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Rohtak News: एमडीयू में राष्ट्रीय एकात्मकता यात्रा 2025 नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन
Thu, 06 Feb 2025 01:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 06 Feb 2025 01:54 AM IST
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05सीटीके32...एमडीयू में आयोजित राष्ट्रीय एकात्मकता यात्रा 2025 नागरिक अभिनंदन समारोह में मौजूद
रोहतक। एमडीयू के राधाकृष्णन सभा में बुधवार को कल्याण विभाग व अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन के संयुक्त में राष्ट्रीय एकात्मकता यात्रा 2025 नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में 8 उत्तर-पूर्व राज्यों के 28 स्टूडेंट डेलीगेट्स शामिल हुए।
हरविन्द्र कल्याण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक विशाल देश है, जहां इसकी विविधता इसकी एकता का कारण है। भारत में वैचारिक विविधता के बावजूद आपसी स्वीकार्यता जरूरी है। भारत की एकता-अखंडता के लिए सांस्कृतिक विविधता में एकता एक महत्वपूर्ण अंग है। वही विद्यार्थियों से आह्वान किया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि समावेशी समाज समय की जरूरत है। भारत राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता इसकी विशिष्टता एवं शक्ति है। अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन एक अनूठा अनुभव है, जो कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर प्रो. एएस मान, कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत, प्रो. रणदीप राणा, प्रो. गुलशन लाल तनेजा और सुशील मेहत समेत अन्य मौजूद रहे।
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हरविन्द्र कल्याण ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक विशाल देश है, जहां इसकी विविधता इसकी एकता का कारण है। भारत में वैचारिक विविधता के बावजूद आपसी स्वीकार्यता जरूरी है। भारत की एकता-अखंडता के लिए सांस्कृतिक विविधता में एकता एक महत्वपूर्ण अंग है। वही विद्यार्थियों से आह्वान किया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि समावेशी समाज समय की जरूरत है। भारत राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता इसकी विशिष्टता एवं शक्ति है। अंतर राज्य छात्र जीवन दर्शन एक अनूठा अनुभव है, जो कि विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर प्रो. एएस मान, कुलसचिव डॉ. कृष्ण कांत, प्रो. रणदीप राणा, प्रो. गुलशन लाल तनेजा और सुशील मेहत समेत अन्य मौजूद रहे।
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