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हत्यारोपी अभिषेक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, दादा-दादी संभालेंगे घर
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हत्यारोपी अभिषेक को अदालत में पेश करने के बाद ले जाती पुलिस। संवाद
विजय नगर हत्याकांड में गिरफ्तार अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को पांच दिन के रिमांड के बाद सोमवार को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में सुनारिया जेल भेज दिया गया। पेशी के दौरान अदालत में अभिषेक से मिले वकील का दावा है कि अभिषेक कह रहा था कि उसे गलत फंसाया गया है। तीन वकील मंगलवार को अभिषेक से सुनारिया जेल जाकर मुलाकात करेंगे, ताकि विस्तृत ब्योरा लिया जा सके। उधर, पुलिस का कहना है कि अभिषेक के खिलाफ पुख्ता सुबूत हैं, जिसके आधार पर ही उसे माता-पिता, बहन व नानी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
27 अगस्त की दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि विजय नगर स्थित प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप मलिक उर्फ बबलू पहलवान के घर में चार लोगों को गोली मारी गई है, जिसमें बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली, सास रोशनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी नेहा ने दो दिन बाद पीजीआई में दम तोड़ दिया था। सांपला निवासी प्रवीण की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच में पुलिस ने तीन दिन बाद बबलू मलिक के बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि अभिषेक अपने दोस्त उत्तराखंड निवासी कार्तिक के साथ रहना चाहता था। इसके लिए उसे अपना जेंडर चेंज कराना था। इसलिए पिता से पैसे मांग रहा था। पैसे न देने पर उसने माता-पिता, बहन व नानी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। सोमवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। मामले में उसके दोस्त कार्तिक के खिलाफ अभी पुलिसिया जांच चल रही है। न तो पुलिस उसे क्लीनचिट दे रही है और न ही गिरफ्तार कर रही है।
जेल में अभिषेक से आज तीन वकील मिलेंगे
वहीं, वकील मोहित वर्मा, प्रदीप कुमार व कर्ण नारंग ने अपनों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक का केस लड़ने के लिए वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए हैं। मोहित व प्रदीप जहां अदालत में पेश हुए, वहीं कर्ण नारंग ने आरोपी से बातचीत भी की। मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट मोहित वर्मा ने दावा किया कि आते ही अभिषेक ने कहा कि, भैया मुझे गलत फंसाया गया है। ऐसे वह मंगलवार को सुनारिया जेल में अभिषेक से मुलाकात करेंगे। वहीं, एडवोकेट कर्ण नारंग का कहना है कि वकालतनामे पर उसने भी हस्ताक्षर किए हैं। उसने पुलिस से जांच से जुड़ी रिकॉर्ड मांगा है। रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद जेल में अभिषेक से मुलाकात करूंगा।
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पुलिस ने तहसीलदार से मांगा प्रॉपर्टी का ब्योरा
आरोपी अभिषेक के पिता बबलू मलिक प्रॉपर्टी डीलर थे। बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली व बेटी की हत्या हो चुकी है। परिवार में एकमात्र बेटा अभिषेक बचा है, जो अब प्रॉपर्टी का वारिस है। उसे अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। ऐसे में पुलिस जांच पूरी करके करोड़ों के मकान को उसके दादा व दादी को सौंपेगी। साथ ही पुलिस ने तहसीलदार को पत्र लिखकर बबलू मलिक व उसके परिवार की प्रॉपर्टी का ब्योरा मांगा है।
दोस्त को क्लीनचिट नहीं, उत्तराखंड जाएगी पुलिस
आरोपी अभिषेक के दोस्त नैनीताल निवासी कार्तिक को पुलिस न तो गिरफ्तार कर रही है और न ही क्लीनचिट दे रही है। पूछने पर पुलिस का कहना है कि कार्तिक का पूरा ब्योरा जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम नैनीताल जाएगी।
पुलिस के चार लोगों की हत्या के आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को 5 दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, कार्तिक की केस में भूमिका है या नहीं, यह जानने के लिए पुलिस की एक टीम नैनीताल जाएगी। दूसरा, मकान को सील नहीं किया जाएगा, जांच पूरी कर उसे दादा-दादी को सौंप दिया जाएगा।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी, मुख्यालय
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27 अगस्त की दोपहर पुलिस को सूचना मिली कि विजय नगर स्थित प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप मलिक उर्फ बबलू पहलवान के घर में चार लोगों को गोली मारी गई है, जिसमें बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली, सास रोशनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटी नेहा ने दो दिन बाद पीजीआई में दम तोड़ दिया था। सांपला निवासी प्रवीण की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच में पुलिस ने तीन दिन बाद बबलू मलिक के बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि अभिषेक अपने दोस्त उत्तराखंड निवासी कार्तिक के साथ रहना चाहता था। इसके लिए उसे अपना जेंडर चेंज कराना था। इसलिए पिता से पैसे मांग रहा था। पैसे न देने पर उसने माता-पिता, बहन व नानी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया था। सोमवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। मामले में उसके दोस्त कार्तिक के खिलाफ अभी पुलिसिया जांच चल रही है। न तो पुलिस उसे क्लीनचिट दे रही है और न ही गिरफ्तार कर रही है।
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जेल में अभिषेक से आज तीन वकील मिलेंगे
वहीं, वकील मोहित वर्मा, प्रदीप कुमार व कर्ण नारंग ने अपनों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक का केस लड़ने के लिए वकालतनामे पर हस्ताक्षर किए हैं। मोहित व प्रदीप जहां अदालत में पेश हुए, वहीं कर्ण नारंग ने आरोपी से बातचीत भी की। मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट मोहित वर्मा ने दावा किया कि आते ही अभिषेक ने कहा कि, भैया मुझे गलत फंसाया गया है। ऐसे वह मंगलवार को सुनारिया जेल में अभिषेक से मुलाकात करेंगे। वहीं, एडवोकेट कर्ण नारंग का कहना है कि वकालतनामे पर उसने भी हस्ताक्षर किए हैं। उसने पुलिस से जांच से जुड़ी रिकॉर्ड मांगा है। रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद जेल में अभिषेक से मुलाकात करूंगा।
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पुलिस ने तहसीलदार से मांगा प्रॉपर्टी का ब्योरा
आरोपी अभिषेक के पिता बबलू मलिक प्रॉपर्टी डीलर थे। बबलू मलिक, उसकी पत्नी बबली व बेटी की हत्या हो चुकी है। परिवार में एकमात्र बेटा अभिषेक बचा है, जो अब प्रॉपर्टी का वारिस है। उसे अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजा है। ऐसे में पुलिस जांच पूरी करके करोड़ों के मकान को उसके दादा व दादी को सौंपेगी। साथ ही पुलिस ने तहसीलदार को पत्र लिखकर बबलू मलिक व उसके परिवार की प्रॉपर्टी का ब्योरा मांगा है।
दोस्त को क्लीनचिट नहीं, उत्तराखंड जाएगी पुलिस
आरोपी अभिषेक के दोस्त नैनीताल निवासी कार्तिक को पुलिस न तो गिरफ्तार कर रही है और न ही क्लीनचिट दे रही है। पूछने पर पुलिस का कहना है कि कार्तिक का पूरा ब्योरा जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम नैनीताल जाएगी।
पुलिस के चार लोगों की हत्या के आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू मलिक को 5 दिन के रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, कार्तिक की केस में भूमिका है या नहीं, यह जानने के लिए पुलिस की एक टीम नैनीताल जाएगी। दूसरा, मकान को सील नहीं किया जाएगा, जांच पूरी कर उसे दादा-दादी को सौंप दिया जाएगा।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी, मुख्यालय