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जाट कॉलेज के प्राचार्य पर लगाया तथ्य छिपाने का आरोप, प्राचार्य ने बताया बेबुनियाद

Tue, 16 Nov 2021 12:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:33 AM IST
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Jat college principal accused of hiding facts, the principal said baseless
पत्रकारों से वार्ता करते एडवोकेट चंचल नांदल व अन्य। संवाद
जाट कॉलेज के प्राचार्य की नियुक्ति पर जाट शिक्षण संस्था के आजीवन सदस्य ने सवालिया निशान लगाए हैं। प्राचार्य की नियुक्ति को गलत ठहराते हुए आवेदन में तथ्य छिपाने, पुलिस की जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सोमवार को मैना पर्यटन केंद्र में पत्रकार वार्ता कर संस्था सदस्य चंचल नांदल ने प्राचार्य को बर्खास्त किए जाने की मांग उठाई है। इधर, प्राचार्य ने आरोपों को बेबुनियाद ठहराते हुए संस्था सदस्य को खुले मंच पर समाज के बीच सवाल-जवाब की चुनौती दी है।
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सोमवार को प्रेसवार्ता में एडवोकेट चंचल नांदल ने कहा कि प्राचार्य महेश ख्यालिया ने तथ्य छिपाकर गलत तरीके से नियुक्ति पाई है। यह नियुक्ति पूरी तरह गलत व अवैध है। इसलिए सरकार उन्हें जल्द बर्खास्त करे। आरटीआई से मिली जानकारी में यह खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य पहले सीआरएम जाट कॉलेज हिसार में फिजिकल एजुकेशन के प्राध्यापक थे। यहां पत्नी को नकल कराने के दोषी पाए जाने पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने उन्हें वर्ष 2002 से 2016 तक लगातार 14 वर्षों के लिए बाहर (डी-बार) कर दिया था। उनकी पत्नी शहर के ही एक कॉलेज में हिंदी की सहायक प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा कि आरटीआई के माध्यम से निदेशक, हायर एजुकेशन से सूचना मिली है कि किसी भी डी-बार व्यक्ति की पदोन्नति नहीं हो सकती है। इससे साफ है कि डॉ. महेश को पदोन्नति देकर प्राचार्य बनाया जाना गलत है। इसके अलावा उनके खिलाफ हिसार के सिविल लाईन थाने में एफआईआर भी दर्ज है। इसमें हत्या प्रयास समेत अन्य धाराएं दर्ज हैं। इसमें एक महिला को नशे में टक्कर मारी व गाली-गलौज करने की बात दर्ज है। जब महिला के पति ने बचाव का प्रयास किया तो रस्सी से उसका गला घोंटने का प्रयास किया गया। इस मामले में जाट कॉलेज हिसार में छात्रों ने लंबी हड़ताल भी की थी। महम चौबीसी खाप के प्रधान तुलसी ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि जब आठ फरवरी 2018 को महेश ख्यालिया ने गुप्त रूप से जाट कॉलेज के प्राचार्य की नियुक्ति के लिए आवेदन भरा तो उसके कॉलम नंबर 14 में अपने डी-बार किए जाने या बाउंड डाउन की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने तथ्यों को छिपाते हुए कॉलम में नो लिखा है। यह जालसाजी है। गठवाला खाप के राष्ट्रीय महासचिव अशोक मलिक ने कहा कि इन्होंने सरकार, जाट संस्था से भी अपने कारनामे छिपाये व समाज को भी धोखा दिया है। उन्हें जल्द कॉलेज प्राचार्य पद से बर्खास्त किया जाए। इस मौके पर देशवाल खाप के कार्यकारी प्रधान नाहर सिंह, खाप-84 के प्रधान हरदीप अहलावत, नांदल खाप प्रवक्ता देवराज नांदल, आजीवन सदस्य सुखबीर दहिया, अशोक नांदल, वीरेंद्र दलाल, पार्षद कदम सिंह अहलावत, बल्हारा खाप संयोजक जलकरण बल्हारा, मॉडल टाऊन ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान अजय धनखड़ मौजूद रहे।
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मुझ पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद : प्राचार्य
प्राचार्य डॉ. महेश ख्यालिया ने कहा कि चंचल नांदल व अन्य के लगाए गए आरोप बेबुनियाद व तथ्य से परे हैं। प्राचार्य पद पर नियुक्ति पूरी तरह वैध है। इसे उच्च न्यायालय ने वैध किया है। प्राचार्य पद का विज्ञापन दो अखबारों में दिया गया था। ये दोनों अखबार कॉलेज में आते हैं। कुरुक्षेत्र विवि से मुझे डी-बार किए जाने का आरोप भी गलत है। विवि ने एक व्यक्ति की शिकायत पर फैसला दिया था। बाद में अपनी शिकायत दी तो कमेटी बैठी। कमेटी ने जांच के बाद क्लीन चिट दी। पुलिस थाने में दर्ज हत्या प्रयास का मामला फर्जी था। जांच अधिकारी ने अपनी जांच में आरोप गलत पाए। खुद आरोप लगाने वाले ने अदालत में इस बारे में लिखित बयान दिया है कि उसका कोई विवाद नहीं है। यही नहीं, प्राचार्य पद पर नियुक्ति से पहले भी मेरी शिकायत डीएचई से की गई थी। इस पर हिसार एसपी ने जांच की और मुझे नियुक्ति मिली। एमडीयू की ईसी ने भी नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह सब मेरा नाम खराब करने के लिए किया जा रहा है। इस मामले में वकील से सलाह कर आरोप लगाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी तरह की कोई शंका हो तो आरोप लगाने वाले खुले मंच पर समाज के प्रतिष्ठित लोगों के बीच सवाल-जवाब कर सकते हैं। इसमें खाप भी बुलाई जा सकती है।
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