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धर्म नहीं कर सकते तो अधर्म न करो : पवन
Wed, 01 Jul 2026 09:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 01 Jul 2026 09:35 PM IST
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19-गांधी नगर स्थित मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के बाद भजनों पर झूमते श्रद्धालु। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। धर्म नहीं कर सकते तो अधर्म भी मत करो। दान कर नहीं सकते तो लेना भी नहीं चाहिए। एक हाथ से लेते हैं तो दूसरे हाथ से दान करना भी चाहिए। यह कहना है कथा वाचक पवन भारद्वाज का। वह बुधवार को गांधी नगर स्थित श्रीराम नीलकंठ मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे।
कथा वाचक ने कहा कि आदान-प्रदान प्रकृति का नियम है। यह दोनों ओर से होता है। आदान-प्रदान नहीं होगा तो व्यवस्था रुक जाएगी। दान तो दान है। दान खुलकर व निस्वार्थ भाव से करना चाहिए। भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रीहरि के भजन प्रस्तुत किए।
इन पर श्रद्धालु झूम उठे। उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रीराम चरित्र व श्रीकृष्ण जन्म व बामन अवतार के प्रसंग सुनाते हुए उनके जीवन से सीख लेने का संदेश दिया।
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रोहतक। धर्म नहीं कर सकते तो अधर्म भी मत करो। दान कर नहीं सकते तो लेना भी नहीं चाहिए। एक हाथ से लेते हैं तो दूसरे हाथ से दान करना भी चाहिए। यह कहना है कथा वाचक पवन भारद्वाज का। वह बुधवार को गांधी नगर स्थित श्रीराम नीलकंठ मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं को प्रवचन दे रहे थे।
कथा वाचक ने कहा कि आदान-प्रदान प्रकृति का नियम है। यह दोनों ओर से होता है। आदान-प्रदान नहीं होगा तो व्यवस्था रुक जाएगी। दान तो दान है। दान खुलकर व निस्वार्थ भाव से करना चाहिए। भगवान कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रीहरि के भजन प्रस्तुत किए।
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इन पर श्रद्धालु झूम उठे। उन्होंने श्रद्धालुओं को श्रीराम चरित्र व श्रीकृष्ण जन्म व बामन अवतार के प्रसंग सुनाते हुए उनके जीवन से सीख लेने का संदेश दिया।
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