'10 दिन की ट्रेनिंग देकर युद्व में उतारा': हरियाणा के 50 से अधिक युवक रूस में फंसे, परिजनों से नहीं कोई संपर्क
परिजनों ने बताया कि 10 दिन की ट्रेनिंग देकर उनके बच्चों को रूस ने जबरन यूक्रेन युद्ध में उतार दिया। महीने भर से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
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स्टडी वीजा पर रूस गए हरियाणा के युवाओं को जबरन सेना में भर्ती कर युद्ध में धकेला गया है। बच्चों से संपर्क टूटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई है और उन्होंने सरकार से उन्हें वहां से निकालने की गुहार लगाई है। रोहतक के तैमूरपुर निवासी श्रीभगवान, करनाल के चौरा गांव निवासी अर्जुन शर्मा व हिसार के मदनहेड़ी निवासी आशीष ने शनिवार को मानसरोवर पार्क में सामाजिक कार्यकर्ता नवीन जयहिंद से बातचीत की।
परिजनों ने बताया कि 10 दिन की ट्रेनिंग देकर उनके बच्चों को रूस ने जबरन यूक्रेन युद्ध में उतार दिया। महीने भर से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। चिंतित परिजनों का कहना है कि 5 दिसंबर को दिल्ली आ रहे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी इस मामले में मुलाकात की जाएगी।
हरियाणा के 50 से अधिक युवा रूस की आर्मी में भर्ती
परिजनों का कहना है कि हरियाणा के 50 से अधिक युवाओं को रूस ने आर्मी में भर्ती कर युद्ध में उतारा है। उन्होंने सरकार व विपक्ष के नेताओं से इस मुद्दे पर आगे आकर युवाओं को वापस बुलाने में मदद करने की गुहार लगाई है।
मेरा भांजा संदीप तैमूरपुर 23 सितंबर 2024 को स्टडी वीजा पर रूस गया था। दस महीने के बाद उनको अंबाला के एजेंट ने रूस आर्मी में भर्ती कराया था। एक अक्तूबर को अंतिम बार संदीप से बात हुई थी। अब उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है। - श्रीभगवान, निवासी गांव तैमूरपुर, रोहतक
छोटा भाई अनुज शर्मा 21 मई को रूस में रशियन भाषा की पढ़ाई करने स्टडी वीजा पर गया था। वहां एजेंटों ने लाखों रुपये का लालच देकर आर्मी में भर्ती करा दिया। 12 अक्तूबर को अंतिम बार संपर्क हुआ था। उस समय उन्हें यूक्रेन युद्ध में भेजा था। अब कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। - अर्जुन शर्मा, निवासी गांव चौरा, करनाल
बड़ा भाई अमन एक साल के स्टडी वीजा पर रूस गए थे, वीजा खत्म होने पर उनको एजेंटों ने आर्मी में भर्ती कराया और उनको बॉर्डर पर भेज दिया गया। अंतिम बार दीपावली के आसपास बातचीत हुई थी। अब सरकार से मांग है कि उनको सकुशल वापस लाया जाए। - आशीष, निवासी मदनहेड़ी, हिसार