{"_id":"68168176af9cafd976053e3a","slug":"in-22-hospitals-of-the-district-the-injured-in-road-accidents-will-get-cashless-treatment-up-to-rs-15-lakh-rohtak-news-c-17-roh1020-646180-2025-05-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: जिले के 22 अस्पतालों में सड़क हादसों में घायलों का होगा डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: जिले के 22 अस्पतालों में सड़क हादसों में घायलों का होगा डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज
Sun, 04 May 2025 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 04 May 2025 02:19 AM IST
विज्ञापन
रोहतक। सड़क हादसों में घायल हुए लोगों का इलाज कराने के लिए रोहतक पुलिस ने 22 अस्पतालों को चिह्नित किया है। इनकी सूची भी जारी की है। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद पुलिस और एंबुलेंस चिह्नित अस्पताल में लेकर जाएगी और वहां पर डेढ़ लाख रुपये तक का इलाज किया जाएगा।
यदि इलाज की और जरूरत है और मरीज को दाखिल करना पड़ता है तो उस राशि को परिवार के लोगों को देना पड़ेगा। हालांकि, आयुष्मान कार्ड धारक है तो उनके लिए यह राशि पांच लाख तक है तो उनको राशि देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आयुष्मान योजना के तहत अभी तक लोगों को सामान्य इलाके के लिए पांच लाख रुपये तक की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब सड़क दुर्घटना में घायलों को भी डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इसके लिए उनको कोई राशि नहीं देनी होगी। यदि इस राशि से इलाज का खर्च अधिक होता है तो फिर परिवार के लोगों को उक्त राशि जमा करानी होगी।
सड़क हादसे में घायल का इलाज करने से कोई अस्पताल नहीं करेगा इन्कार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। ऐसी हालत में कोई भी अस्पताल प्राथमिक उपचार करने से इन्कार नहीं कर सकता। अस्पताल की पहली प्राथमिकता होगी कि वह इलाज करें और फिर आयुष्मान योजना से इलाज का बिल मांगे। यदि ऐसा नहीं करते है तो घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जीवन रक्षक और जरूरी उपकरणों के साथ चिह्नित अस्पताल के लिए रेफर किया जा सकता है।
विज्ञापन
योजना से जुड़ी कुछ खास बातें बताई
घायलों को डेढ़ लाख रुपये तक या सात दिन तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। घायल को गोल्डन आवर में इलाज के लिए किसी भी अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। इससे ज्यादा खर्च होने पर परिजन काे बिल जमा करना होगा। व्यक्ति सड़क हादसे में ही घायल हुआ है, इसका सत्यापन पुलिस को 6 घंटे में करना होगा। घायल मरीज के अस्पताल में भर्ती होने के तत्काल बाद अस्पताल प्रबंधन को आयुष्मान के पोर्टल पर हादसे की ऑनलाइन देनी होगी। घायल को आम नागरिक लेकर आया है तो अस्पताल प्रबंधन पुलिस को भी तत्काल सूचना देगा। यदि यह साबित नहीं होता है कि व्यक्ति सड़क हादसे में घायल नहीं हुआ है तो इसकी राशि मरीज को ही देनी होगी।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
आयुष्मान के तहत अस्पतालों का नाम
कायनोस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, खेड़ी साध, होली हार्ट सुपर स्पेशल एवं ट्रॉमा सेंटर, नोबल हार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पॉजिट्रॉन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कैंसर केयर अस्पताल, राम गोपाल कॉलोनी, तृप्ति सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, सन फ्लैग ग्लोबल अस्पताल, नवजीवन हॉस्पिटल मॉडल टाउन, लाइफ केयर अस्पताल, मेड स्टार अस्पताल, मानसरोवर हॉस्पिटल, वी केयर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, संघी नर्सिंग होम एंड ट्रामा सेंटर, मान मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, ऑक्सीजन हॉस्पिटल दुर्गा भवन, एडवांटा हॉस्पिटल, सिवाच अस्पताल, संजीवनी प्लस हॉस्पिटल, ऑस्कर अस्पताल पीजीआई, प्रगति हॉस्पिटल और सिवाच संजीवनी हॉस्पिटल आदि शामिल है।
