फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   In Rohtak, the number of infected reached 557, 17 new patients including PNB workers were found.

रोहतक में संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचा 557, पीएनबी कर्मी समेत मिले 17 नए मरीज

Mon, 29 Jun 2020 10:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:42 PM IST
विज्ञापन
In Rohtak, the number of infected reached 557, 17 new patients including PNB workers were found.
कोरोना संक्रमण काल में सोमवार को पीएनबी कर्मचारी सहित 17 नये कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है। 17 मरीजों सहित जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 557 पहुंच गई है। इसमें खास यह है कि 260 मरीज अभी तक ठीक हो चुके हैं। फिलहाल जिले में 290 कोरोना के एक्टिव मरीज हैं। इसमें 88 पीजीआईएमएस में उपचाराधीन हैं और 202 होम आइसोलेट हैं।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन में संजय नगर से दो, विशाल नगर से एक, श्रीनगर कॉलोनी से चार, कच्चा बेरी रोड से एक, आर्य नगर से एक, जल बोर्ड से एक, कैलाश कॉलोनी, शिवम एन्क्लेव, आर्य नगर, गांधी कैंप, सुनारिया क्वार्टर व सनसिटी से एक-एक नये कोरोना संक्रमित मिले हैं। इसमें अधिकांश मामले स्थानीय संक्रमितों के कांटेक्ट में आने वाले नये मरीज हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम आइसोलेट किए जा रहे मरीज गाइड लाइन की कितनी पालना कर रहे हैं। गौरतलब है कि कपड़ा व्यापारी, निजी अस्पताल, होटल में भी कोरोना का संक्रमण मिला है।
विज्ञापन

बाहर से आने वाले संक्रमित रुके तो लोकल लेवल पर बढ़ रहा संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो अब बाहर से संक्रमित मरीज कम आ रहे हैं। लेकिन स्थानीय संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से नये संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसलिए जरूरी है कि स्थानीय लोग सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें। यदि आमजन सावधानी बरतते हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

करौंथा वासी को मिली पिता का अंतिम संस्कार करने की अनुमति
- दिल्ली के अस्पताल में कोरोना से हो गई थी मौत, केंद्रीय गृह मंत्रालय की हिदायतों का पालन करने के दिए निर्देश
गांव करौंथा निवासी एक व्यक्ति को गांव में ही अपने पिता का अंतिम संस्कार करने की इजाजत दी गई है। उसके पिता की दिल्ली के एक अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक करौंथा निवासी कुलदीप धनखड़ ने रविवार रात करीब नौ बजे जिला मजिस्ट्रेट आरएस वर्मा को अर्जी दी। जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के द्वारका स्थित वेंकटेश्वर अस्पताल में इलाज के दौरान उनके पिता की कोरोना से मौत हो गई है। वह अपने गांव के श्मशान घाट में पिता का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं, प्रशासन इसकी इजाजत दे। जिला मजिस्ट्रेट ने तत्काल ही इस मामले में सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी कि ऐसे केसों में केंद्रीय परिवार भलाई मंत्रालय की क्या हिदायतें हैं। सिविल सर्जन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार कोरोना मरीज की जिस अस्पताल में मौत हुई है, उसके शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उसी अस्पताल की होती है। इसके लिए अस्पताल को शव मॉर्चरी में रखकर अच्छी तरह डिस-इन्फेक्ट करना होता है। ट्रेंड हेल्थ केयर वर्कर ही शव को संभालते हैं। अस्पताल को ही शव को श्मशान घाट तक पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित वैन मुहैया करवानी होती है, ताकि संक्रमण न फैले। उस वैन में भी ट्रेंड हेल्थ केयर वर्कर ही जाते हैं। जिन्हें प्रोटोकॉल के मुताबिक हर समय पर्सनल प्रोटेक्शन किट पहननी होती है। अस्पताल की ही जिम्मेदारी होती है कि श्मशान घाट में शव पहुंचाने के बाद केंद्रीय मंत्रालय की हिदायतों के मुताबिक ही उसका संस्कार करवाए। जलाने के लिए सारा सामान मृतक के परिजन उपलब्ध करवाते हैं। अस्पताल और कोरोना से मरने वाले के परिजनों को केंद्रीय सरकार के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट ने धनखड़ को अपने पिता उमराव सिंह का अंतिम संस्कार अपने गांव करौंथा में करने की इजाजत दे दी। साथ ही सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि वह सुनिश्चित करें कि दिल्ली का अस्पताल सारे निर्देशों का पालन करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed