{"_id":"656640ffe8b67112bf0c3db6","slug":"lawyer-fined-rs-5000-for-sending-shoes-of-wrong-company-rohtak-news-c-17-roh1019-303291-2023-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: वकील को गलत कंपनी के जूते भेजने पर 5 हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: वकील को गलत कंपनी के जूते भेजने पर 5 हजार जुर्माना
विज्ञापन
28सीटीके30...एडवोकेट.महेश शर्मा। स्रोत:स्वयं
रोहतक। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वकील को गलत कंपनी के जूते भेजने पर कोरियर कंपनी पर 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही जूतों की लागत राशि 1589 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित एक माह के अंदर देने के आदेश दिए हैं।
एडवोकेट महेश शर्मा ने बताया कि नवंबर 2022 में उन्होंने ऑनलाइन जूतों का ऑर्डर किया था। कंपनी की तरफ से जब जूते भेजे गए तो वे दूसरी कंपनी के थे। उन्होंने कोरियर लेकर आए युवक से पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद कंपनी से बात की। कंपनी ने पहले तो कहा कि ऑर्डर की कॉपी भेजे, लेकिन बाद में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आखिर में जनवरी 2023 में वकील ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया। साथ में मांग की कि पांच हजार रुपये कानूनी खर्च व साढ़े 5 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिलवाए जाएं। आयोग ने कंपनी को नोटिस भेजा। कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। आखिर में जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाते हुए कंपनी पर 5 हजार रुपये जुर्माना व जूतों की लागत राशि 1589 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं।
उपभोक्ता अपने अधिकारों को समझें
ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदारी करते समय उपभोक्ता पक्का बिल लें। साथ ही कंपनी के दावों को अच्छी तरह परख लें। अगर किसी तरह की धोखाधड़ी होती है तो आवाज उठाएं। अगर सुनवाई नहीं होती है तो जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दाखिल करें। -महेश शर्मा, एडवोकेट।
विज्ञापन
विज्ञापन
एडवोकेट महेश शर्मा ने बताया कि नवंबर 2022 में उन्होंने ऑनलाइन जूतों का ऑर्डर किया था। कंपनी की तरफ से जब जूते भेजे गए तो वे दूसरी कंपनी के थे। उन्होंने कोरियर लेकर आए युवक से पूछताछ की, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद कंपनी से बात की। कंपनी ने पहले तो कहा कि ऑर्डर की कॉपी भेजे, लेकिन बाद में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। आखिर में जनवरी 2023 में वकील ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया। साथ में मांग की कि पांच हजार रुपये कानूनी खर्च व साढ़े 5 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर दिलवाए जाएं। आयोग ने कंपनी को नोटिस भेजा। कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। आखिर में जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाते हुए कंपनी पर 5 हजार रुपये जुर्माना व जूतों की लागत राशि 1589 रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
उपभोक्ता अपने अधिकारों को समझें
ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीदारी करते समय उपभोक्ता पक्का बिल लें। साथ ही कंपनी के दावों को अच्छी तरह परख लें। अगर किसी तरह की धोखाधड़ी होती है तो आवाज उठाएं। अगर सुनवाई नहीं होती है तो जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका दाखिल करें। -महेश शर्मा, एडवोकेट।
विज्ञापन