{"_id":"5ea091638ebc3e908501716f","slug":"if-your-electricity-bill-is-high-then-there-is-no-need-to-worry-whatsapp-will-be-improved-to-sdo-rohtakcity-news-rtk55194913","type":"story","status":"publish","title_hn":"यदि आपका बिजली का बिल ज्यादा आ गया है, तो कतई परेशान होने की जरूरत नहीं, एसडीओ को करें व्हाट्सएप होगा सुधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यदि आपका बिजली का बिल ज्यादा आ गया है, तो कतई परेशान होने की जरूरत नहीं, एसडीओ को करें व्हाट्सएप होगा सुधार
विज्ञापन
यदि आपका बिजली बिल औसत से ज्यादा आया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप अपने बिजली कनेक्शन नंबर के साथ मीटर की रीडिंग का मैसेज एसडीओ के नंबर पर व्हाट्सएप करेंगे तो नया बिल मिल जाएगा। यही नहीं, जिन उपभोक्ताओं को बिल नहीं मिला है, वह स्वयं रीडिंग भेजकर भी बिल बनवा सकते हैं। यही नहीं, यदि बिल का भुगतान कर दिया है या मैसेज नहीं आया हैं, तो भी अगले बिल में स्वत: ज्यादा भुगतान की राशि समायोजित होकर आएगी।
24 मार्च से लॉकडाउन की वजह से बिजली निगम के अधिकांश कर्मियों ने कामकाज बंद कर दिया। इसकी वजह से अधिकांश उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग नहीं ली जा सकी। ऐसे में बिजली निगम के अधिकारियों ने तय किया कि इस बार उपभोक्ताओं को आरएनपी (रीडिंग नोट टेकन) के बिल बनाकर भेजे जाए। इसके साथ ही गत वर्ष की मार्च व अप्रैल में जितनी रीडिंग से बिल आए थे, उसके हिसाब से बिल बनाकर भेजे गए। इसका परिणाम यह रहा कि अधिकांश उपभोक्ताओं को औसत से ज्यादा रीडिंग के बिल मिले हैं, जिससे वह काफी परेशान है। उपभोक्ताओं की समझ नहीं आ रहा कि आखिर कहां और कैसे इस समस्या का निदान करवाया जाए। क्योंकि लॉकडाउन में वह घर से बाहर नहीं निकल सकते हैं। ऑनलाइन बिल ज्यादा आने की काफी शिकायतें आने के बाद बिजली निगम ने फैसला लिया है कि अब उपभोक्ता स्वयं रीडिंग बताएगा। इसके तहत ज्यादा रीडिंग के आए बिलों में भी सुधार होगा। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा बिल आने पर उपभोक्ता को परेशान होने की जरूरत नहीं है, वह अपने मीटर की रीडिंग के साथ अपने कनेक्शन नंबर की जानकारी एसडीओ को व्हाट्सएप पर भेजेंगे तो समस्या का निदान होगा और उपभोक्ता द्वारा बताई रीडिंग का बिल मिलेगा।
ज्यादा भुगतान की राशि होगी समायोजित
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार बंसल ने बताया कि लॉकडाउन में मीटर की रीडिंग नहीं आई थी, जिसके चलते आरएनपी की बिल भेजे गए थे। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसका बिल ज्यादा आया है, तो वह अपनी रीडिंग और मीटर की डिटेल का मैसेज संबंधित एसडीओ को भेजे। कुछ ही देर में उपभोक्ता द्वारा बताई गई रीडिंग का बिल मिल जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता ने बिल का भुगतान कर दिया है, तो भी वह परेशान नहीं हो। जब भी विभाग रीडिंग लेकर बिल भेजेगा, उसमें ज्यादा भुगतान की गई राशि समायोजित की जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता स्वयं अपनी रीडिंग भेजेगा तो उसी के हिसाब से बिल बनाकर भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
24 मार्च से लॉकडाउन की वजह से बिजली निगम के अधिकांश कर्मियों ने कामकाज बंद कर दिया। इसकी वजह से अधिकांश उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग नहीं ली जा सकी। ऐसे में बिजली निगम के अधिकारियों ने तय किया कि इस बार उपभोक्ताओं को आरएनपी (रीडिंग नोट टेकन) के बिल बनाकर भेजे जाए। इसके साथ ही गत वर्ष की मार्च व अप्रैल में जितनी रीडिंग से बिल आए थे, उसके हिसाब से बिल बनाकर भेजे गए। इसका परिणाम यह रहा कि अधिकांश उपभोक्ताओं को औसत से ज्यादा रीडिंग के बिल मिले हैं, जिससे वह काफी परेशान है। उपभोक्ताओं की समझ नहीं आ रहा कि आखिर कहां और कैसे इस समस्या का निदान करवाया जाए। क्योंकि लॉकडाउन में वह घर से बाहर नहीं निकल सकते हैं। ऑनलाइन बिल ज्यादा आने की काफी शिकायतें आने के बाद बिजली निगम ने फैसला लिया है कि अब उपभोक्ता स्वयं रीडिंग बताएगा। इसके तहत ज्यादा रीडिंग के आए बिलों में भी सुधार होगा। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा बिल आने पर उपभोक्ता को परेशान होने की जरूरत नहीं है, वह अपने मीटर की रीडिंग के साथ अपने कनेक्शन नंबर की जानकारी एसडीओ को व्हाट्सएप पर भेजेंगे तो समस्या का निदान होगा और उपभोक्ता द्वारा बताई रीडिंग का बिल मिलेगा।
विज्ञापन
ज्यादा भुगतान की राशि होगी समायोजित
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता सुरेश कुमार बंसल ने बताया कि लॉकडाउन में मीटर की रीडिंग नहीं आई थी, जिसके चलते आरएनपी की बिल भेजे गए थे। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि उसका बिल ज्यादा आया है, तो वह अपनी रीडिंग और मीटर की डिटेल का मैसेज संबंधित एसडीओ को भेजे। कुछ ही देर में उपभोक्ता द्वारा बताई गई रीडिंग का बिल मिल जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता ने बिल का भुगतान कर दिया है, तो भी वह परेशान नहीं हो। जब भी विभाग रीडिंग लेकर बिल भेजेगा, उसमें ज्यादा भुगतान की गई राशि समायोजित की जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता स्वयं अपनी रीडिंग भेजेगा तो उसी के हिसाब से बिल बनाकर भेजा जाएगा।
विज्ञापन