आयुष्मान के तहत सड़क हादसों में घायल हुए लोगों का इलाज कराने के लिए जिले के 22 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। इनमें सड़क हादसे में घायलों को डेढ़ लाख तक का इलाज कैशलेश मिलेगा।
-नरेंद्र बिजारणिया, पुलिस अधीक्षक।
विज्ञापन
यदि इलाज की और जरूरत है और मरीज को दाखिल करना पड़ता है तो उस राशि को परिवार के लोगों को देना पड़ेगा। हालांकि, आयुष्मान कार्ड धारक है तो उनके लिए यह राशि पांच लाख तक है तो उनको राशि देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आयुष्मान योजना के तहत अभी तक लोगों को सामान्य इलाके के लिए पांच लाख रुपये तक की सुविधा मिलती थी, लेकिन अब सड़क दुर्घटना में घायलों को भी डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इसके लिए उनको कोई राशि नहीं देनी होगी। यदि इस राशि से इलाज का खर्च अधिक होता है तो फिर परिवार के लोगों को उक्त राशि जमा करानी होगी।
विज्ञापन
सड़क हादसे में घायल का इलाज करने से कोई अस्पताल नहीं करेगा इन्कार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को गोल्डन आवर में नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। ऐसी हालत में कोई भी अस्पताल प्राथमिक उपचार करने से इन्कार नहीं कर सकता। अस्पताल की पहली प्राथमिकता होगी कि वह इलाज करें और फिर आयुष्मान योजना से इलाज का बिल मांगे। यदि ऐसा नहीं करते है तो घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जीवन रक्षक और जरूरी उपकरणों के साथ चिह्नित अस्पताल के लिए रेफर किया जा सकता है।
विज्ञापन
योजना से जुड़ी कुछ खास बातें बताई
घायलों को डेढ़ लाख रुपये तक या सात दिन तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। घायल को गोल्डन आवर में इलाज के लिए किसी भी अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है। इससे ज्यादा खर्च होने पर परिजन काे बिल जमा करना होगा। व्यक्ति सड़क हादसे में ही घायल हुआ है, इसका सत्यापन पुलिस को 6 घंटे में करना होगा। घायल मरीज के अस्पताल में भर्ती होने के तत्काल बाद अस्पताल प्रबंधन को आयुष्मान के पोर्टल पर हादसे की ऑनलाइन देनी होगी। घायल को आम नागरिक लेकर आया है तो अस्पताल प्रबंधन पुलिस को भी तत्काल सूचना देगा। यदि यह साबित नहीं होता है कि व्यक्ति सड़क हादसे में घायल नहीं हुआ है तो इसकी राशि मरीज को ही देनी होगी।
आयुष्मान के तहत अस्पतालों का नाम
कायनोस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, खेड़ी साध, होली हार्ट सुपर स्पेशल एवं ट्रॉमा सेंटर, नोबल हार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, पॉजिट्रॉन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कैंसर केयर अस्पताल, राम गोपाल कॉलोनी, तृप्ति सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, सन फ्लैग ग्लोबल अस्पताल, नवजीवन हॉस्पिटल मॉडल टाउन, लाइफ केयर अस्पताल, मेड स्टार अस्पताल, मानसरोवर हॉस्पिटल, वी केयर मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, संघी नर्सिंग होम एंड ट्रामा सेंटर, मान मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, ऑक्सीजन हॉस्पिटल दुर्गा भवन, एडवांटा हॉस्पिटल, सिवाच अस्पताल, संजीवनी प्लस हॉस्पिटल, ऑस्कर अस्पताल पीजीआई, प्रगति हॉस्पिटल और सिवाच संजीवनी हॉस्पिटल आदि शामिल है।
आयुष्मान के तहत सड़क हादसों में घायल हुए लोगों का इलाज कराने के लिए जिले के 22 अस्पतालों को आयुष्मान योजना से जोड़ा गया है। इनमें सड़क हादसे में घायलों को डेढ़ लाख तक का इलाज कैशलेश मिलेगा।
-नरेंद्र बिजारणिया, पुलिस अधीक्षक।