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चीन से लौटे युवक को एक सप्ताह घर से बाहर न निकलने के निर्देश
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जिला अस्पताल में 3 लेयर मास्क लगा कर मरिजों की जांच करते डॉक्टर । संवाद न्यूज एजेंसी
चीन में फैले कोरोना वायरस के चलते हरियाणा में भी अलर्ट जारी किया हुआ है। सेक्टर-14 में रहने वाला एक युवक चीन से लौटा है, यह सूचना मिलते ही जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक के घर जांच के लिए पहुंची। प्राथमिक जांच में युवक का स्वास्थ्य ठीक मिला है। फिर भी एहतियात के तौर पर टीम ने युवक को एक सप्ताह घर से बाहर न निकलने के निर्देश दिए हैं। वहीं, केस हिस्ट्री में युवक की पत्नी व बच्चे को जुकाम और बुखार होने का पता चला है। युवक की पत्नी और बच्चा झांसी गए हुए हैं। टीम ने झांसी के सिविल सर्जन को युवक की पत्नी व बच्चे के स्वास्थ्य की जांच कराने का संदेश भिजवा दिया है।
16 दिन पहले आया है चीन से
स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली से सूचना मिली कि रोहतक के सेक्टर-14 में रहने वाला 31 वर्षीय एक युवक चीन से लौटा है। इस पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने नौ एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम युवक की जांच के लिए तैयार की। टीम युवक के घर पहुंची तो पता चला कि युवक तकरीबन 16 दिन पहले चीन से आया था। अब उसे चीन में कोरोना वायरस के फैलने का पता चला तो उसने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी देना उचित समझा। कोरोना वायरस के चलते बिगड़ रही स्थिति को ध्यान में रखते हुए युवक को संदेह हुआ कि उसकी पत्नी व बच्चे को जुकाम और बुखार है, कहीं वह उसके कारण वायरस की चपेट में तो नहीं आ गए हैं।
पीजीआईएमएस में व्यवस्था की दुरुस्त
पीजीआईएमएस प्रशासन ने कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने डॉ. ध्रुव चौधरी को प्रमुख नोडल अधिकारी और डॉ. पवन ने सहायक नोडल अधिकारी लगाया गया है। दोनों ने शुक्रवार जिम्मेदारी ले ली है। मुख्य विभागों के डॉक्टरों को भी इस वायरस से ग्रस्त लोगों का उपचार करने की टीम में शामिल कर लिया गया है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए तैनात टीम ने ब्लॉक सी का जायजा लेकर व्यवस्था दुरुस्त कर ली है।
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जिला अस्पताल में एन-95 मास्क की जगह प्रयोग हो रहा थ्री लेयर मास्क
डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों को ताक पर रख कर प्रदेश में जारी अलर्ट का जिला अस्पताल मजाक बना रहा है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश जारी किए हैं कि अस्पताल परिसर में हर डॉक्टर, नर्स व स्टाफ को वायरस से बचाने के लिए एन-95 मास्क दिए जाए। अस्पताल परिसर हमेशा रेड जोन एरिया में होता है। कई बार पता नहीं चल पाता कि कौन सा मरीज किस वायरस से ग्रस्त है। इसके बावजूद शुक्रवार को जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ एन-95 मास्क की जगह थ्री लेयर मास्क में दिखाई दिए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि उन्होंने सिविल सर्जन की गाइडलाइन के अनुसार सभी डॉक्टरों व स्टाफ को निर्देश जारी कर रखा है कि वह अपना एन-95 मास्क इशू करवा लें।
कोरोना वायरस के लक्षण
बुखार आना, सिरदर्द, नाक बहना, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न
फैलने का कारण
- संक्रमित व्यक्ति के खुली जगह में छींकने व खांसने से
- संक्रमित व्यक्ति के हाथ मिलाने व गले लगने से
- संक्रमित जगह से संपर्क में आने के बाद बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह व नाक को छूने से
बचाव के लिए दें ध्यान
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं
- नियमित रूप से दिन में कई बार हाथों को साबुन एवं साफ पानी से धोएं
- बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह व नाक को न छुएं
सेक्टर में एक युवक के संबंध में कुछ जानकारी आई थी। इसके तहत एक टीम को मौके पर भेज दिया गया था। युवक चीन से आया था, इसलिए उसे संदेह था। प्राथमिक जांच में युवक के अंदर कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। लेकिन एहतियात के तौर पर उसके झांसी गए परिवार की जांच करवाने के लिए वहां के सिविल सर्जन को संदेश भिजवा दिया गया है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
कोरोना वायरस से घबराने की बजाए एडवाइजरी पर करें गौर : डीसी
उपायुक्त आरएस वर्मा ने जिला वासियों से कोरोना वायरस को लेकर किसी के बहकावे में न आने की अपील की है। प्रशासनिक अधिकारी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिले में कोरोना वायरस का कोई भी संदिग्ध मामला नहीं है। इस वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इसलिए आम जनता को इस एडवाइजरी पर गौर करना चाहिए। जिला अस्पताल व पीजीआईएमएस रोहतक में इस समस्या से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। चिकित्सकों के पास पर्याप्त पीपीई किट व मास्क उपलब्ध हैं।
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16 दिन पहले आया है चीन से
स्वास्थ्य विभाग को दिल्ली से सूचना मिली कि रोहतक के सेक्टर-14 में रहने वाला 31 वर्षीय एक युवक चीन से लौटा है। इस पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने नौ एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम युवक की जांच के लिए तैयार की। टीम युवक के घर पहुंची तो पता चला कि युवक तकरीबन 16 दिन पहले चीन से आया था। अब उसे चीन में कोरोना वायरस के फैलने का पता चला तो उसने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी देना उचित समझा। कोरोना वायरस के चलते बिगड़ रही स्थिति को ध्यान में रखते हुए युवक को संदेह हुआ कि उसकी पत्नी व बच्चे को जुकाम और बुखार है, कहीं वह उसके कारण वायरस की चपेट में तो नहीं आ गए हैं।
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पीजीआईएमएस में व्यवस्था की दुरुस्त
पीजीआईएमएस प्रशासन ने कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी कर ली है। प्रशासन ने डॉ. ध्रुव चौधरी को प्रमुख नोडल अधिकारी और डॉ. पवन ने सहायक नोडल अधिकारी लगाया गया है। दोनों ने शुक्रवार जिम्मेदारी ले ली है। मुख्य विभागों के डॉक्टरों को भी इस वायरस से ग्रस्त लोगों का उपचार करने की टीम में शामिल कर लिया गया है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए तैनात टीम ने ब्लॉक सी का जायजा लेकर व्यवस्था दुरुस्त कर ली है।
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जिला अस्पताल में एन-95 मास्क की जगह प्रयोग हो रहा थ्री लेयर मास्क
डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों को ताक पर रख कर प्रदेश में जारी अलर्ट का जिला अस्पताल मजाक बना रहा है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश जारी किए हैं कि अस्पताल परिसर में हर डॉक्टर, नर्स व स्टाफ को वायरस से बचाने के लिए एन-95 मास्क दिए जाए। अस्पताल परिसर हमेशा रेड जोन एरिया में होता है। कई बार पता नहीं चल पाता कि कौन सा मरीज किस वायरस से ग्रस्त है। इसके बावजूद शुक्रवार को जिला अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ एन-95 मास्क की जगह थ्री लेयर मास्क में दिखाई दिए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्र ने बताया कि उन्होंने सिविल सर्जन की गाइडलाइन के अनुसार सभी डॉक्टरों व स्टाफ को निर्देश जारी कर रखा है कि वह अपना एन-95 मास्क इशू करवा लें।
कोरोना वायरस के लक्षण
बुखार आना, सिरदर्द, नाक बहना, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न
फैलने का कारण
- संक्रमित व्यक्ति के खुली जगह में छींकने व खांसने से
- संक्रमित व्यक्ति के हाथ मिलाने व गले लगने से
- संक्रमित जगह से संपर्क में आने के बाद बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह व नाक को छूने से
बचाव के लिए दें ध्यान
- संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में न आएं
- नियमित रूप से दिन में कई बार हाथों को साबुन एवं साफ पानी से धोएं
- बिना हाथ धोए अपनी आंख, मुंह व नाक को न छुएं
सेक्टर में एक युवक के संबंध में कुछ जानकारी आई थी। इसके तहत एक टीम को मौके पर भेज दिया गया था। युवक चीन से आया था, इसलिए उसे संदेह था। प्राथमिक जांच में युवक के अंदर कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। लेकिन एहतियात के तौर पर उसके झांसी गए परिवार की जांच करवाने के लिए वहां के सिविल सर्जन को संदेश भिजवा दिया गया है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
कोरोना वायरस से घबराने की बजाए एडवाइजरी पर करें गौर : डीसी
उपायुक्त आरएस वर्मा ने जिला वासियों से कोरोना वायरस को लेकर किसी के बहकावे में न आने की अपील की है। प्रशासनिक अधिकारी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिले में कोरोना वायरस का कोई भी संदिग्ध मामला नहीं है। इस वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से एडवाइजरी जारी की जा चुकी है। इसलिए आम जनता को इस एडवाइजरी पर गौर करना चाहिए। जिला अस्पताल व पीजीआईएमएस रोहतक में इस समस्या से निपटने के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। चिकित्सकों के पास पर्याप्त पीपीई किट व मास्क उपलब्ध हैं।