{"_id":"69091a1723748701c6058942","slug":"in-rohtak-the-administration-stopped-the-marriage-of-two-minor-girls-rohtak-news-c-17-roh1019-756236-2025-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: रोहतक में प्रशासन ने दो नाबालिग बेटियों की शादी रुकवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: रोहतक में प्रशासन ने दो नाबालिग बेटियों की शादी रुकवाई
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। देवउठनी एकादशी पर सांपला में 15 साल व शिवाजी कॉलोनी में 17 साल की नाबालिग को बालिका वधू बनने से रोक दिया। माता-पिता को कार्यालय में बुलाकर शपथ पत्र लिया कि वे बेटियों के बालिग होने तक शादी नहीं करेंगे।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने बताया कि एकादशी पर जिलेभर में 250 से ज्यादा शादियां हुईं। चार दिन पहले सूचना मिल गई थी कि सांपला में 15 साल की नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है।
2 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर बरात आएगी। जांच के बाद सूचना सही मिली तो लड़की के माता-पिता को महिला थाना स्थित कार्यालय में बुलाया गया। माता-पिता को बताया गया कि 18 साल से कम उम्र में शादी करना गैर कानूनी है। शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
दूल्हे के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। माता-पिता ने शपथ पत्र दिया कि बालिग होने पर ही बेटी की शादी करेंगे। 2 नवंबर को प्रशासन ने नजर भी रखी कि लड़की की चुपचाप शादी न कर दी जाए। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ।
शिवाजी कॉलोनी से वधू के साथ वर पक्ष को भी बुलाया
जांच अधिकारी ने बताया कि शिवाजी कॉलोनी से सूचना मिली थी कि 17 साल की लड़की की शादी 2 नवंबर को होगी। बरात कलानौर खंड के एक गांव से आएगी। पहले ही लड़की के माता-पिता के अलावा वर पक्ष को भी महिला थाने में बुलाया गया। दोनों पक्षों ने शपथ पत्र दिया कि एक साल बाद लड़की बालिग हो जाएगी। इसके बाद शादी करेंगे।
सात माह में रुकवाए गए आठ बाल विवाह
करमिंदर कौर ने बताया कि लड़के की उम्र 21 साल होनी चाहिए। बाल विवाह करवाने या इसमें शामिल होने वालों को दो साल तक की सजा व एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अप्रैल 2025 से अक्तूबर 2025 तक आठ बाल विवाह रुकवाए गए हैं।
-- -- -- --
धार्मिक स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग, बाल विवाह की दें सूचना
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने बताया कि देवउठनी एकादशी से शादियों का सीजन शुरू हो गया है। विभाग की ओर से संस्था एमडीडी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। धार्मिक व सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता के लिए होर्डिंग लगाए गए हैं। आम लोग बाल विवाह की सूचना पुलिस की हेल्पलाइन 181, 112 और 9466106100 पर दे सकते हैं।
विज्ञापन
रोहतक। देवउठनी एकादशी पर सांपला में 15 साल व शिवाजी कॉलोनी में 17 साल की नाबालिग को बालिका वधू बनने से रोक दिया। माता-पिता को कार्यालय में बुलाकर शपथ पत्र लिया कि वे बेटियों के बालिग होने तक शादी नहीं करेंगे।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने बताया कि एकादशी पर जिलेभर में 250 से ज्यादा शादियां हुईं। चार दिन पहले सूचना मिल गई थी कि सांपला में 15 साल की नाबालिग लड़की की शादी करवाई जा रही है।
विज्ञापन
2 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर बरात आएगी। जांच के बाद सूचना सही मिली तो लड़की के माता-पिता को महिला थाना स्थित कार्यालय में बुलाया गया। माता-पिता को बताया गया कि 18 साल से कम उम्र में शादी करना गैर कानूनी है। शादी को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
दूल्हे के खिलाफ पाॅक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाएगा। माता-पिता ने शपथ पत्र दिया कि बालिग होने पर ही बेटी की शादी करेंगे। 2 नवंबर को प्रशासन ने नजर भी रखी कि लड़की की चुपचाप शादी न कर दी जाए। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ।
शिवाजी कॉलोनी से वधू के साथ वर पक्ष को भी बुलाया
जांच अधिकारी ने बताया कि शिवाजी कॉलोनी से सूचना मिली थी कि 17 साल की लड़की की शादी 2 नवंबर को होगी। बरात कलानौर खंड के एक गांव से आएगी। पहले ही लड़की के माता-पिता के अलावा वर पक्ष को भी महिला थाने में बुलाया गया। दोनों पक्षों ने शपथ पत्र दिया कि एक साल बाद लड़की बालिग हो जाएगी। इसके बाद शादी करेंगे।
सात माह में रुकवाए गए आठ बाल विवाह
करमिंदर कौर ने बताया कि लड़के की उम्र 21 साल होनी चाहिए। बाल विवाह करवाने या इसमें शामिल होने वालों को दो साल तक की सजा व एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है। अप्रैल 2025 से अक्तूबर 2025 तक आठ बाल विवाह रुकवाए गए हैं।
धार्मिक स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग, बाल विवाह की दें सूचना
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने बताया कि देवउठनी एकादशी से शादियों का सीजन शुरू हो गया है। विभाग की ओर से संस्था एमडीडी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। धार्मिक व सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता के लिए होर्डिंग लगाए गए हैं। आम लोग बाल विवाह की सूचना पुलिस की हेल्पलाइन 181, 112 और 9466106100 पर दे सकते हैं।