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जाट संस्था के चुनाव पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज, बड़ा फैसला संभव
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 21 Nov 2016 01:19 AM IST
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करीब चार माह बाद जाट संस्था के चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि इसमें चुनाव को लेकर कोई ठोस फैसला हो सकता है। इस सुनवाई पर प्रत्याशियों के साथ-साथ संस्था सदस्यों की भी निगाहें टिकी हैं।
बता दें कि जाट संस्था में पिछले वर्ष गवर्निंग बॉडी को भंग कर प्रशासक को नियुक्त कर दिया गया था। तब से लेकर इस वर्ष जुलाई माह तक कई बार चुनाव की तैयारियां हुईं। शेड्यूल जारी कर 10 जुलाई को चुनाव की तिथि भी निर्धारित कर दी गई। नामांकन से लेकर प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो गए थे, लेकिन ऐनवक्त पर मामला फिर से हाईकोर्ट में पहुंच गया। एक आजीवन सदस्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। मांग करते हुए कहा कि चुनाव नियमों के अनुसार नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में मामला पहुंचते ही इस पर स्टे लगा दिया गया और चुनाव की प्रक्रिया यथास्थिति में छोड़ दी गई थी। करीब चार माह बाद संस्था के चुनाव को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। सुनवाई को लेकर सभी की निगाह टिकी हुईं हैं, क्योंकि प्रशासक की नियुक्ति के कारण संस्था में कोई भी नया कार्य नहीं हो पा रहा है। केवल रूटीन के कार्य ही चल रहे हैं। ऐसे में न कोई कोर्स आ पा रहा है और न ही कोई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
तीन बार बदल गए प्रशासक
जाट संस्था के प्रशासक अब तक तीन बार बदल चुके हैं। पिछले वर्ष तत्कालीन डीसी को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका तबादला होने के बाद डीसी अतुल कुमार के पास प्रशासक की जिम्मेदारी आ गई। कुछ दिन पूर्व नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद मल्हान को संस्था का प्रशासक बना दिया गया।
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इतने वोटर चुनते हैं प्रधान
जाट संस्था में 105 वार्ड हैं, जिसमें लगभग 15500 वोटर हैं। नियमानुसार पहले 105 वार्डों पर कॉलेजियम सदस्यों के चुनाव होने हैं। इसके बाद कॉलेजियम सदस्य संस्था की गवर्निंग बॉडी का चुनाव करेंगे।
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बता दें कि जाट संस्था में पिछले वर्ष गवर्निंग बॉडी को भंग कर प्रशासक को नियुक्त कर दिया गया था। तब से लेकर इस वर्ष जुलाई माह तक कई बार चुनाव की तैयारियां हुईं। शेड्यूल जारी कर 10 जुलाई को चुनाव की तिथि भी निर्धारित कर दी गई। नामांकन से लेकर प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित हो गए थे, लेकिन ऐनवक्त पर मामला फिर से हाईकोर्ट में पहुंच गया। एक आजीवन सदस्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। मांग करते हुए कहा कि चुनाव नियमों के अनुसार नहीं कराए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में मामला पहुंचते ही इस पर स्टे लगा दिया गया और चुनाव की प्रक्रिया यथास्थिति में छोड़ दी गई थी। करीब चार माह बाद संस्था के चुनाव को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। सुनवाई को लेकर सभी की निगाह टिकी हुईं हैं, क्योंकि प्रशासक की नियुक्ति के कारण संस्था में कोई भी नया कार्य नहीं हो पा रहा है। केवल रूटीन के कार्य ही चल रहे हैं। ऐसे में न कोई कोर्स आ पा रहा है और न ही कोई सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
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तीन बार बदल गए प्रशासक
जाट संस्था के प्रशासक अब तक तीन बार बदल चुके हैं। पिछले वर्ष तत्कालीन डीसी को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई थी। उनका तबादला होने के बाद डीसी अतुल कुमार के पास प्रशासक की जिम्मेदारी आ गई। कुछ दिन पूर्व नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद मल्हान को संस्था का प्रशासक बना दिया गया।
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इतने वोटर चुनते हैं प्रधान
जाट संस्था में 105 वार्ड हैं, जिसमें लगभग 15500 वोटर हैं। नियमानुसार पहले 105 वार्डों पर कॉलेजियम सदस्यों के चुनाव होने हैं। इसके बाद कॉलेजियम सदस्य संस्था की गवर्निंग बॉडी का चुनाव करेंगे।