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हरियाणा: सांसद दीपेंद्र ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को बताया लचर, बोले- MLA तक असुरक्षित, जनता का क्या होगा
Sat, 09 Jul 2022 10:59 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 09 Jul 2022 10:59 PM IST
सार
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने रिठाल व खिड़वाली में आयोजित कार्यक्रमों में कानून व्यवस्था को लचर बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ते अपराध के लिए बीजेपी-जेजेपी सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है।
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दीपेंद्र हुड्डा
- फोटो : एएनआई
विस्तार
हरियाणा में कानून-व्यवस्था का दिवाला निकल गया है। सरकार के एमएलए ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा। बढ़ते अपराध के लिए बीजेपी-जेजेपी सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। एक हफ्ते में सूबे के चार विधायकों को जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इनमें सत्ताधारी दल के विधायक संजय सिंह (सोहना) भी शामिल हैं।
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कांग्रेस विधायक रेणु बाला, सुरेंद्र पवार व सुभाष गांगोली को भी बदमाशों ने खुलेआम रंगदारी देने की धमकी दी है। इन्हें तुरंत गिरफ्तार करने के साथ विधायकों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। यह कहना है सांसद दीपेंद्र हुड्डा का। वे शनिवार को जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे थे।
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रिठाल व खिडवाली में पंचायत की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे सांसद ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इस कदर बढ़ चुके हैं कि वे दनदनाते हुए अपराध करते घूम रहे हैं। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में रोज तीन से चार हत्या, लगभग आधा दर्जन रेप, दर्जन भर अपहरण, 100 से ज्यादा चोरी, लूट, डकैती और फिरौती की वारदात हो रही हैं। संगीन अपराधों व नशे के मामले में हरियाणा ने देश के बड़े-बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।
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उन्होंने कहा कि 2005 में कांग्रेस सरकार बनने से पहले भी प्रदेश में ऐसे ही हालात थे। कांग्रेस ने सरकार की जिम्मेदारी संभालते ही कानून-व्यवस्था को सिरे से सुधारना शुरू किया और पुलिस-प्रशासन ने अपराधियों को उनकी सही जगह यानी जेल के पीछे पहुंचा दिया।
अपराधियों के मन में इस कदर खौफ था कि वे या तो हरियाणा छोड़कर चले गए या फिर अपराध करने से तौबा कर ली। प्रदेश को अपराधियों से मुक्त कराकर सुरक्षित वातावरण तैयार किया था। इससे निवेश, रोजगार के साधनों में बढ़ोतरी हुई थी। यही वजह रही कि एक दशक तक विकास के हर पैमाने पर हरियाणा नंबर वन बना रहा।