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Rohtak News: खुद घाटे में नगर परिषद, कैसे हो विकास
Wed, 22 Jan 2025 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:15 AM IST
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विकास शुल्क, किराया, प्रॉपर्टी टैक्स की नहीं हुई अपेक्षित वसूली
फोटो : 03
उजाला खास : बजट हो रहा पास, मगर नहीं आ रही इनकम
प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। नगर परिषद की बैठक में विकास कार्यों के लिए बजट तो पास हुए हैं लेकिन कई कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। इसकी वजह नगर परिषद का घाटे में होना है। नगर परिषद विकास शुल्क, किराया, स्टॉप ड्यूटी से लेकर प्रापर्टी टैक्स तक की अपेक्षित वसूली नहीं कर पाई है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 72.50 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य था लेकिन अबतक केवल 40 से 42 करोड़ ही वसूल किए गए हैं, जबकि 31 मार्च तक मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त हो जाएगा। 2024-25 में विकास शुल्क के रूप में 7 करोड़ रुपये वसूले जाने का लक्ष्य था लेकिन अभी तक 3.22 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं। विभाग की दुकानों का किराया लक्ष्य 4 करोड़ रुपये रखा गया था, अभी तक केवल 95 लाख रुपये ही विभाग की ओर से अर्जित किए गए हैं। प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर साढ़े तीन करोड़ का लक्ष्य था, 3 करोड़ वसूले गए हैं। विभाग की ओर से लक्ष्य पूर्ति के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया गया है। ऐसे में समय पर आय बढ़ा पाना चुनौती भरा कार्य है।
नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि 42 करोड़ से ज्यादा आय हो चुकी है। मार्च तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, बीते कुछ वर्षों की बात करें तो वर्ष 2022 में 72.10 करोड़ का बजट पास हुआ था, 64.09 करोड़ इनकम आई थी। वर्ष 2023 में 77.60 करोड़ का बजट पास हुआ था, 45.99 करोड़ इनकम हुई थी। नगर परिषद को सबसे ज्यादा घाटा वर्ष 2023 में उठाना पड़ा है, वर्ष 2023 में 25 करोड़ का घाटा हुआ है। लगातार हो रहे घाटों का कारण खुद नगर परिषद ही है।
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विज्ञापन शुल्क वसूलने में भी नगर परिषद रही नाकाम
नगर परिषद विज्ञापन शुल्क वसूलने में भी पीछे रही है। 2022 में विज्ञापन शुल्क के रूप में एक रुपये की आय नहीं हुई जबकि 50 लाख रुपये बजट स्वीकृत किया गया था। 2023 में एक करोड़ रुपये विज्ञापन से आने की बात कही गई थी लेकिन 5 लाख की आय हुई। 2024 में डेढ़ करोड़ रुपये का लक्ष्य था, जो पूरा नहीं हो पाया है। शहर के पार्षद विज्ञापन की तरफ नगर परिषद का ध्यान आकृष्ट करा चुके हैं। शहर में अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। वहीं, विकास शुल्क के रूप में नगर परिषद को अपेक्षित आय नहीं हुई। 2022 में विकास शुल्क के लिए 4 करोड़ का बजट स्वीकृत था लेकिन 3.85 करोड़ आय हुई। 2023 में विकास शुल्क से 5 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश की गई थी लेकिन 3.74 करोड़ की आय हुई। विकास शुल्क का लक्ष्य 7 करोड़ रुपये था लेकिन अभी तक 3.22 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं।
इसकी प्रकार स्टांप ड्यूटी से भी नगर परिषद को कमाई नहीं हो पाई। 2022 में 21 करोड़ रुपये की स्वीकृत की गई थी जिसमें 10 करोड़ की आय हुई। 2023 में 21 करोड़ स्टांप ड्यूटी के नाम से वसूलने थे, लेकिन 5.22 करोड़ ही इनकम हो पाई। 2024 में 6 करोड़ रुपये वसूलने की बात कही गई थी। अभी तक 4 करोड़ से अधिक की वसूली हो चुकी है जो कि अभी भी जारी है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि मार्च तक कार्य पूरा हो जाएगा।
वर्जन
