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सवा साल बाद खुली एमडीयू की विवेकानंद लाइब्रेरी, पर नहीं लौटी रौनक
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) की प्रसिद्ध विवेकानंद लाइब्रेरी सवा साल बाद सोमवार को खोल दी गई। हालांकि, पहले जैसी रौनक नहीं थी। अभी सिर्फ शोधार्थियों को ही लाइब्रेरी में प्रवेश की इजाजत दी गई है।
एमडीयू की विवेकानंद लाइब्रेरी कोरोना काल में लॉकडाउन होने के बाद अप्रैल 2020 में बंद कर दी गई थी। आमतौर पर इस लाइब्रेरी में तीन से साढ़े तीन हजार विद्यार्थी प्रतिदिन आते थे। लाइब्रेरी बंद होने के बाद एमडीयू ने विद्यार्थियों के लिए किताबें इश्यू करवाने की सुविधा दी थी। विद्यार्थी फोन पर समय ले सकते थे। वे अपने निर्धारित समय पर लाइब्रेरी आते थे और उनकी बताई किताब बाहर ही रहती थी। वे हस्ताक्षर कर अपनी किताब ले जा सकते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण हॉस्टल भी बंद कर दिए गए थे। इससे ज्यादातर विद्यार्थी अपने घर चले गए थे। अब सरकार के आदेश के बाद एमडीयू ने शोधार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोल दी। पहले दिन दोपहर एक बजे तक 165 शोधार्थी पहुंचे थे। लाइब्रेरी के प्रभारी डॉ. सतीश मलिक ने कहा कि सरकार के आदेश के अनुसार अभी सिर्फ शोधार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोली गई है। कोरोना की स्थिति देखते हुए भविष्य में सभी विद्यार्थियों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।
प्रयोगशाला नहीं पहुंचे विद्यार्थी
एमडीयू ने विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में प्रैक्टिकल करने की अनुमति भी दे दी थी, लेकिन पहले दिन तमाम विभागों की प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी नहीं पहुंचे। जूलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता शुक्ला ने कहा कि ज्यादातर विद्यार्थी हॉस्टल वाले हैं। सोमवार को वह हॉस्टल की तमाम औपचारिकताओं में जुटे हुए हैं। मंगलवार से प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल वर्क होगा।
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एमडीयू की विवेकानंद लाइब्रेरी कोरोना काल में लॉकडाउन होने के बाद अप्रैल 2020 में बंद कर दी गई थी। आमतौर पर इस लाइब्रेरी में तीन से साढ़े तीन हजार विद्यार्थी प्रतिदिन आते थे। लाइब्रेरी बंद होने के बाद एमडीयू ने विद्यार्थियों के लिए किताबें इश्यू करवाने की सुविधा दी थी। विद्यार्थी फोन पर समय ले सकते थे। वे अपने निर्धारित समय पर लाइब्रेरी आते थे और उनकी बताई किताब बाहर ही रहती थी। वे हस्ताक्षर कर अपनी किताब ले जा सकते थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण हॉस्टल भी बंद कर दिए गए थे। इससे ज्यादातर विद्यार्थी अपने घर चले गए थे। अब सरकार के आदेश के बाद एमडीयू ने शोधार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोल दी। पहले दिन दोपहर एक बजे तक 165 शोधार्थी पहुंचे थे। लाइब्रेरी के प्रभारी डॉ. सतीश मलिक ने कहा कि सरकार के आदेश के अनुसार अभी सिर्फ शोधार्थियों के लिए लाइब्रेरी खोली गई है। कोरोना की स्थिति देखते हुए भविष्य में सभी विद्यार्थियों को यह सुविधा प्रदान की जाएगी।
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प्रयोगशाला नहीं पहुंचे विद्यार्थी
एमडीयू ने विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं में प्रैक्टिकल करने की अनुमति भी दे दी थी, लेकिन पहले दिन तमाम विभागों की प्रयोगशालाओं में विद्यार्थी नहीं पहुंचे। जूलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता शुक्ला ने कहा कि ज्यादातर विद्यार्थी हॉस्टल वाले हैं। सोमवार को वह हॉस्टल की तमाम औपचारिकताओं में जुटे हुए हैं। मंगलवार से प्रयोगशाला में प्रैक्टिकल वर्क होगा।
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