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सवा माह से चल रही थी शराब की अवैध फैक्टरी
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महम-हिसार बाईपास रोड पर पुलिस ने अवैध शराब बनाने की फैक्टरी का छापा मारकर जांच करती पुलिस। विज्ञप
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महम में हिसार रोड पर ढाबे के पीछे सवा माह से शराब की अवैध फैक्टरी चल रही थी। रात को पुलिस व आबकारी विभाग की दबिश में यह बात सामने आई है। महम थाने में हिसार निवासी राकेश व महम के बाबा दलेल गिरी व अन्य के खिलाफ अवैध तरीके से शराब बनाने का मामला दर्ज किया है।
महम थाने के इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार रात को गश्त के दौरान सूचना मिली कि महम-हिसार बाईपास रोड पर शेरे पंजाब ढाबे के पीछे पानी के बॉटलिंग प्लांट की आड़ में राकेश निवासी हिसार, दलेल बाबा निवासी महम नकली शराब की अवैध फैक्टरी चला रहे हैं। यहां पर अवैध रूप से नकली जहरीली शराब बनाकर बाहर सप्लाई करते हैं। पुलिस आबकारी विभाग की टीम को साथ लेकर शेरे पंजाब ढाबे के पीछे बने शेड पर पहुंची। शेड के नीचे गेट के पास काफी मात्रा में पानी की बोतलें रखी थीं, जिन पर अमृती गंगा वाटर का लेबल लगा हुआ था। उसके आगे बड़े शेड के नीचे जाकर देखा तो 5-6 युवक शराब की पैकिंग कर रहे थे। पूछने पर युवकों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में बताया कि उनको पानी के प्लांट में काम करने के लिए बुलाया गया था। उसके बाद शराब की अवैध फैक्टरी में करीब सवा माह से शराब बनाई जा रही है। फैक्टरी में स्पिरिट का टैंकर आता है। करीब 4-5 बार बड़े ट्रक में तैयार की हुई शराब बाहर भेजी जा चुकी है। शराब बनाने की फैक्टरी को चलाने वाले मालिक राकेश निवासी हिसार, बाबा दलेल गिरी निवासी महम व उनके साथी धर्मेंद्र, विशाल व अन्य हैं।
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आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर बोले - नहीं दिया हुआ है किसी तरह का लाइसेंस
पुलिस के मुताबिक, आबकारी विभाग के निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि अंदर नकली व जहरीली शराब भरी हुई है। विभाग की तरफ से फैक्टरी को किसी तरह का लाइसेंस या परमिट नहीं दिया गया है।
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40 लाख का माल हुआ बरामद
पुलिस व आबकारी विभाग की टीम के मुताबिक मौके से 538 पेटी प्लास्टिक के पव्वे, 374 पेटियों के पव्वों पर कोई लेबल नहीं था। 143 पेटियों में शराब बिना लेबल के भरी हुई है, जो कुल 1716 बोतलें हैं। बरामद शराब के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा प्लास्टिक की 880 खाली बोतलें, 81660 पव्वे, 5120 गत्ता बंडल, ढक्कन की 12 पेटियां, लेबल व स्टीकर 23535, नकली शराब बनाने व पैकिंग करने का एक प्लांट सिस्टम, शराब बनाने की एक बॉटलिंग मशीन, एक चेन मशीन, एक मिक्सर मोटर, एक प्रेशर पंप, दो सिलिंग मशीन, एक कैन, जिसमें 20 लीटर फ्लावर भरा हुआ है। साथ ही 2 ड्रायर मशीनें, पानी की एक मोटर व दो प्लास्टिक पाइप, एक टैंक स्टील के अलावा एक कमरे में 5 टंकियां 5-5 हजार लीटर की मिलीं। जांच करने पर उनमें चार टंकियों में लगभग 13 हजार लीटर स्प्रिट भरा मिला। एक टंकी खाली रखी थी। पूरे सामान की कीमत 40 लाख के करीब आंकी गई है।
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महम थाने के इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने दी शिकायत में बताया कि शुक्रवार रात को गश्त के दौरान सूचना मिली कि महम-हिसार बाईपास रोड पर शेरे पंजाब ढाबे के पीछे पानी के बॉटलिंग प्लांट की आड़ में राकेश निवासी हिसार, दलेल बाबा निवासी महम नकली शराब की अवैध फैक्टरी चला रहे हैं। यहां पर अवैध रूप से नकली जहरीली शराब बनाकर बाहर सप्लाई करते हैं। पुलिस आबकारी विभाग की टीम को साथ लेकर शेरे पंजाब ढाबे के पीछे बने शेड पर पहुंची। शेड के नीचे गेट के पास काफी मात्रा में पानी की बोतलें रखी थीं, जिन पर अमृती गंगा वाटर का लेबल लगा हुआ था। उसके आगे बड़े शेड के नीचे जाकर देखा तो 5-6 युवक शराब की पैकिंग कर रहे थे। पूछने पर युवकों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं। पूछताछ में बताया कि उनको पानी के प्लांट में काम करने के लिए बुलाया गया था। उसके बाद शराब की अवैध फैक्टरी में करीब सवा माह से शराब बनाई जा रही है। फैक्टरी में स्पिरिट का टैंकर आता है। करीब 4-5 बार बड़े ट्रक में तैयार की हुई शराब बाहर भेजी जा चुकी है। शराब बनाने की फैक्टरी को चलाने वाले मालिक राकेश निवासी हिसार, बाबा दलेल गिरी निवासी महम व उनके साथी धर्मेंद्र, विशाल व अन्य हैं।
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आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर बोले - नहीं दिया हुआ है किसी तरह का लाइसेंस
पुलिस के मुताबिक, आबकारी विभाग के निरीक्षक बलवान सिंह ने बताया कि अंदर नकली व जहरीली शराब भरी हुई है। विभाग की तरफ से फैक्टरी को किसी तरह का लाइसेंस या परमिट नहीं दिया गया है।
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40 लाख का माल हुआ बरामद
पुलिस व आबकारी विभाग की टीम के मुताबिक मौके से 538 पेटी प्लास्टिक के पव्वे, 374 पेटियों के पव्वों पर कोई लेबल नहीं था। 143 पेटियों में शराब बिना लेबल के भरी हुई है, जो कुल 1716 बोतलें हैं। बरामद शराब के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा प्लास्टिक की 880 खाली बोतलें, 81660 पव्वे, 5120 गत्ता बंडल, ढक्कन की 12 पेटियां, लेबल व स्टीकर 23535, नकली शराब बनाने व पैकिंग करने का एक प्लांट सिस्टम, शराब बनाने की एक बॉटलिंग मशीन, एक चेन मशीन, एक मिक्सर मोटर, एक प्रेशर पंप, दो सिलिंग मशीन, एक कैन, जिसमें 20 लीटर फ्लावर भरा हुआ है। साथ ही 2 ड्रायर मशीनें, पानी की एक मोटर व दो प्लास्टिक पाइप, एक टैंक स्टील के अलावा एक कमरे में 5 टंकियां 5-5 हजार लीटर की मिलीं। जांच करने पर उनमें चार टंकियों में लगभग 13 हजार लीटर स्प्रिट भरा मिला। एक टंकी खाली रखी थी। पूरे सामान की कीमत 40 लाख के करीब आंकी गई है।