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जाट संस्था प्रशासक पर लगाया संस्था में अवैध भर्तियां करने का आरोप
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जाट शिक्षण संस्थाओं में प्रशासक व प्रशासन की ओर से भाई-भतीजावाद फैलाने का मुद्दा प्रकाश में आया है। लोकहित संस्था ने इस संबंध सुबूत होने का दावा करते हुए प्रशासन पर अवैध भर्तियां करने का भी आरोप लगाया है। संस्था प्रधान एडवोकेट चंचल नांदल ने समस्याओं के समाधान के लिए जल्द सर्वखाप पंचायत बुलाने की चेतावनी दी है। वे शनिवार को मैना पर्यटक केंद्र में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
संस्था प्रधान ने कहा कि जाट स्कूल बंद होने की कगार पर है। इस पर भी अधिकारी यहां अनाप-शनाप नियुक्तियां कर भारी आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रहे हैं। संस्था प्रशासक रहे एक अधिकारी ने अपने रिश्तेदार को नियम व कानूनों को ताक पर रखते हुए कोरोना व लॉकडाउन के दौरान सीआर कॉलेज ऑफ लॉ में पिछले दरवाजे से लैब टेक्नीशियन की नौकरी दी है। जबकि नियम व शर्तों के अनुसार लॉ कॉलेज में लैब टेक्नीशियन की कोई सीट नहीं है। कंप्यूटर लैब लाइब्रेरी का हिस्सा है। इसमें पहले ही लाइब्रेरियन कार्यरत हैं। अपने अधिकारी की तर्ज पर उनके पीए ने अपने बेटे को क्लर्क के तौर पर महारानी किशोरी कन्या महाविद्यालय में पिछले दरवाजे से नौकरी लगवाकर परिवारवाद व भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। इसी कड़ी में अधिकारी के ओएसडी ने अपनी पत्नी को छोटूराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में हेड क्लर्क लगवाया है। पूर्व मंत्री के ड्राइवर की बेटी की नियुक्ति भी संस्था के लॉ कॉलेज में की गई है। इन सब नौकरियों में हुई धांधलियों की जांच किसी सेवानिवृत्त सेशन जज से कराई जाए। खाप-84 प्रधान हरदीप अहलावत ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर हमने 51 सदस्यीय कमेटी बना ली है। यह कमेटी जाट संस्थाओं की देखरेख करेगी।
निजी हितों के लिए की जा रही जाट शिक्षण संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश
जाट शिक्षण संस्थाओं को कुछ लोग व्यक्तिगत हितों को पूरा करने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बदनाम करने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों का संस्था के हित व समाज के बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। यह जानकारी जाट शिक्षण संस्था की प्रशासक अनीता यादव के ओएसडी इंजीनियर सुनील दलाल ने संस्था के आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ दी है। ओएसडी ने कहा कि रोहतक मंडल आयुक्त ने एक मार्च, 2021 को जाट शिक्षण संस्था के प्रशासक का पदभार ग्रहण किया है। इसके बाद से अब तक संस्था की बेहतरी के लिए कार्य किए हैं। शिक्षण संस्थाओं के किसी भी महाविद्यालय या स्कूल में कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। सीआर पालीटेक्निक के ईपीएफ घोटाले की जांच रिटायर्ड आईएएस अधिकारी से कराने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस घोटाले में शामिल सभी व्यक्तियों को चार्जशीट भी किया जा चुका है। जाट स्कूल के कर्मचारियों को पिछले 36 महीने से ज्यादा समय का वेतन नहीं मिला था। कर्मचारियों व उनके परिवार के हित को देखते हुए प्रशासक ने एक कमेटी का गठन किया और उस कमेटी के सुझाव पर कर्मचारियों के वेतन का इंतजाम किया गया।
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संस्था प्रधान ने कहा कि जाट स्कूल बंद होने की कगार पर है। इस पर भी अधिकारी यहां अनाप-शनाप नियुक्तियां कर भारी आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रहे हैं। संस्था प्रशासक रहे एक अधिकारी ने अपने रिश्तेदार को नियम व कानूनों को ताक पर रखते हुए कोरोना व लॉकडाउन के दौरान सीआर कॉलेज ऑफ लॉ में पिछले दरवाजे से लैब टेक्नीशियन की नौकरी दी है। जबकि नियम व शर्तों के अनुसार लॉ कॉलेज में लैब टेक्नीशियन की कोई सीट नहीं है। कंप्यूटर लैब लाइब्रेरी का हिस्सा है। इसमें पहले ही लाइब्रेरियन कार्यरत हैं। अपने अधिकारी की तर्ज पर उनके पीए ने अपने बेटे को क्लर्क के तौर पर महारानी किशोरी कन्या महाविद्यालय में पिछले दरवाजे से नौकरी लगवाकर परिवारवाद व भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। इसी कड़ी में अधिकारी के ओएसडी ने अपनी पत्नी को छोटूराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन में हेड क्लर्क लगवाया है। पूर्व मंत्री के ड्राइवर की बेटी की नियुक्ति भी संस्था के लॉ कॉलेज में की गई है। इन सब नौकरियों में हुई धांधलियों की जांच किसी सेवानिवृत्त सेशन जज से कराई जाए। खाप-84 प्रधान हरदीप अहलावत ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर हमने 51 सदस्यीय कमेटी बना ली है। यह कमेटी जाट संस्थाओं की देखरेख करेगी।
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निजी हितों के लिए की जा रही जाट शिक्षण संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश
जाट शिक्षण संस्थाओं को कुछ लोग व्यक्तिगत हितों को पूरा करने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर बदनाम करने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों का संस्था के हित व समाज के बच्चों के भविष्य से कोई लेना-देना नहीं है। यह जानकारी जाट शिक्षण संस्था की प्रशासक अनीता यादव के ओएसडी इंजीनियर सुनील दलाल ने संस्था के आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ दी है। ओएसडी ने कहा कि रोहतक मंडल आयुक्त ने एक मार्च, 2021 को जाट शिक्षण संस्था के प्रशासक का पदभार ग्रहण किया है। इसके बाद से अब तक संस्था की बेहतरी के लिए कार्य किए हैं। शिक्षण संस्थाओं के किसी भी महाविद्यालय या स्कूल में कोई नई नियुक्ति नहीं की गई है। सीआर पालीटेक्निक के ईपीएफ घोटाले की जांच रिटायर्ड आईएएस अधिकारी से कराने के आदेश जारी हो चुके हैं। इस घोटाले में शामिल सभी व्यक्तियों को चार्जशीट भी किया जा चुका है। जाट स्कूल के कर्मचारियों को पिछले 36 महीने से ज्यादा समय का वेतन नहीं मिला था। कर्मचारियों व उनके परिवार के हित को देखते हुए प्रशासक ने एक कमेटी का गठन किया और उस कमेटी के सुझाव पर कर्मचारियों के वेतन का इंतजाम किया गया।
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