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मां- बाप की हत्या से बेसुध अभिषेक बोला, मम्मी-पापा बिना नहीं रह सकता
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रोते बिलखते बेटे को संभालते लोग। अमर उजाला
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बबलू पहलवान उसकी पत्नी बबली और सास रोशनी की हत्या के बाद आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। तीनों के शव जब घर के बाहर पुलिस पोस्टमार्टम के लिए लेकर जाने लगी तो दूसरे घर से रोते बिलखते हुए उसका बेटा अभिषेक बोला कि, मेरे मम्मी-पापा को कहां लेकर जा रहे हो। मुझे उनका चेहरा देखना है। मैं अपने मम्मी पापा के बिना नहीं रह सकता। बार-बार इन शब्दों को सुनकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। बेटे को रिश्तेदार और दोस्त बार-बार चुप करवा रहे थे। वहीं बबलू की मां भी बिलखते हुए कह रही थी कि मुझे मेरे बेटे की शक्ल तो दिखा दो। ....
दीपक ने बुलाया था मौसी रोशनी को अपने जन्मदिन पर
घटनास्थल पर आए मृतका बबली के ममेरे भाई दीपक ने बताया कि उसकी मौसी रोशनी 24 अगस्त को जीजा बबलू के घर आई थी। मौसी अक्सर मिलने के लिए आ जाया करती थी। 26 अगस्त को मेरा जन्मदिन था, मैंने मौसी रोशनी को भी आमंत्रित किया। मौसी बोली कि जरूर आऊंगी। परंतु नहीं आई। जब मैंने मौसी को फोन किया कि क्यों नहीं आई तो बोली नाराज न हो। दीपक का कहना है कि जीजा बबलू भी आए थे, परंतु काम होने की वजह से जल्दी निकल गए। काश मौसी रोशनी आती तो शायद इस हत्याकांड में उसकी जान ना जाती।
तिहरे हत्याकांड के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत
पड़ोसियों ने बताया कि बबलू और उसकी पत्नी दोनों ही ऊंची कद काठी और शारीरिक रूप से मजबूत थे। बबलू शाम को घर के बाहर तबेले से ही दूध लेकर आता था और गली में ही लोगों के साथ बैठकर हुक्के पर गपशप करता था। पड़ोसियों ने बताया कि तिहरे हत्याकांड से पूरी कॉलोनी में दहशत है।
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गाड़ी की जांच करती दिखी पुलिस
तिहरे हत्याकांड की जांच करने भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा सीआईए की टीम भी पहुंची। इस दौरान एक गाड़ी की तलाशी भी ली गई। यह गाड़ी किसकी है और तलाशी क्यों ली गई। इस बारे में पुलिस अभी कुछ नहीं बोल रही है।
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दीपक ने बुलाया था मौसी रोशनी को अपने जन्मदिन पर
घटनास्थल पर आए मृतका बबली के ममेरे भाई दीपक ने बताया कि उसकी मौसी रोशनी 24 अगस्त को जीजा बबलू के घर आई थी। मौसी अक्सर मिलने के लिए आ जाया करती थी। 26 अगस्त को मेरा जन्मदिन था, मैंने मौसी रोशनी को भी आमंत्रित किया। मौसी बोली कि जरूर आऊंगी। परंतु नहीं आई। जब मैंने मौसी को फोन किया कि क्यों नहीं आई तो बोली नाराज न हो। दीपक का कहना है कि जीजा बबलू भी आए थे, परंतु काम होने की वजह से जल्दी निकल गए। काश मौसी रोशनी आती तो शायद इस हत्याकांड में उसकी जान ना जाती।
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तिहरे हत्याकांड के बाद पूरी कॉलोनी में दहशत
पड़ोसियों ने बताया कि बबलू और उसकी पत्नी दोनों ही ऊंची कद काठी और शारीरिक रूप से मजबूत थे। बबलू शाम को घर के बाहर तबेले से ही दूध लेकर आता था और गली में ही लोगों के साथ बैठकर हुक्के पर गपशप करता था। पड़ोसियों ने बताया कि तिहरे हत्याकांड से पूरी कॉलोनी में दहशत है।
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गाड़ी की जांच करती दिखी पुलिस
तिहरे हत्याकांड की जांच करने भारी पुलिस बल पहुंचा। पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा सीआईए की टीम भी पहुंची। इस दौरान एक गाड़ी की तलाशी भी ली गई। यह गाड़ी किसकी है और तलाशी क्यों ली गई। इस बारे में पुलिस अभी कुछ नहीं बोल रही है।