखी। स्वास्थ्य विभाग की टीम को इलाके में लार्वा नष्ट करते भी नहीं देखा।
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-ओमप्रकाश, निवासी।
इलाके में कोई भी रोग हो जाए, विभाग देखने भी नहीं आता है। बाकी चाहें विभाग जो कहता रहे। सच यही है कि यहां मच्छरों को नष्ट करने के लिए कोई कार्य नहीं किया गया है।
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-जितेंद्र, निवासी।
पता नहीं है। हम ध्यान भी नहीं देते। कभी तो किसी टीम को आते तो नहीं देखा। साफ-सफाई का कार्य स्वयं कर लेते हैं। वैसे तो इलाके में कई प्रकार की समस्या है। सभी आज भी बरकरार है। फॉगिंग नहीं हुई है।
-राकेश, निवासी।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सैंपल लेने से लेकर लार्वा नष्ट करने का कार्य कर रही हैं। टीमें इलाके में जा जाकर लोगों को मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक भी कर रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेंगू के मामले काफी कम हैं।
-डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन।

05सीटीके15-ओमप्रकाश। स्रोत : अमर उजाला

05सीटीके15-ओमप्रकाश। स्रोत : अमर उजाला