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Rohtak News: नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं जांचेगी कायाकल्प टीम
Tue, 17 Dec 2024 05:37 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 17 Dec 2024 05:37 PM IST
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जींद। नागरिक अस्पताल में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रहीं स्वास्थ्य सेवाओं को जांचने के लिए कायाकल्प की टीम 20 दिसंबर को आएगी।
टीम में एमओ सीएचसी भूना डाॅ. योगेश यादव, पीएचसी भिरडाना डाॅ. घनश्याम, सीएचसी भूना से डाॅ. हीना शामिल रहेंगी। टीम की ओर से यहां स्वासथ्य सेवाओं की गुणवत्ता को जांचने के साथ ही इमरजेंसी, गायनी, सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
इसके साथ ही अस्पताल में कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर, लेखा शाखा और अन्य प्रकार के रिकार्ड को भी जांचने काम भी किया जाएगा। टीम को सबकुछ बेहतर दिखाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब यह तो समय ही बताएगा कि टीम को जांच में अस्पताल में क्या-क्या खामियां मिलती हैं। टीम के दौरे को लेकर डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने मंगलवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि कायाकल्प टीम में शामिल चिकित्सकों द्वारा अस्पताल में कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर, लेखा शाखा और अन्य प्रकार के रिकाॅर्ड को भी जांचने काम भी किया जाएगा। इस रिकाॅर्ड को दुरस्त कर रखा जाए।
इस अवसर पर डाॅ. अरविंद, डाॅ. रघुवीर पूनिया, डाॅ. मंजू सिंगला, डाॅ. अजय, डाॅ. सुषमलता, डाॅ. सोनल, इंद्रो, नर्सिंग ऑफिसर सुनीता, मूर्ति, आशिमा मौजूद रहे।
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नंबरों के आधार पर मिलता है अवाॅर्ड
स्वच्छ भारत के तहत कायाकल्प कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें अस्पतालों में आपसी प्रतिस्पर्धा से स्वच्छता, गुणवत्ता और बेहतर सुविधाओं एवं सेवाओं में बढोतरी करवाना है। टीम द्वारा इंफेक्शन कंट्रोल, इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई, माहोल, बायामेडिकल वेस्ट, प्रबंधन, शौचालयों में स्वच्छता आदि बिंदुओं को परखा जाता है। इसके बाद टीम की ओर से 100 नंबर से रैंक दिए जाते हैं और फिर अस्पताल प्रशासन को उसी रैंक के आधार पर नकद पुरस्कार मिलता है।
20 दिसंबर को तीन सदस्यीय टीम आएगी जींद
तीन सदस्यीय कायाकल्प टीम के निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा लैब, टीकाकरण की स्थिति, इलाज करने की सुविधाएं, एंबुलेंस व्यवस्था, स्टोर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान टीम को किसी तरह की कोई कमी न मिले, इसको लेकर अधिकारियों ने मंथन भी किया है और स्वास्थ्य सुविधाओं को पुख्ता किया जा रहा है।
जींद अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा, कैसे मिले सुविधाएं
जींद अस्पताल की बात की जाए तो यहां 100-100 बैड की दो बिल्डिंग हैं और चिकित्सकों की भारी कमी है। जींद अस्पताल को 55 चिकित्सकों की जरूरत है, जबकि यहां केवल 24 चिकित्सक ही काम कर रहे हैं। ऐसे में जितने भी संसाधान अस्पताल प्रशासन के मौजूद हैं। उन्हीं से यहां आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। ओपीडी की बात की जाए तो औसतन ओपीडी 1600 तक प्रतिदिन है, जबकि सोमवार और मंगलवार को ओपीडी दो हजार तक पहुंच जाती है।
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कायाकल्प की टीम की ओर से अस्पताल का निरीक्षण किया जाना है। अस्पताल प्रबंधन अपनी तरफ से मरीजों को पूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। चिकित्सकों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। मरीजों को उपचार से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी नही आने दी जा रही है। निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा लैब, टीकाकरण की स्थिति, इलाज करने की सुविधाएं, एंबुलेंस व्यवस्था, स्टोर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के आदेश दिए हैं।
