फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Lucknow , Delhi , Haryana and seven in Hisar swindle millions of people

लखनऊ , दिल्ली, सोनीपत और हिसार के सात लोगों से करोड़ों की ठगी 

Sat, 21 May 2016 02:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 21 May 2016 02:36 AM IST
विज्ञापन
Lucknow , Delhi , Haryana and seven in Hisar swindle millions of people
चिकित्सक - फोटो : file photo
मेडिकल में दाखिला दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह ने लखनऊ , दिल्ली, सोनीपत और हिसार के करीब सात लोगों से भी करोड़ों रुपये की ठगी कर रखी है। यदि पुलिस पकड़े गए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करती है तो जल्द ही अन्य लोग भी सामने आ सकते हैं। दूसरी ओर, वीरवार को पकड़े गए हजकां के नेता रहे सुशील सैनी को पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। अदालत ने आरोपी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। हालांकि, पुलिस ने उसका 10 दिन का रिमांड मांगा था। जांच अधिकारी एएसआई सुशील कुमार ने बताया कि रिमांड अवधि में आरोपी से ठगी की रकम और उसके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ करेगी। 
विज्ञापन


सैनी ने प्लाट देकर करना चाहा मामला सेटल
पुलिस कार्रवाई की तलवार लटकती देख आरोपी सुशील सैनी ने रुपये के एवज में शिकायत करने वाले हेड कांस्टेबल जगदीश को एक प्लाट देने की पेशकश की थी। जगदीश ने बताया कि कार्रवाई से दो दिन पहले आरोपी ने उन्हें शिव कालोनी में प्लाट देने की बात कही थी, लेकिन सैनी की तरफ से प्लाट की ज्यादा रकम मांगे जाने पर जगदीश ने इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सैनी को गिरफ्तार कर लिया। 
विज्ञापन


गिरोह में हांसी का विकास भी शामिल 
एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर लाखों-करोड़ों की ठगी करने के मामले में हांसी का एक युवक विकास यादव भी शामिल है। हालांकि पुलिस ने उसे एफआईआर में नामजद नहीं किया है, लेकिन उसका नाम सामने आने के बाद हिसार पुलिस से इस संबंध में बात की गई है। इसके अलावा एक आरोपी कोलकाता का पंकज है, जिसे पुलिस ने एफआईआर में नामजद किया है। आरोपी पंकज मुंबई, अहमदनगर और बंगलूरू में भी जगदीश के साथ रहा था। वह बंगाली भाषा में बातचीत करता था। जगदीश ने सभी आरोपियों के मोबाइल नंबर पुलिस को मुहैया करवा दिये हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


विदेशी कॉलेजों तक आरोपियों की पहुंच 
पुलिस ने मामले में गुड़गांव के एक डॉक्टर श्रीभगवान को भी नामजद किया है। श्रीभगवान ने पीड़ित से दाखिला करवाने के नाम पर दो लाख रुपये का कमीशन लिया था। पीड़ित सबसे पहले अपने एक दोस्त के कहने पर इसी डॉक्टर से मिला था। डॉक्टर ने कहा था कि वह तो विदेश में भी मेडिकल में दाखिले दिलवाने का काम करता है। उस डाक्टर ने कहा था कि देश में सारा कामकाज सुशील सैनी के हाथ में है। सुशील से मिलवाने के नाम पर आरोपी ने पीड़ित से दो लाख रुपये कमीशन के नाम पर लिए थे। डाक्टर का किसी अन्य की साझेदारी में गुड़गांव में एक निजी अस्पताल है। जल्द ही पुलिस डाक्टर के घर छापेमारी करेगी। 

कभी मुंबई की धूल फांकी तो कभी बंगलूरू की
आरोपियों ने जगदीश से केवल रुपये ही नहीं ठगे, बल्कि उसे और उसके बेटे से पीछा छुड़ाने के लिए खूब परेशान किया। पहले तो आरोपी दाखिला दिलाने के नाम पर अप्रैल-2015 में जगदीश और उसके बेटे को मुंबई लेकर गए। यहां करीब तीन दिनों तक रहने के बाद आरोपियों ने कहा कि अब दाखिला अहमदनगर के कॉलेज में होगा। इसके बाद जगदीश और उसके बेटे को करीब एक सप्ताह तक अहमदनगर में रखा गया। लेकिन दाखिला नहीं हो सका। लगातार टालमटोल करने के बाद आरोपी झांसे में लेकर जगदीश और उसके बेटे को बंगलूरू लेकर चले गए। यहां करीब एक महीने तक बाप-बेटे रेलवे स्टेशन के समीप रहे। मगर दाखिला नहीं हो सका। इस बीच आरोपी झांसा देते रहे कि जल्द ही मेरिट लग जाएगी।

