{"_id":"64c03b4bf8609e4b32072d44","slug":"jind-received-64-mm-of-rain-not-a-single-drop-fell-in-other-areas-rohtak-news-c-199-1-sroh1007-3155-2023-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जींद में हुई 6.4 एमएम बारिश, अन्य क्षेत्रों में नहीं पड़ी एक भी बूंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जींद में हुई 6.4 एमएम बारिश, अन्य क्षेत्रों में नहीं पड़ी एक भी बूंद
विज्ञापन
25जेएनडी30 : शहर में हुई बारिश के बीच से निकलते लोग। संवाद
जींद। शहर तथा आसपास इलाके में मंगलवार दोपहर बाद हुई जींद में 6.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले के अन्य क्षेत्रों में बूंद भी नहीं पड़ी। हल्की बारिश के बाद उमस से राहत नहीं मिली। आकाश में बादल छाए रहे ओर बारिश के आसार भी बने रहे। अधिकतम तापमान स्थिर बना रहा। जबकि न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आर्दता 72 प्रतिशत तथा हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के
जिले में मानसून सीजन के दौरान अब तक महज 68 एमएम औसतन बारिश हुई है। जो औसतन से 30 एमएम कम है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में उमस बनी हुई है। जिसके चलते बिजली के कट भी लगातार लग रहे है। मगलवार दोपहर को मौसम ने करवट ली ओर आकाश में बादल घिर आए। कुछ देर तक बरिश भी हुई जो 6.4 एमएम दर्ज की गई। जिसके बाद मौसम फिर से उमस भरा हो गया। हालांकि बारिश कुछ ज्यादा नहीं हुई। फिर भी सीवरेज सिस्टम जवाब दे गया। रानी तालाब पर सड़क पर डेढ़ से दो फूट तक पानी जमा हो गया। जितना पानी बारिश से नहीं, उससे ज्यादा पानी सड़क पर सीवरेज उगल रही थी। हालात यहां तक रहे कि पानी को पार करने के लिए लोग सहायता मांग रहे थे। वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कम बारिश से किसान परेशान, 29 जुलाई तक बने आसार
मानसून सीजन के दौरान जिले में बहुत कम बारिश हुई है। बारिश एक साथ न होकर बिखराव में हुई है। अच्छी बारिश नहीं होने से किसान भी परेशान हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी भी सही नहीं निकली। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि इस मानसून सीजन में अबतक औसत से कम बारिश हुई है। 29 जुलाई तक बूंदाबांदी तथा बारिश की संभावना बनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में मानसून सीजन के दौरान अब तक महज 68 एमएम औसतन बारिश हुई है। जो औसतन से 30 एमएम कम है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में उमस बनी हुई है। जिसके चलते बिजली के कट भी लगातार लग रहे है। मगलवार दोपहर को मौसम ने करवट ली ओर आकाश में बादल घिर आए। कुछ देर तक बरिश भी हुई जो 6.4 एमएम दर्ज की गई। जिसके बाद मौसम फिर से उमस भरा हो गया। हालांकि बारिश कुछ ज्यादा नहीं हुई। फिर भी सीवरेज सिस्टम जवाब दे गया। रानी तालाब पर सड़क पर डेढ़ से दो फूट तक पानी जमा हो गया। जितना पानी बारिश से नहीं, उससे ज्यादा पानी सड़क पर सीवरेज उगल रही थी। हालात यहां तक रहे कि पानी को पार करने के लिए लोग सहायता मांग रहे थे। वाहन चालकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
कम बारिश से किसान परेशान, 29 जुलाई तक बने आसार
मानसून सीजन के दौरान जिले में बहुत कम बारिश हुई है। बारिश एक साथ न होकर बिखराव में हुई है। अच्छी बारिश नहीं होने से किसान भी परेशान हैं। मौसम विभाग की भविष्यवाणी भी सही नहीं निकली। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश कुमार ने बताया कि इस मानसून सीजन में अबतक औसत से कम बारिश हुई है। 29 जुलाई तक बूंदाबांदी तथा बारिश की संभावना बनी है।
विज्ञापन