-- डाॅ. राजेश भोला नागरिक अस्पताल जींद।
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टीम में एमओ सीएचसी भूना डाॅ. योगेश यादव, पीएचसी भिरडाना डाॅ. घनश्याम, सीएचसी भूना से डाॅ. हीना शामिल रहेंगी। टीम की ओर से यहां स्वासथ्य सेवाओं की गुणवत्ता को जांचने के साथ ही इमरजेंसी, गायनी, सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा।
इसके साथ ही अस्पताल में कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर, लेखा शाखा और अन्य प्रकार के रिकार्ड को भी जांचने काम भी किया जाएगा। टीम को सबकुछ बेहतर दिखाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब यह तो समय ही बताएगा कि टीम को जांच में अस्पताल में क्या-क्या खामियां मिलती हैं। टीम के दौरे को लेकर डिप्टी एमएस डाॅ. राजेश भोला ने मंगलवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि कायाकल्प टीम में शामिल चिकित्सकों द्वारा अस्पताल में कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर, लेखा शाखा और अन्य प्रकार के रिकाॅर्ड को भी जांचने काम भी किया जाएगा। इस रिकाॅर्ड को दुरस्त कर रखा जाए।
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इस अवसर पर डाॅ. अरविंद, डाॅ. रघुवीर पूनिया, डाॅ. मंजू सिंगला, डाॅ. अजय, डाॅ. सुषमलता, डाॅ. सोनल, इंद्रो, नर्सिंग ऑफिसर सुनीता, मूर्ति, आशिमा मौजूद रहे।
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स्वच्छ भारत के तहत कायाकल्प कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें अस्पतालों में आपसी प्रतिस्पर्धा से स्वच्छता, गुणवत्ता और बेहतर सुविधाओं एवं सेवाओं में बढोतरी करवाना है। टीम द्वारा इंफेक्शन कंट्रोल, इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ-सफाई, माहोल, बायामेडिकल वेस्ट, प्रबंधन, शौचालयों में स्वच्छता आदि बिंदुओं को परखा जाता है। इसके बाद टीम की ओर से 100 नंबर से रैंक दिए जाते हैं और फिर अस्पताल प्रशासन को उसी रैंक के आधार पर नकद पुरस्कार मिलता है।
20 दिसंबर को तीन सदस्यीय टीम आएगी जींद
तीन सदस्यीय कायाकल्प टीम के निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा लैब, टीकाकरण की स्थिति, इलाज करने की सुविधाएं, एंबुलेंस व्यवस्था, स्टोर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के आदेश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान टीम को किसी तरह की कोई कमी न मिले, इसको लेकर अधिकारियों ने मंथन भी किया है और स्वास्थ्य सुविधाओं को पुख्ता किया जा रहा है।
जींद अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा, कैसे मिले सुविधाएं
जींद अस्पताल की बात की जाए तो यहां 100-100 बैड की दो बिल्डिंग हैं और चिकित्सकों की भारी कमी है। जींद अस्पताल को 55 चिकित्सकों की जरूरत है, जबकि यहां केवल 24 चिकित्सक ही काम कर रहे हैं। ऐसे में जितने भी संसाधान अस्पताल प्रशासन के मौजूद हैं। उन्हीं से यहां आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाए जाने का प्रयास किया जा रहा है। ओपीडी की बात की जाए तो औसतन ओपीडी 1600 तक प्रतिदिन है, जबकि सोमवार और मंगलवार को ओपीडी दो हजार तक पहुंच जाती है।
कायाकल्प की टीम की ओर से अस्पताल का निरीक्षण किया जाना है। अस्पताल प्रबंधन अपनी तरफ से मरीजों को पूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। चिकित्सकों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। मरीजों को उपचार से संबंधित किसी तरह की कोई परेशानी नही आने दी जा रही है। निरीक्षण को लेकर अस्पताल प्रशासन द्वारा लैब, टीकाकरण की स्थिति, इलाज करने की सुविधाएं, एंबुलेंस व्यवस्था, स्टोर रूम, दवाइयों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने के आदेश दिए हैं।