एमडीयू से जुड़े एक और फर्जीवाड़े का खुलासा, नया अंक घोटाला

ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Wed, 14 Oct 2015 02:06 AM IST
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एमडीयू के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में एक और अंक घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है।
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हालांकि अभी तक की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि यह फर्जीवाड़ा एमडीयू में नहीं बल्कि खानपुर यूनिवर्सिटी में किया गया।
जांच टीम ने खानपुर यूनिवर्सिटी के साथ-साथ एमडीयू के भी दो लोगों को इसके लिए दोषी बताया है। आरोप है कि इन्होंने अवार्ड लिस्ट पर हुई गड़बड़ी को देखे बिना ही परीक्षा परिणाम जारी कर दिया।
लंबे समय तक चली जांच के बाद पूरे प्रकरण की रिपोर्ट एमडीयू के प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी गई है।
यह था मामला
दिसंबर 2013 में एमडीयू में बीए एलएलबी पांच वर्षीय कोर्स के पेपर कराए गए थे। एमडीयू ने उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग के लिए सोनीपत के खानपुर स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय को सेंटर बनाया था।

जांचने के बाद खानपुर यूनिवर्सिटी की तरफ से एमडीयू में अवार्ड लिस्ट और उत्तर पुस्तिका वापस भेज दी गईं। इन उत्तर पुस्तिकाओं और अवार्ड लिस्ट पर जो नंबर चढ़ाए गए थे, उनमें काफी फेरबदल था। यहां तक कि इनमें नंबर चढ़ाने के बाद दोबारा से काटकर उन्हें बढ़ाया गया था। इतना सब होने के बाद भी एमडीयू की सीक्रेेसी ब्रांच ने ध्यान नहीं दिया और इसी अवार्ड लिस्ट के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। परीक्षा परिणाम जारी होने के कुछ समय बाद 2014 में यह फर्जीवाड़ा सामने आया।
इस तरीके से हुई जांच
एमडीयू प्रशासन ने जांच के लिए तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. एसपीएस दहिया को बतौर कंवीनर और प्रो. भगत सिंह और प्रो. अमर वर्मा को सदस्य के तौर पर शामिल किया गया। कमेटी ने अवार्ड लिस्ट और उत्तर पुस्तिकाओं पर किए गए अंकों के फेरबदल को हैंड राइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा। खुलासा हुआ कि 11 विद्यार्थियों के अंकों में यह फर्जीवाड़ा किया गया है। हैंड राइटिंग जांच के बाद टीम ने खानपुर यूनिवर्सिटी की एक असिस्टेंट प्रोफेसर के मामले में शामिल होने की आशंका जताई है। इसके अलावा एमडीयू की सीक्रेसी ब्रांच के भी एक महिला अधिकारी समेत दो लोगों को इसके लिए दोषी ठहराया है। हालांकि अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वर्जन
खानपुर यूनिवर्सिटी में चेकिंग के लिए उत्तर पुस्तिकाएं भेजी गई थी, जिसकी जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई थी। टीम कई बार यूनिवर्सिटी में भी गई थी। हालांकि जांच रिपोर्ट क्या आयी है, यह मैंने अभी नहीं देखी है।
- डॉ. एसपी वत्स, रजिस्ट्रार एमडीयू
मैं उस समय रजिस्ट्रार थी। एमडीयू की टीम जांच के लिए विवि में आई थी, जिसे पूरा रिकार्ड सौंप दिया था। बीपीएस के स्तर पर उत्तरपुस्तिकाओं के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं मिली थी। अब एमडीयू की क्या रिपोर्ट आई है, इस बारे में कोई सूचना नहीं है।
आशा कादियान, वीसी, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां।

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