नगर परिषद की तरफ से इस बार अच्छी इनकम की जाएगी। अभी मार्च तक का समय बचा हुआ है। विकास कार्य भी तीव्र गति से मौजूदा समय में हो रहे हैं। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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उजाला खास : बजट हो रहा पास, मगर नहीं आ रही इनकम
प्रवेश चौहान
रेवाड़ी। नगर परिषद की बैठक में विकास कार्यों के लिए बजट तो पास हुए हैं लेकिन कई कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। इसकी वजह नगर परिषद का घाटे में होना है। नगर परिषद विकास शुल्क, किराया, स्टॉप ड्यूटी से लेकर प्रापर्टी टैक्स तक की अपेक्षित वसूली नहीं कर पाई है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 72.50 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य था लेकिन अबतक केवल 40 से 42 करोड़ ही वसूल किए गए हैं, जबकि 31 मार्च तक मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त हो जाएगा। 2024-25 में विकास शुल्क के रूप में 7 करोड़ रुपये वसूले जाने का लक्ष्य था लेकिन अभी तक 3.22 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं। विभाग की दुकानों का किराया लक्ष्य 4 करोड़ रुपये रखा गया था, अभी तक केवल 95 लाख रुपये ही विभाग की ओर से अर्जित किए गए हैं। प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर साढ़े तीन करोड़ का लक्ष्य था, 3 करोड़ वसूले गए हैं। विभाग की ओर से लक्ष्य पूर्ति के लिए कोई खास प्रयास नहीं किया गया है। ऐसे में समय पर आय बढ़ा पाना चुनौती भरा कार्य है।
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नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि 42 करोड़ से ज्यादा आय हो चुकी है। मार्च तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, बीते कुछ वर्षों की बात करें तो वर्ष 2022 में 72.10 करोड़ का बजट पास हुआ था, 64.09 करोड़ इनकम आई थी। वर्ष 2023 में 77.60 करोड़ का बजट पास हुआ था, 45.99 करोड़ इनकम हुई थी। नगर परिषद को सबसे ज्यादा घाटा वर्ष 2023 में उठाना पड़ा है, वर्ष 2023 में 25 करोड़ का घाटा हुआ है। लगातार हो रहे घाटों का कारण खुद नगर परिषद ही है।
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विज्ञापन शुल्क वसूलने में भी नगर परिषद रही नाकाम
नगर परिषद विज्ञापन शुल्क वसूलने में भी पीछे रही है। 2022 में विज्ञापन शुल्क के रूप में एक रुपये की आय नहीं हुई जबकि 50 लाख रुपये बजट स्वीकृत किया गया था। 2023 में एक करोड़ रुपये विज्ञापन से आने की बात कही गई थी लेकिन 5 लाख की आय हुई। 2024 में डेढ़ करोड़ रुपये का लक्ष्य था, जो पूरा नहीं हो पाया है। शहर के पार्षद विज्ञापन की तरफ नगर परिषद का ध्यान आकृष्ट करा चुके हैं। शहर में अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। वहीं, विकास शुल्क के रूप में नगर परिषद को अपेक्षित आय नहीं हुई। 2022 में विकास शुल्क के लिए 4 करोड़ का बजट स्वीकृत था लेकिन 3.85 करोड़ आय हुई। 2023 में विकास शुल्क से 5 करोड़ रुपये जुटाने की कोशिश की गई थी लेकिन 3.74 करोड़ की आय हुई। विकास शुल्क का लक्ष्य 7 करोड़ रुपये था लेकिन अभी तक 3.22 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं।
इसकी प्रकार स्टांप ड्यूटी से भी नगर परिषद को कमाई नहीं हो पाई। 2022 में 21 करोड़ रुपये की स्वीकृत की गई थी जिसमें 10 करोड़ की आय हुई। 2023 में 21 करोड़ स्टांप ड्यूटी के नाम से वसूलने थे, लेकिन 5.22 करोड़ ही इनकम हो पाई। 2024 में 6 करोड़ रुपये वसूलने की बात कही गई थी। अभी तक 4 करोड़ से अधिक की वसूली हो चुकी है जो कि अभी भी जारी है। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि मार्च तक कार्य पूरा हो जाएगा।
वर्जन
नगर परिषद की तरफ से इस बार अच्छी इनकम की जाएगी। अभी मार्च तक का समय बचा हुआ है। विकास कार्य भी तीव्र गति से मौजूदा समय में हो रहे हैं। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।-पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।