फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   MBBS students wrote a letter to the President in blood, took out a fury march

Rohtak News: एमबीबीएस विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति को खून से लिखा पत्र, रोष मार्च निकाला

Wed, 21 Dec 2022 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 11:24 PM IST
विज्ञापन
MBBS students wrote a letter to the President in blood, took out a fury march
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में रोहतक पीजीआई के निदेशक कार्यालय से मेडिकल मोड़ तक रोष मार्च निकालते एम?
बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ एमबीबीएस विद्यार्थियों का आंदोलन 51वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को विद्यार्थियों ने रोष स्वरूप राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चार पेज का खून से पत्र लिखकर समस्या का समाधान करवाने की मांग की। पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों ने रोष स्वरूप जनसभा की, जिसमें नागरिक मंच समेत 35 सामाजिक संगठनों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए सरकार के खिलाफ रोष जताया। विद्यार्थियों ने शाम को निदेशक कार्यालय से मेडिकल मोड़ तक रोष मार्च निकाला।
विज्ञापन

पीजीआई कैंपस में बुधवार सुबह ध्वजारोहरण के बाद विद्यार्थियों की जनसभा शुरू हुई। नागरिक मंच के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए अपने विचार रखे। वक्ताओं ने बॉन्ड पॉलिसी को गलत ठहराते हुए सरकार से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। आंदोलन लंबा चलने पर पीछे नहीं हटने का भरोसा दिया। वक्ताओं ने गीत व कविता के माध्यम से अपनी बात रखते हुए सरकार से बॉन्ड पॉलिसी लागू नहीं करने की मांग की।
विज्ञापन

संतोष मुदगिल व मनीषा ने अपने गीत ‘इसलिए राह संघर्ष की हम चुने, जिंदगी आंसुओं में नहाई न हो’ से आंदोलनकारियों में जोश भरने का काम किया। जनसभा के बाद शाम को विद्यार्थियों ने मेडिकल मोड़ तक रोष मार्च निकाला। जनसभा में एचएसएमटीए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. आरबी जैन, एमडीयू शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. विकास सिवाच, स्वास्थ्य विज्ञान विवि गैर शिक्षक संघ के पूर्व महासचिव संजय सिंहमार, अनुराग ढांडा, सुमित, प्रमोद गौरी, डॉ. आरएस दहिया, चंचल नांदल, उमेश, समेत अन्य लोगों ने बॉन्ड पॉलिसी का विरोध किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

20 एमएल खून से लिखा चार पेज का पत्र
एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र अनुज धानिया ने अपने खून से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखा। सिरिंज से निकाले गए अपने 20 एमएल खून से चार पेज लिखे। इसमें अपने 50 दिन से चल रहे आंदोलन से अवगत कराते हुए समस्या के समाधान के लिए बॉन्ड पॉलिसी वापस लेने की अपील की। पत्र में सभी अधिकारियों व मुख्यमंत्री से कई दौर की बातचीत होने का हवाला देते हुए समाधान नहीं होने की बात लिखी गई है।

सरकार ने 20 दिन बार भी जारी नहीं किया नोटिफिकेशन
विद्यार्थियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 30 नवंबर को हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री ने बातचीत में जो वादे किए थे उन्हें भी 20 दिन बाद पूरा नहीं किया गया है। जबकि 24 से 48 घंटे में सभी चीजों को कागज पर लाने का वादा किया गया था। इस संबंध में दो दिन पहले ही कुलपति के माध्यम से भी विद्यार्थियों ने अपना पत्र सरकार को भिजवाया है। उन्होंने कहा कि द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा 26 दिसंबर से शुरू होनी थी। सरकार के कारण विद्यार्थियों को अपनी परीक्षा देने में असमर्थता जतानी पड़ी है। सरकार का रवैये और प्रशासनिक कार्यप्रणाली ने विद्यार्थियों को इतना विवश कर दिया कि उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। संस्थान के किसी विद्यार्थी के माता-पिता खेती करते हैं तो किसी के दर्जी हैं। ये बेहद गरीब व जमीन से जुड़े परिवारों के बच्चे हैं। ये नीट में मेरिट प्राप्त कर दाखिला लेने में सफल रहे हैं। कोचिंग तक का खर्च कर्ज से चुकाया है। अब एमबीबीएस के लिए 40 लाख रुपये कर्ज और सहना नामुमकिन है। इसलिए सरकार विद्यार्थियों के शैक्षणिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए नोटिफिकेशन जारी करे।

बॉन्ड पॉलिसी के विरोधर में रोहतक पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर एमबीबीएस विद्यार्थी अनुज धान

बॉन्ड पॉलिसी के विरोधर में रोहतक पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर एमबीबीएस विद्यार्थी अनुज धान

बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में रोहतक पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर धरनास्थल पर अपने खून से राष्ट्?

बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में रोहतक पीजीआई के निदेशक कार्यालय के बाहर धरनास्थल पर अपने खून से राष्ट्?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed