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विफलताओं से डरे नहीं, मजा कठिन कार्य करने में आता है : डबास
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रोहतक। कार्य कठिन हो तो करने के योग्य होता है। साधारण कार्य तो कोई भी कर सकता है। जीवन में बाधाओं का सकारात्मक रुख से सामना कर उन पर विजय पाने व सफलता की मंजिल हासिल करने का यह मंत्र मंगलवार को प्रबंधन विशेषज्ञ एवं एमडीयू के पूर्व छात्र आरएस डबास ने विद्यार्थियों को दिया। उन्होंने विवि में आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दूसरे दिन मोटीवेशनल लेक्चर दिया।
एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऐंड रिसर्च के वर्ष 1976-78 बैच के छात्र आरएस डबास ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सपने जरूरी हैं। विद्यार्थियों को अपने स्वप्न को पूरा करने के लिए निरंतरता से प्रयास करने, आशावादी बने रहने, साहसी बनने, अपने कार्य में वैल्यू एडीशन करने व अपने कार्य को पूरे मनोयोग से करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि 300 रुपये मासिक वेतन से प्रारंभ होकर सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक के वतन पैकेज तक पहुंचा हूं। यह सब अपनी मेहनत व हाथ में लिए काम को पूरा करके पाया है। उन्होंने विफलता के डर से बचने की नसीहत देते हुए जीवन में हर परिस्थिति में खुश रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम का संचालन निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने किया। इस मौके पर निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, प्रो. सुरेंद्र कुमार, डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. राजकुमार, रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन लाल तनेजा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु आदि मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया
विवि के टैगोर ऑडिटोरियम में आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। मंच पर युवा फिल्मी गीतों पर जमकर थिरके। इस दौरान कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने नवागंतुक विद्यार्थियों को प्रशासनिक कार्य प्रणाली, परीक्षा प्रणाली, विद्यार्थी कल्याण गतिविधियों समेत विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए व्यवस्था की विशिष्टताओं को साझा किया। एमडीयू के प्रॉक्टर प्रो. एससी मलिक ने अनुशासन संबंधित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान विद्यार्थियों को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर व इमसॉर के 1982-84 बैच के पूर्व छात्र डॉ. बीबी गोयल ने कहा कि जीवन में विद्यार्थियों के लिए प्लानिंग व टाइम मैनेजमेंट महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी जीवन पर्यंत सीखने की भावना रखें। इस मौके पर प्राध्यापिका डॉ. कविता ढुल ने यौन उत्पीड़न व महिला हिंसा की रोकथाम संबंधित प्रावधानों और नियमों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने सोलो डांस, ड्यूट, देशशक्ति थीम आधारित काव्य पाठ, पोस्टर मेकिंग, मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।
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एमडीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऐंड रिसर्च के वर्ष 1976-78 बैच के छात्र आरएस डबास ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सपने जरूरी हैं। विद्यार्थियों को अपने स्वप्न को पूरा करने के लिए निरंतरता से प्रयास करने, आशावादी बने रहने, साहसी बनने, अपने कार्य में वैल्यू एडीशन करने व अपने कार्य को पूरे मनोयोग से करने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि 300 रुपये मासिक वेतन से प्रारंभ होकर सालाना एक करोड़ रुपये से अधिक के वतन पैकेज तक पहुंचा हूं। यह सब अपनी मेहनत व हाथ में लिए काम को पूरा करके पाया है। उन्होंने विफलता के डर से बचने की नसीहत देते हुए जीवन में हर परिस्थिति में खुश रहने की सलाह दी।
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कार्यक्रम का संचालन निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने किया। इस मौके पर निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी, प्रो. सुरेंद्र कुमार, डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. राजकुमार, रजिस्ट्रार प्रो. गुलशन लाल तनेजा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु आदि मौजूद रहे।
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विद्यार्थियों को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया
विवि के टैगोर ऑडिटोरियम में आयोजित स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रस्तुति दी। मंच पर युवा फिल्मी गीतों पर जमकर थिरके। इस दौरान कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने नवागंतुक विद्यार्थियों को प्रशासनिक कार्य प्रणाली, परीक्षा प्रणाली, विद्यार्थी कल्याण गतिविधियों समेत विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिंधु ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की विस्तृत जानकारी देते हुए व्यवस्था की विशिष्टताओं को साझा किया। एमडीयू के प्रॉक्टर प्रो. एससी मलिक ने अनुशासन संबंधित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान विद्यार्थियों को अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर व इमसॉर के 1982-84 बैच के पूर्व छात्र डॉ. बीबी गोयल ने कहा कि जीवन में विद्यार्थियों के लिए प्लानिंग व टाइम मैनेजमेंट महत्वपूर्ण है। विद्यार्थी जीवन पर्यंत सीखने की भावना रखें। इस मौके पर प्राध्यापिका डॉ. कविता ढुल ने यौन उत्पीड़न व महिला हिंसा की रोकथाम संबंधित प्रावधानों और नियमों की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने सोलो डांस, ड्यूट, देशशक्ति थीम आधारित काव्य पाठ, पोस्टर मेकिंग, मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की।