फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   In ward four of PGI, the dead body was kept in the ward of the patients for two days, the patients kept trying to avoid the foul smell by lighting incense.

पीजीआई के वार्ड चार में मरीजों के वार्ड में दो दिन से रखी रही डेड बाडी, धूप-बत्ती कर दुर्गंध से बचने की कोशिश करते रहे मरीज

Thu, 25 Aug 2022 02:09 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Aug 2022 02:09 AM IST
विज्ञापन
In ward four of PGI, the dead body was kept in the ward of the patients for two days, the patients kept trying to avoid the foul smell by lighting incense.
पीजीआई के वार्ड 4 में दो दिन से रखी डेड बॉडी। विज्ञप्ति
पीजीआई के वार्ड नंबर चार में बुधवार को दिनभर मरीज दुर्गंध से बेहाल रहे। यहां मंगलवार शाम से एक शव स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। मरीजों व उनके तीमारदारों के आग्रह के बावजूद चिकित्सकों व स्टाफ ने शव वहां से हटवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में मामला मीडिया तक पहुंचा तो रात करीब साढ़े शव वहां से हटाया गया। इसके बाद मरीजों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन

वार्ड चार के मरीजों व उनके तीमारदारों ने कहा कि बुधवार को दिनभर दुर्गंध ने परेशान रखा। इससे बचने के लिए चार धूप व खुशबू वाली अगरबत्तियां भी जलाईं। इसके बावजूद बुरा हाल रहा। इसकी वजह वार्ड में ही मरीजों के बेड के पास मंगलवार शाम से एक शव वहां का रखा होना था। यह शव सड़ रहा था। इस कारण तेज दुर्गंध पूरे वार्ड में फैल गई थी। इस बारे में स्टाफ व डॉक्टरों से कहा तो उन्होंने हाथ लगाने से साफ इनकार कर दिया। लोगों को भी इसे पुलिस का मामला बताते हुए छूने से मनाकर दिया। उन्हें कहा गया कि हमने अपना काम कर दिया है। अब पुलिस का काम है। वही इस अज्ञात शव को ले जाएगी। इस संबंध में मामला मीडिया के पास पहुंचा तो अधिकारियों से इस लचर व्यवस्था के बारे में पूछा गया। इस पर हरकत में अधिकारियों ने तुरंत व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। इसके चलते रात करीब साढ़े नौ बजे स्ट्रेचर पर रखा शव वहां से हटा दिया गया।
विज्ञापन

शवगृह में क्यों नहीं रखा शव
पीजीआई में शवों के रखरखाव को लेकर उठा विवाद नया नहीं है। पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। इस बार प्रशासन इस मामले की जांच करवाएगा। इस बारे में पीजीआई के एमएस डॉ. ईश्वर सिंह ने शव को वार्ड में स्ट्रेचर रखे जाने का कारण पूछने का विश्वास दिलाया है। शव को शवगृह में रखवा कर खुले में मरीजों के बीच रखने वाले पर कार्रवाई की गाज भी गिर सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed