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Rohtak News: एमडीयू के लोगों को मिला कानूनी संरक्षण
Sat, 03 Jan 2026 02:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 03 Jan 2026 02:31 AM IST
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) ने स्वर्ण जयंती वर्ष में संस्थागत विरासत व पहचान को सुदृढ़ करते हुए अपना आधिकारिक लोगो लगभग पांच दशक बाद भारत सरकार के ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कराया है। वर्ष 1976 में स्थापना के बाद पहली बार एमडीयू के लोगो को ट्रेडमार्क अधिनियम के अंतर्गत कानूनी संरक्षण प्राप्त हुआ है।
विश्वविद्यालय की बौद्धिक संपदा व संस्थागत प्रतीक की सुरक्षा की आवश्यकता के मद्देनजर एमडीयू के सेंटर फॉर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स स्टडीज (सीआईपीआरएस) ने इस दिशा में पहल की। ट्रेडमार्क आवेदन सीआईपीआरएस के डिप्टी डायरेक्टर एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार कपूर की ओर से दायर किया गया।
ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में पांच चरणों की सुनवाई के दौरान वर्ष 1976 से लोगो के निरंतर उपयोग से संबंधित और प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
एमडीयू का लोगो ट्रेडमार्क क्लास 41 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है जिसमें विभिन्न विषयों में अकादमिक उपाधियां प्रदान करना का आयोजन शामिल हैं। संवाद
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विश्वविद्यालय की बौद्धिक संपदा व संस्थागत प्रतीक की सुरक्षा की आवश्यकता के मद्देनजर एमडीयू के सेंटर फॉर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स स्टडीज (सीआईपीआरएस) ने इस दिशा में पहल की। ट्रेडमार्क आवेदन सीआईपीआरएस के डिप्टी डायरेक्टर एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार कपूर की ओर से दायर किया गया।
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ट्रेडमार्क रजिस्ट्री में पांच चरणों की सुनवाई के दौरान वर्ष 1976 से लोगो के निरंतर उपयोग से संबंधित और प्रमाणिक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
एमडीयू का लोगो ट्रेडमार्क क्लास 41 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है जिसमें विभिन्न विषयों में अकादमिक उपाधियां प्रदान करना का आयोजन शामिल हैं। संवाद