20 लाख लोन लिया तो एक एकड़ जमीन बेची
एमबीबीएस में दाखिला करवाने के लिए 35 लाख रुपये का इंतजाम करना हेड कांस्टेबल जगदीश के लिए आसान नहीं था। लेकिन बेटे के भविष्य के लिए उसने अपनी खेतीबाड़ी की जमीन पर 20 लाख रुपये का लोन लिया। जमापूंजी के तीन लाख इकट्ठा किये। कुछ रुपये रिश्तेदारों से उधार लिए तब जाकर 35 लाख का जुगाड़ हुआ। जब आरोपियों ने उसके रुपये नहीं दिये तो बैंक और अन्य लोगों का कर्जा चुकाने के लिए जगदीश को गांव की अपनी एक एकड़ जमीन बेचनी पड़ी। अब वह धीरे-धीरे करके कर्ज को उतार रहा है। 

आरोपी डॉक्टर हर साल 50 युवकों को भेजता है विदेश 
एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगी के मामले में आरोपी बनाया गया डॉक्टर श्रीनिवास विदेश में भी मेडिकल में दाखिला दिलवाने के नाम पर ठगी करता है। पुलिस में शिकायत करने वाले जगदीश ने बताया कि आरोपी डाक्टर हर साल करीब 50 युवकों को एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर विदेश भेजता है। प्रति युवक वह 50 हजार रुपये वसूलता है। जगदीश ने बताया कि जब उसने सुशील को 35 लाख रुपये दिये थे तो आरोपी ने कहा था कि काम नहीं हुआ तो एक घंटे में सारे रुपये वापस हो जाएंगे।  

जनवरी में 10 और जुलाई में दिये 23 लाख 
आरोपियों के शातिर दिमाग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन्होंने ठगी की सारी रकम जगदीश से कैश में ली। जगदीश ने बताया कि जनवरी-2015 में उसने सुशील को 10 लाख रुपये का भुगतान किया। इसके बाद 23 लाख रुपये जुलाई-2015 में दिये। शेष दो लाख रुपये गुड़गांव के डॉक्टर को दिये थे। आरोपी की कई बार जगदीश को लेकर दिल्ली भी गए थे। 
 
पैरों में गिरकर मांगे एक लाख, फिर भी नहीं दिये : जगदीश 
एमबीबीएस में दाखिले के नाम पर ठगी की शिकायत करने वाले हेड कांस्टेबल जगदीश का कहना है कि लोन और कर्ज देने वालों को रुपये देने के लिए वह सुशील के घर पैसे मांगने गया था। लेकिन उसे भगा दिया गया। जगदीश ने बताया कि कर्ज के ब्याज के लिए एक लाख रुपये चुकाने को उसने सुशील की पत्नी के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाए, लेकिन उसने नहीं सुनी। जगदीश ने सुशील के भाई से भी रुपये वापस करने की मांग की। आरोप है कि सैनी के भाई ने जगदीश को धमकी भरे लहजे में रुपये देने से इनकार कर दिया। 

बेटे का कर दिया कॅरियर बरबाद
जगदीश ने बताया कि पिछले साल उसके बेटे का बीडीएस और बीएएमएस में नंबर आ गया था। लेकिन आरोपियों ने अपने जाल में ऐसा फंसाया कि बेटे का यहां भी दाखिला नहीं दिलवा सका। जगदीश ने रुंधे गले से कहा कि आरोपियों ने पैसे भी डकार लिए और बेटे का कॅरियर भी बरबाद कर दिया। 

जगदीश को ऐसे फंसाया जाल में 
सबसे पहले जगदीश के एक दोस्त ने उसे गुड़गांव बिलासपुर रोड स्थित डॉ. श्रीनिवास सेे मिलवाया। जगदीश ने डॉक्टर से बेटे के एमबीबीएस में दाखिले की बात कही। इस पर डॉक्टर ने कहा कि वह केवल विदेशों में ही मेडिकल में दाखिल करवाता है। इसके बाद श्रीनिवास ने जगदीश के सामने सुशील का जिक्र किया। सुशील के  बारे में श्रीनिवास ने बताया कि वह बड़ा आदमी है। कई बार चुनाव लड़ चुका है। इसके बाद जगदीश की मुलाकात सुशील सैनी से हुई। सुशील ने उसे भरोसे में लेने के कहा कि उनका महाराष्ट्र के एक ट्रस्टी मेडिकल कॉलेज में जुगाड़ है। यहां तीन सीटों पर उन्हीं के  लोगों का दाखिला होता है। एक दाखिले के नाम पर 35 लाख रुपये लिये जाते हैं। इसमें मुझे एक लाख रुपये का कमीशन मिलता है। इसके बाद जगदीश आरोपियों के जाल में फंसता चला गया। 


लग्जरी कारों के काफिले से जमाया विश्वास 
आरोपियों ने ऐसे ही जगदीश को अपने जाल में नहीं फं साया, उसके लिए कई महंगी कारों का इंतजाम भी करना पड़ा। जगदीश ने बताया कि वह आरोपियों से जहां भी मिला वह महंगी कारों में बैठकर उनसे मिलने आए। यदि एक आरोपी काम में टालमटोल रवैया अपनाता तो दूसरा कहता कि अब वह करवाएगा काम। इसी तरह से आरोपी अपने शिकार को जाल में फंसाकर रखते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed