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Rohtak News: पीएचडी फीस वृद्धि के विरोध में इनसो का प्रदर्शन
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22. एमडीयू में इनसो के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक रजिस्ट्रार प्रो. संदीप बंसल को अपने बात रखते हु
- फोटो : samvad
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में शुक्रवार को अकादमिक काउंसिल की बैठक से पहले पीएचडी फीस वृद्धि के विरोध में इनसो (इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन) ने प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक के साथ विद्यार्थियों ने होटल मैनेजमेंट विभाग के सेमिनार हॉल के बाहर करीब एक घंटे तक नारेबाजी कर विरोध जताया। इस दौरान कुलपति, रजिस्ट्रार सहित अकादमिक काउंसिल के सदस्यों को मांगपत्र सौंपकर फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की गई।
इनसो की मांग है कि एसएफएस के तहत पीएचडी शोधार्थियों की बढ़ाई गई दोगुनी-तिगुनी फीस वापस ली जाए और सभी शोधार्थियों के लिए समान फीस व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा हर साल 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने के प्रावधान को भी वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान रजिस्ट्रार डॉ. संदीप बंसल मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अकादमिक काउंसिल की बैठक में पीएचडी फीस वृद्धि को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
इनसो प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक ने कहा कि सरकारी विश्वविद्यालयों में गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे भी उच्च शिक्षा और शोध के समान रूप से हकदार हैं। फीस में लगातार बढ़ोतरी से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी शोध से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि वापस लेने और समान फीस व्यवस्था लागू होने तक इनसो विद्यार्थियों की आवाज उठाता रहेगा।
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इनसो की मांग है कि एसएफएस के तहत पीएचडी शोधार्थियों की बढ़ाई गई दोगुनी-तिगुनी फीस वापस ली जाए और सभी शोधार्थियों के लिए समान फीस व्यवस्था लागू की जाए। इसके अलावा हर साल 10 प्रतिशत फीस बढ़ाने के प्रावधान को भी वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान रजिस्ट्रार डॉ. संदीप बंसल मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से ज्ञापन लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अकादमिक काउंसिल की बैठक में पीएचडी फीस वृद्धि को लेकर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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इनसो प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक ने कहा कि सरकारी विश्वविद्यालयों में गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे भी उच्च शिक्षा और शोध के समान रूप से हकदार हैं। फीस में लगातार बढ़ोतरी से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी शोध से दूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि वापस लेने और समान फीस व्यवस्था लागू होने तक इनसो विद्यार्थियों की आवाज उठाता रहेगा।
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