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मकड़ौली टोल पर रोजाना 20 लाख रुपये का घाटा

Thu, 10 Dec 2015 02:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 10 Dec 2015 02:21 AM IST
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रोहतक-पानीपत एनएच-71 ए हाईवे पर मकड़ौली टोल प्लाजा हर दिन 20 लाख रुपये के घाटे में जा रहा है। टोल के इर्द-गिर्द चोर रास्ते और हाईवे पर वाहनों की संख्या कम होने के कारण टोल को यह घाटा उठाना पड़ रहा है। लगातार हो रहे घाटे से प्रबंधन के माथे पर पसीने छूटे हुए हैं। यही हाल रहे तो टोल की निर्धारित अवधि भी बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
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जनवरी 2014 में मकड़ौली टोल प्लाजा तैयार किया गया। प्रबंधन के मुताबिक टोल की अवधि 25 साल के लिए है। यहां से रोजाना 6 हजार वाहन गुजरते हैं, जिनसे 10 लाख रुपये टोल वसूला जाता है।
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अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन औसत वसूली 30 लाख रुपये होनी चाहिए, तब जाकर टोल का खर्च निर्धारित अवधि में पूरा होगा। प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को भी घाटे के बारे में अवगत करा दिया गया।
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चोर रास्ते लगा रहे रोजाना 2 लाख का चुना
मकड़ौली टोल पर दोनों ओर बने चोर रास्ते प्रबंधन को रोजाना 2 लाख रुपये का चुना लगा रहे हैं। टोल पर आने से पहले अधिकतर वाहन मकड़ौली और चमारिया गांव के अंदर या फिर खिड़वाली मोड़ से जींद रोड पर निकल जाते हैं। रोजाना करीब 2 हजार से अधिक वाहन इन चोर रास्तों से गुजरते हैं।

वाया सोनीपत भी नुकसान का कारण
रोहतक से पानीपत की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है। इस दूरी में मकड़ौली टोल से गुजरने वाले वाहनों को टैक्स देना पड़ता है, लेकिन यदि कोई वाहन रोहतक से सोनीपत के रास्ते पानीपत जाता है या फिर वापस लौटता है तो उसे इस रास्ते में कोई टैक्स नहीं देना पड़ता, जबकि दूरी में भी कुछ ज्यादा फर्क नहीं है।

मकड़ौली टोल प्लाजा पर यूं लिया जाता है टोल
कंपनी अधिकारियों के अनुसार, टोल पर कार का 115, ट्रक 345 और एलएमवी वाहनों से 170 रुपये टोल लिया जाता है। बसों और ट्रकों का मासिक पास 11480 रुपये में रिचार्ज होता है, जिसमें वाहन को 50 ट्रिप की छूट रहती है। यानी इस मासिक पास से वाहन 50 बार टोल से गुजर सकते हैं।


बोले अधिकारी, बढ़ाई जा सकती है अवधि
संपर्क मार्ग और वाहनों की संख्या कम होने के कारण टोल को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। यही हालात रहे तो टोल की समय अवधि बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
- सतानंद सिंह चौहान, चीफ जनरल मैनेजर।
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